{"_id":"578e62984f1c1b1d7fc4b7bd","slug":"abandoned-water-reached-brajgat","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोड़ा गया पानी पहुंचा ब्रजघाट और उफनाई गंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोड़ा गया पानी पहुंचा ब्रजघाट और उफनाई गंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 19 Jul 2016 10:56 PM IST
विज्ञापन
जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को लेकर तहसील प्रशासन सतर्क
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर और हरिद्वार से लाखों क्यूसिक छोड़ा गया पानी मंगलवार को ब्रजघाट गंगा में पहुंचने पर गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो गई। इसके चलते खादर क्षेत्र में पानी बढ़ने का सिलसिला जारी है। वहीं, गंगा में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से खादर में दहशत बरकरार है।
विज्ञापन
पांच दिनों से लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके चलते खादर क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों में बेचैनी है। बख्तावरपुर, आरकपुर, लठीरा समेत कई गांवों के संपर्क रास्तों पर भी पानी भर रहा है, जिससे ग्रामीणों को दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
वहीं, रेतीले टापू पर बसा गांव गंगानगर चौतरफा उफनती गंगा की जलधारा से घिर गया है। एसडीएम शमशाद हुसैन और तहसीलदार भगत सिंह ने खादर क्षेत्र के बाढ़ संभावित गांवों की स्थिति का निरीक्षण कर राहत चौकियों को अलर्ट किया है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग कंट्रोल रूम के सूत्रों का कहना है कि मंगलवार शाम 6 बजे बिजनौर से 1.25 लाख 176, सुबह को 1.45 लाख 176, हरिद्वार से 83.263 हजार और सुबह को 89.605 क्यूसिक पानी रिलीज किया गया है। बुधवार दोपहर तक यह पानी ब्रजघाट गंगा में पहुंच जाएगा।
केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार का कहना है कि 24 घंटों के भीतर गंगा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 198.50 मीटर के निशान पर पहुंच गया है।
एसडीएम शमशाद हुसैन का कहना है कि डेंजर जोन 199.33 मीटर पर है, जिससे फिलहाल बाढ़ की संभावना नहीं है। राहत चौकियों को सतर्क कर दिया है। लेखपाल और राजस्व कर्मियों को बाढ़ संभावित गांवों की निगरानी और इसकी रिपोर्ट तहसील मुख्यालय को भेजने का जिम्मा सौंपा गया है।
नमामि गंगे समिति की टीम ने मंगलवार को जिला संयोजक अशोक शर्मा, नगर संयोजक डॉ.मगन सिंह, रोहित मल्होत्रा, सूरज सिंह, डालचंद के नेतृत्व में आरकपुर, नयाबांस, बख्तावरपुर समेत कई बाढ़ संभावित गांवों का दौरा किया।
इस दौरान पीड़ित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। समिति ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने के साथ ही प्रदेश शासन से पीड़ित किसानों को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
गढ़ खादर के गांव कुदैनी की मंढैया का प्राइमरी स्कूल चौतरफा पानी से घिर गया है। इसके बाद भी छुट्टी न किए जाने से बच्चों की जान जोखिम में डाला जा रहा है। हेड मास्टर देवेंद्र सिंह का कहना है कि विभागीय स्तर से कोई आदेश न आने पर फिलहाल छुट्टी किया जाना संभव नहीं है।