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ब्रजघाट से शटल फिर गई टल
Hapur
Updated Wed, 27 Feb 2013 05:31 AM IST
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हापुड़/गढ़/पिलखुवा। पिछले सभी रेलमंत्रियों की तरह इस बार केंद्रीय रेलमंत्री पवन बंसल ने भी हापुड़ के लोगों को निराश किया। लोगों को उम्मीद थी कि बीस साल से उठ रही गढ़मुक्तेश्वर और दिल्ली के बीच शटल ट्रेन दौड़ाने की मांग इस बार पूरी हो जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उलटा माल भाड़ा में वृद्िध कर रेलमंत्री ने यात्रियों की जेब पर कैंची चला दी। इससे हैंडलूम नगरी पिलखुवा के व्यापारियों पर असर पड़ेगा। यात्रियों को यह भी उम्मीद थी कि बड़ी ट्रेनों का ठहराव यहां किया जाएगा, लेकिन यह मांग भी पूरी नहीं हुई। ऐसे में एक बार फिर इन यात्रियों को लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिए नजदीकी बड़े स्टेशनों की ओर दौड़ लगानी पड़ेगी। वहीं तत्काल में टिकट की आस लगाने वालों को भी झटका लगा है। अलग-अलग श्रेणियों में 15 से 100 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह मालभाड़े में 5 फीसदी बढ़ोतरी से उद्यमी खफा हैं। इस बीच राहत की बात ये है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए खास कदम उठाए गए हैं। लेकिन कुल मिलाकर स्थिति यह है कि जेब तो कटेगी ही।
20 साल से उठ रही है शटल की मांग
हापुड़/गढ़/पिलखुवा। रेलमंत्री ने जनपद को एक बार फिर कुछ न देकर जनता को मायूस कर दिया। शहर के मॉडल स्टेशन के यात्रियों को आस थी कि इस बार रेल बजट में कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव और नई शटल ट्रेन चलने की उम्मीद पूरी होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
लोगों को उम्मीद थी कि 20 वर्षों से की जा रही गढ़मुक्तेश्वर-नई दिल्ली के बीच नई शटल ट्रेन इस बार जरूर चलेगी, लेकिन रेल मंत्री ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा भी नहीं दी गई।
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ब्रजघाट से दिल्ली के बीच शटल की मंजूरी न होने से क्षेत्र में मायूसी ः क्षेत्रीय लोगों ने गढ़-ब्रजघाट गंगानगरी के लिए जो आस लगाई हुई थी, वह इस बार भी फलीभूत नहीं हो पाई। पूर्णिमा-अमावस्या सहित धार्मिक मेलों के दौरान ब्रजघाट से दिल्ली तक शटल चलाने की मांग पूरी न होने से सभी वर्गों में मायूसी है।
वहीं पिलखुवा में रेल बजट से क्षेत्र के लोगों को निराशा ही मिली है। नयी शटल या एक्सप्रेस ट्रेन तो दूर ट्रेनों के स्टॉपेज भी नहीं बढ़ाए गए हैं। रेल बजट से यात्रियों और दैनिक यात्री संघ में काफी गुस्सा है।
हाईटेक सुविधाओं से मिलेगी राहत
हापुड़। रेल मंत्री ने इंटरनेट पर टिकट बुकिंग की समय सीमा 23 घंटा कर दी है। ऐसे में अब लोगों को बुकिंग काउंटर पर लाइन में लगने से छुटकारा मिलेगा। यात्री विजय कौशिक का कहना है कि इंटरनेट पर समय का दायरा बढ़ने से लोगों को रिजर्वेशन की समस्या से छुटकारा मिलेगा। वहीं, सुदेश कुमार कहते हैं कि टिकट की जानकारी के लिए एसएमएस की सुविधा शुरू होने से घर बैठे ही यात्रियों को जानकारी प्राप्त हो सकेगी। माबाइल ई-टिकट से कहीं भी रहकर सुविधा प्राप्त की जा सकती है।
