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इस बार बीच गंगा नहीं बसेगा डेयरी
Hapur
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। कार्तिक पूर्णिमा पर खादर में लगने वाले गंगा मेले में इस बार बीच जलधारा डेरा नहीं बसेगा। वजह गंगा का अधिक जलस्तर और तेजी से हुआ भूकटान । ऐसे में बीच जलधारा में तंबू लगाकर मेले का आनंद उठाने के इच्छुक लोगों को मेला स्थल में ही अपना डेरा डालना होगा।
गंगा मेला के पिछले कई सालों से मेरठ सेक्टर को गंगा की जलधारा के बीच स्थित रेतीले टापू पर बनता रहा है। इस पर आने-जाने के लिए जिला पंचायत कुलाबे दबाकर अस्थाई पुल भी तैयार कराता है। उम्मीद से इतर इस बार गंगा नदी का जलस्तर अभी तक कम नहीं हो पाया है। वहीं तो बरसात के सीजन में प्रारंभ हुआ गंगा का कटान अभी तक थम नहीं पाया है। इससे जलधारा के बीच में रेतीला टापू न बन पाने से इस बार गंगा नदी के बीचोबीच डेरा डालने की श्रद्धालुओं की इच्छा धूमिल पड़ती जा रही है। बता दें अगर गंगा की जलधारा के बीच आईलैंड नहीं बन पाया, तो फिर आए साल उसमें पड़ाव डालने वाले 10 लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं को अपने तामझाम के साथ मेला स्थल पर ही जगह तलाशनी होगी।
गंगा नदी के जलस्तर के नियंत्रण और उसमें गिरावट के लिए शीघ्र ही सिंचाई विभाग के आला अफसरों से वार्ता की जाएगी। जिससे जलस्तर में गिरावट होने पर गंगा नदी की जलधारा के बीच रेतीला टापू छूट जाएगा, जिसमें पहुंचने के लिए तेजी के साथ अस्थाई पुल बनवाकर श्रद्धालुओं के ठहराव की व्यवस्था करना संभव हो जाएगा।- सुनीता यादव,चेयरमैन,जिला पंचायत
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फसल कटान सुस्त, अटकी तैयारियां
गढ़मुक्तेश्वर। जिला पंचायत अधिकारी नरेश कुमार यादव और अवर अभियंता आदेश कुमार ने रविवार को विभागीय अमले के साथ गढ़ खादर मेले का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। जहां इक्का दुक्का खेतों को छोड़कर संपर्क मार्ग और मेला क्षेत्र के जंगल में चारों तरफ लहलहा रही फसलों के कटान में तेजी न आने से फिलहाल जिला पंचायत महकमे की सारी तैयारी अधर में अटकी हुई हैं। संपर्क मार्ग और मेला क्षेत्र में बनने वालीं अस्थाई सड़कों के लिए भेजे गए मजदूरों को फसल न कटने से काम करने का अपेक्षित मौका नहीं मिल पा रहा है।
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गंगा मेला के पिछले कई सालों से मेरठ सेक्टर को गंगा की जलधारा के बीच स्थित रेतीले टापू पर बनता रहा है। इस पर आने-जाने के लिए जिला पंचायत कुलाबे दबाकर अस्थाई पुल भी तैयार कराता है। उम्मीद से इतर इस बार गंगा नदी का जलस्तर अभी तक कम नहीं हो पाया है। वहीं तो बरसात के सीजन में प्रारंभ हुआ गंगा का कटान अभी तक थम नहीं पाया है। इससे जलधारा के बीच में रेतीला टापू न बन पाने से इस बार गंगा नदी के बीचोबीच डेरा डालने की श्रद्धालुओं की इच्छा धूमिल पड़ती जा रही है। बता दें अगर गंगा की जलधारा के बीच आईलैंड नहीं बन पाया, तो फिर आए साल उसमें पड़ाव डालने वाले 10 लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं को अपने तामझाम के साथ मेला स्थल पर ही जगह तलाशनी होगी।
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गंगा नदी के जलस्तर के नियंत्रण और उसमें गिरावट के लिए शीघ्र ही सिंचाई विभाग के आला अफसरों से वार्ता की जाएगी। जिससे जलस्तर में गिरावट होने पर गंगा नदी की जलधारा के बीच रेतीला टापू छूट जाएगा, जिसमें पहुंचने के लिए तेजी के साथ अस्थाई पुल बनवाकर श्रद्धालुओं के ठहराव की व्यवस्था करना संभव हो जाएगा।- सुनीता यादव,चेयरमैन,जिला पंचायत
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फसल कटान सुस्त, अटकी तैयारियां
गढ़मुक्तेश्वर। जिला पंचायत अधिकारी नरेश कुमार यादव और अवर अभियंता आदेश कुमार ने रविवार को विभागीय अमले के साथ गढ़ खादर मेले का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। जहां इक्का दुक्का खेतों को छोड़कर संपर्क मार्ग और मेला क्षेत्र के जंगल में चारों तरफ लहलहा रही फसलों के कटान में तेजी न आने से फिलहाल जिला पंचायत महकमे की सारी तैयारी अधर में अटकी हुई हैं। संपर्क मार्ग और मेला क्षेत्र में बनने वालीं अस्थाई सड़कों के लिए भेजे गए मजदूरों को फसल न कटने से काम करने का अपेक्षित मौका नहीं मिल पा रहा है।