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प्रदूषण को नियंत्रित कर सकते हैं हरित रसायन: प्रो. अमर

Hapur Updated Mon, 01 Dec 2014 05:30 AM IST
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हापुड़। ‘हरित रसायन के उपयोग से वातवरण में विषैले रसायनों की मात्रा घटाई जा सकती है। विषैले रसायनों के चलते ही अनेक बीमारियां पैदा हो रही हैं। ’ यह बात रविवार को एसएसवी पीजी काॅलेज में चल रही दो दिवसीय एफपीएसटीएसजी-2014 राष्ट्रीय कांफ्रेंस के समापन अवसर पर प्रोफेसर अमर श्रीवास्तव ने कही।
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गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ड्रॉ.अनुराग सिंह बघेल ने प्रकृति से प्रेरणा लेकर कंप्यूटर व गणित की समस्याओं की समाधान पर अपना शोध प्रस्तुत किया। डा.देवराज सिंह पाल ने समस्त चीजों की इलास्टिक व पराश्रव्यिक विवेचना कर भविष्य में उनकी उपयोगिता बढ़ाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की। राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला दिल्ली के प्रोफेसर पीके सिंह ने कहा कि सूर्य की असीमित विकरण से सिलीकॉन चिप का प्रयोग कर भविष्य में अधिक से अधिक बिजली उत्पादन किया जा सकता है। सेमीनार में नैनो टैक्नोलॉजी, पॉलीमर विज्ञान, इंटरनेट, कम्युनिकेशन, विकिरण ऊर्जा, पर्यावरण परिवर्तन, कंप्यूटर तकनीक, ग्लोबल वार्मिंग, गणितीय क्रिप्ट्रोग्राफी, सेल्यूलर रेडियो सिस्टम विषयों पर प्रोफेसर, वैज्ञानिकों व शोधरत छात्र/छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार गोयल और प्राचार्य डा.राजेंद्र कुमार ने डॉ.संगीता अग्रवाल और डॉ.मानवेंद्र सिंह बघेल को गोष्ठी के सफल आयोजन पर बधाई दी। संचालन स्वागता बसु ने किया। सुरेश चंद संपादक, प्राचार्य डॉ.राजेंद्र कुमार ने आभार जताया। डॉ.विनोद शर्मा, डॉ.नीनू अग्रवाल, प्रोफेसर जयमाला, डॉ.एके गुप्ता, डॉ.एमएस बघेल का सहयोग रहा।

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