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प्रचार से गायब हुई हाईकोर्ट बेंच की मांग
Hapur
Updated Wed, 16 Apr 2014 05:31 AM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना से जुड़ा मुद्दा चुनावी बयार में ठंडा सा पड़ गया है। पिछले कई वर्षों से लगातार आंदोलन और हड़ताल करते आ रहे वकील चुनावी दौर में इस मांग को हवा देने की बजाए चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ की तर्ज पर वेस्ट यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का मुद्दा करीब दो दशकों से चल रहा है। वकीलों का तर्क है कि वेस्ट यूपी के लोगों को इलाहाबाद आने-जाने के दौरान 800 किलोमीटर से भी लंबा सफर तय करना पड़ता है। इसमें समय और पैसे की अनावश्यक बर्बादी होने के साथ ही हाईकोर्ट में मुकदमों का बोझ बढ़ने से पीड़ित लोगों को समय पर नहीं मिल पाता है। हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे पर वेस्टर्न यूपी के वकील पूरी तरह एकजुट हैं, जो लगातार आंदोलन के साथ ही मांग पूरी न होने पर हड़ताल का सहारा भी लेते आ रहे हैं। अगर हकीकत देखी जाए तो सत्ता से बाहर होने पर अधिकांश सियासी दलों द्वारा वकीलों से जुड़ी इस मांग का समर्थन किया जाता रहा है, परंतु सत्ता में भागीदारी मिलते ही वे इस तरफ से आंख फेर जाते हैं।
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प्रदेश की राजधानी लखनऊ की तर्ज पर वेस्ट यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का मुद्दा करीब दो दशकों से चल रहा है। वकीलों का तर्क है कि वेस्ट यूपी के लोगों को इलाहाबाद आने-जाने के दौरान 800 किलोमीटर से भी लंबा सफर तय करना पड़ता है। इसमें समय और पैसे की अनावश्यक बर्बादी होने के साथ ही हाईकोर्ट में मुकदमों का बोझ बढ़ने से पीड़ित लोगों को समय पर नहीं मिल पाता है। हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे पर वेस्टर्न यूपी के वकील पूरी तरह एकजुट हैं, जो लगातार आंदोलन के साथ ही मांग पूरी न होने पर हड़ताल का सहारा भी लेते आ रहे हैं। अगर हकीकत देखी जाए तो सत्ता से बाहर होने पर अधिकांश सियासी दलों द्वारा वकीलों से जुड़ी इस मांग का समर्थन किया जाता रहा है, परंतु सत्ता में भागीदारी मिलते ही वे इस तरफ से आंख फेर जाते हैं।
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