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चोरों के काटे तार में उलझी ट्रेन
Hapur
Updated Sat, 06 Dec 2014 05:30 AM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग पर विद्युतीकरण के लिए डाले जा रहे ओएचई तार शुक्रवार शाम चोरों ने काट दिए। इससे पहले कि वे उसे समेट पाते, दिल्ली से बरेली जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस आ गई। उसके इंजन में कटे तार उलझे तो कई खंभे गिर गए। चालक के इमरजेंसी ब्रेक लगाने से बड़ा हादसा टल गया लेकिन सुनसान इलाके में ट्रेन के इस तरह रुकने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। पौन घंटे की मशक्कत के बाद तारों को इंजन के पहियों से निकाला गया। इसके बाद ही ट्रेन आगे रवाना हो सकी।
बता दें कि दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग को विद्युतीकरण से जोड़ने की कवायद इन दिनों जोरों पर चल रही है, जिसके तहत गढ़ क्षेत्र में रेलवे लाइनों की साइडों में खंभे गाढ़कर उन पर तांबे का तार खींचा जा रहा है। शुक्रवार की रात करीब पौने 7 बजे कुछ चोर गांव अठसैनी और सरूरपुर के जंगल में इलेक्ट्रिक लाइन से तांबे के तार काट रहे थे, तो इसी दौरान दिल्ली की ओर से डाउन ट्रैक पर आ रही इंटरसिटी एक्सप्रेस को देख वे भाग गए।
ट्रेन का इंजन कटे तारों में उलझा तो अचानक खिंचाव से कई खंभे बुरी तरह टेढ़े हो गए। इधर झटके लगने पर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई। सुनसान जंगल में अचानक ट्रेन रुकने से उसमें सफर कर रहे सैकड़ों यात्री किसी अनहोनी की आशंका से कांप उठे। बाद में कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेन के पहियों में उलझे तार को बाहर निकाला गया। इसके चलते ट्रेन पौन घंटे की देरी से रवाना हुई। आरपीएफ चौकी इंचार्ज रामबाबू का कहना है कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल प्रारंभ कर दी गई है, जिससे बहुत जल्द सारी सच्चाई का खुलासा कर लिया जाएगा।
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कई बार चोरी हुए तार
रेलवे के इलेक्ट्रिक लाइन से तार चोरी होने की यह पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी तीन सप्ताह के दौरान चोरों ने तीन बार तार काट लिया था। पिछले दिनों अल्लाबख्शपुर के सामने काटे गए तार को ट्रेन आती देख चोर ट्रैक पर छोड़ भागे थे। अठसैनी और सिंभावली के पास काटे गए सैकड़ों मीटर तार को चोर लेकर चंपत हो गए थे।
रखवाली के लिए सिर्फ 2 पुलिसवाले
इलेक्ट्रिक लाइन से तार चोरी रोकने के उद्देश्य से दो पुलिस वालों की ड्यूटी भी लगी हुई है। उन्हें रात में 8 से लेकर प्रात:काल होने तक रेलवे लाइन के पेट्रोलिंग का जिम्मा सौंपा गया है।
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बता दें कि दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग को विद्युतीकरण से जोड़ने की कवायद इन दिनों जोरों पर चल रही है, जिसके तहत गढ़ क्षेत्र में रेलवे लाइनों की साइडों में खंभे गाढ़कर उन पर तांबे का तार खींचा जा रहा है। शुक्रवार की रात करीब पौने 7 बजे कुछ चोर गांव अठसैनी और सरूरपुर के जंगल में इलेक्ट्रिक लाइन से तांबे के तार काट रहे थे, तो इसी दौरान दिल्ली की ओर से डाउन ट्रैक पर आ रही इंटरसिटी एक्सप्रेस को देख वे भाग गए।
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ट्रेन का इंजन कटे तारों में उलझा तो अचानक खिंचाव से कई खंभे बुरी तरह टेढ़े हो गए। इधर झटके लगने पर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई। सुनसान जंगल में अचानक ट्रेन रुकने से उसमें सफर कर रहे सैकड़ों यात्री किसी अनहोनी की आशंका से कांप उठे। बाद में कड़ी मशक्कत के बाद ट्रेन के पहियों में उलझे तार को बाहर निकाला गया। इसके चलते ट्रेन पौन घंटे की देरी से रवाना हुई। आरपीएफ चौकी इंचार्ज रामबाबू का कहना है कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल प्रारंभ कर दी गई है, जिससे बहुत जल्द सारी सच्चाई का खुलासा कर लिया जाएगा।
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कई बार चोरी हुए तार
रेलवे के इलेक्ट्रिक लाइन से तार चोरी होने की यह पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी तीन सप्ताह के दौरान चोरों ने तीन बार तार काट लिया था। पिछले दिनों अल्लाबख्शपुर के सामने काटे गए तार को ट्रेन आती देख चोर ट्रैक पर छोड़ भागे थे। अठसैनी और सिंभावली के पास काटे गए सैकड़ों मीटर तार को चोर लेकर चंपत हो गए थे।
रखवाली के लिए सिर्फ 2 पुलिसवाले
इलेक्ट्रिक लाइन से तार चोरी रोकने के उद्देश्य से दो पुलिस वालों की ड्यूटी भी लगी हुई है। उन्हें रात में 8 से लेकर प्रात:काल होने तक रेलवे लाइन के पेट्रोलिंग का जिम्मा सौंपा गया है।