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स्कूल पहुंचे बच्चों को थमा दी मास्टरों ने झाड़ू
Hapur
Updated Sat, 25 Jan 2014 05:51 AM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ के गांव शकराटीला और करीमपुर के सरकारी स्कूलों में मासूमों को पढ़ाई छोड़कर सफाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों में बड़े स्तर पर रोष व्याप्त है परंतु शिक्षा विभाग इस तरफ कोई भी ध्यान देने को तैयार नहीं है।
देश और प्रदेश में फैली अशिक्षा की गंभीर समस्या की रोकथाम के लिए भले ही शासन स्तर से सर्वशिक्षा और स्कूल चलो जैसे अनेकों अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं बच्चों से कराए जाने वाले काम धंधों को रोकने के लिए बाल श्रम विभाग का गठन भी किया हुआ है। परंतु इसके बाद भी अध्यापकों की मनमानी के चलते बच्चों की कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। समूचे देश में बृहस्पतिवार को आजादी के मतवाले नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मन रही थी, वहीं शकराटीला और करीमपुर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे स्कूलों में सफाई करने में जुटे हुए थे। बच्चों से जबरन सफाई कराए जाने से उनके परिजन खफा हैं, जो लगातार शिकायतें करते आ रहे हैं। परंतु कोई सुन नहीं रहा।
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देश और प्रदेश में फैली अशिक्षा की गंभीर समस्या की रोकथाम के लिए भले ही शासन स्तर से सर्वशिक्षा और स्कूल चलो जैसे अनेकों अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं बच्चों से कराए जाने वाले काम धंधों को रोकने के लिए बाल श्रम विभाग का गठन भी किया हुआ है। परंतु इसके बाद भी अध्यापकों की मनमानी के चलते बच्चों की कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। समूचे देश में बृहस्पतिवार को आजादी के मतवाले नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मन रही थी, वहीं शकराटीला और करीमपुर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे स्कूलों में सफाई करने में जुटे हुए थे। बच्चों से जबरन सफाई कराए जाने से उनके परिजन खफा हैं, जो लगातार शिकायतें करते आ रहे हैं। परंतु कोई सुन नहीं रहा।
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