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आतंकी साए में गंगा मेला, कड़ी सुरक्षा
Hapur
Updated Sat, 11 Oct 2014 05:33 AM IST
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हापुड़। ब्रजघाट में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाला गंगा मेला अबकी आतंकी साये में लगेगा। बिजनौर से आतंकियों की फरारी के चलते प्रशासन ने मेले को हाईअलर्ट जोन घोषित कर सुरक्षा बढ़ा दी है। इस बार छह हजार जवान तैनात किए जाएंगे। साथ ही अप्रिय हालात से निपटने के लिए एक कंपनी एनडीआरएफ भी तैनात की जाएगी। एहतियात के तौर पर खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया है तथा अत्याधुनिक उपकरणों से मेले में निगरानी का इंतजाम किया जाएगा।
मेरठ मंडल में आतंकी काफी पहले से सक्रिय रहे हैं। हापुड़ भी उनकी गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसका खुलासा तब हुआ था, जब मार्च 2002 में चार यहां एसटीएफ और कोतवाली पुुलिस ने आतंकी पकड़े थे और प्रदेश में पोटा का पहला मुकदमा हापुड़ कोतवाली में दर्ज किया गया था। अब 12 सितंबर को बिजनौर के जाटान मौहल्ले के विस्फोट के बाद वहां से चार आंतकी फरार हुए जो अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाए हैं। अब गढ़ गंगा का कार्तिक पूर्णिमा मेला 25 अक्तूबर से शुरू होगा। इस वर्ष भी मेला में लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मेला खुले मैदान में लगता है जिसके रास्तोें को सील कर जांच नहीं की जा सकती है। इस मेले में चारों ओर से लोग आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक आरपी पांडेय का कहना है कि इस बार मेले में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। मेला के प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक राम नयन यादव होंगे। जबकि सीओ मेला शील कुमार और प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र यादव होंगे। दोनों को इस मेला को संपन्न कराने का दो बार का अनुभव है। मेले में वाच टावरों की संख्या और ऊंचाई बढ़ेगी। इसके अलावा एक एक सर्च लाइट और एक एक हैंड सेट भी दिया जाएगा। प्रयास होगा कि हर 50 कदम पर पुलिस की पिकेट रहे जो अपने दोनों ओर निगरानी रखेगी। संदिग्ध वाहनों को लाइन से निकालकर तलाशी भी कराई जाएगी।
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ंमेला में एनडीआरएफ की एक कंपनी भी तैनात रहेगी। चार कंपनी पीएसी बुलाई गई है। कुल मिलाकर 6 हजार से अधिक जवान/ अधिकारी मुस्तैद रहेंगे जो पल पल मेले के हालात की खबर रखेंगे।
-आरपी पांडेय,एसपी
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मेरठ मंडल में आतंकी काफी पहले से सक्रिय रहे हैं। हापुड़ भी उनकी गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसका खुलासा तब हुआ था, जब मार्च 2002 में चार यहां एसटीएफ और कोतवाली पुुलिस ने आतंकी पकड़े थे और प्रदेश में पोटा का पहला मुकदमा हापुड़ कोतवाली में दर्ज किया गया था। अब 12 सितंबर को बिजनौर के जाटान मौहल्ले के विस्फोट के बाद वहां से चार आंतकी फरार हुए जो अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाए हैं। अब गढ़ गंगा का कार्तिक पूर्णिमा मेला 25 अक्तूबर से शुरू होगा। इस वर्ष भी मेला में लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मेला खुले मैदान में लगता है जिसके रास्तोें को सील कर जांच नहीं की जा सकती है। इस मेले में चारों ओर से लोग आसानी से प्रवेश कर सकते हैं।
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पुलिस अधीक्षक आरपी पांडेय का कहना है कि इस बार मेले में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। मेला के प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक राम नयन यादव होंगे। जबकि सीओ मेला शील कुमार और प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र यादव होंगे। दोनों को इस मेला को संपन्न कराने का दो बार का अनुभव है। मेले में वाच टावरों की संख्या और ऊंचाई बढ़ेगी। इसके अलावा एक एक सर्च लाइट और एक एक हैंड सेट भी दिया जाएगा। प्रयास होगा कि हर 50 कदम पर पुलिस की पिकेट रहे जो अपने दोनों ओर निगरानी रखेगी। संदिग्ध वाहनों को लाइन से निकालकर तलाशी भी कराई जाएगी।
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ंमेला में एनडीआरएफ की एक कंपनी भी तैनात रहेगी। चार कंपनी पीएसी बुलाई गई है। कुल मिलाकर 6 हजार से अधिक जवान/ अधिकारी मुस्तैद रहेंगे जो पल पल मेले के हालात की खबर रखेंगे।
-आरपी पांडेय,एसपी