हापुड़-कैली के बीच बनेगा यार्ड
रेलवे बजट में फ्रेट कॉरीडोर विस्तार को हरी झंडी मिल गई है। यह योजना वाया मेरठ हापुड़ होकर जाएगी। इस योजना के लिए जमीन तलाशने का काम तेजी से चल रहा है। बजट में योजना का विस्तार होने के बाद अब कार्य ओर तेजी से चलेगा। हापुड़ और कैली के बीच एक यार्ड बनेगा। माल गाड़ियों के लिए अलग से रेलवे लाइन बनने के बाद अन्य रेलवे लाइनों पर यात्री गाड़ियों का आवागमन बढ़ेगा और दूर दराज से एनसीआर क्षेत्र में आने वाला माल भी सड़क मार्ग के मुकाबले जल्द आ सकेगा। वहीं लोगों को उम्मीद है कि रेलवे यार्ड बनने से स्थानीय लोगों के रोजगार की संभावना बढ़ेगी।
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20 साल से उठ रही है शटल की मांग
हापुड़/गढ़/पिलखुवा। रेलमंत्री ने जनपद को एक बार फिर कुछ न देकर जनता को मायूस कर दिया। शहर के मॉडल स्टेशन के यात्रियों को आस थी कि इस बार रेल बजट में कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव और नई शटल ट्रेन चलने की उम्मीद पूरी होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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लोगों को उम्मीद थी कि 20 वर्षों से की जा रही गढ़मुक्तेश्वर-नई दिल्ली के बीच नई शटल ट्रेन इस बार जरूर चलेगी, लेकिन रेल मंत्री ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा भी नहीं दी गई।
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ब्रजघाट से दिल्ली के बीच शटल की मंजूरी न होने से क्षेत्र में मायूसी ः क्षेत्रीय लोगों ने गढ़-ब्रजघाट गंगानगरी के लिए जो आस लगाई हुई थी, वह इस बार भी फलीभूत नहीं हो पाई। पूर्णिमा-अमावस्या सहित धार्मिक मेलों के दौरान ब्रजघाट से दिल्ली तक शटल चलाने की मांग पूरी न होने से सभी वर्गों में मायूसी है।
वहीं पिलखुवा में रेल बजट से क्षेत्र के लोगों को निराशा ही मिली है। नयी शटल या एक्सप्रेस ट्रेन तो दूर ट्रेनों के स्टॉपेज भी नहीं बढ़ाए गए हैं। रेल बजट से यात्रियों और दैनिक यात्री संघ में काफी गुस्सा है।
हाईटेक सुविधाओं से मिलेगी राहत
हापुड़। रेल मंत्री ने इंटरनेट पर टिकट बुकिंग की समय सीमा 23 घंटा कर दी है। ऐसे में अब लोगों को बुकिंग काउंटर पर लाइन में लगने से छुटकारा मिलेगा। यात्री विजय कौशिक का कहना है कि इंटरनेट पर समय का दायरा बढ़ने से लोगों को रिजर्वेशन की समस्या से छुटकारा मिलेगा। वहीं, सुदेश कुमार कहते हैं कि टिकट की जानकारी के लिए एसएमएस की सुविधा शुरू होने से घर बैठे ही यात्रियों को जानकारी प्राप्त हो सकेगी। माबाइल ई-टिकट से कहीं भी रहकर सुविधा प्राप्त की जा सकती है।
हापुड़-कैली के बीच बनेगा यार्ड
रेलवे बजट में फ्रेट कॉरीडोर विस्तार को हरी झंडी मिल गई है। यह योजना वाया मेरठ हापुड़ होकर जाएगी। इस योजना के लिए जमीन तलाशने का काम तेजी से चल रहा है। बजट में योजना का विस्तार होने के बाद अब कार्य ओर तेजी से चलेगा। हापुड़ और कैली के बीच एक यार्ड बनेगा। माल गाड़ियों के लिए अलग से रेलवे लाइन बनने के बाद अन्य रेलवे लाइनों पर यात्री गाड़ियों का आवागमन बढ़ेगा और दूर दराज से एनसीआर क्षेत्र में आने वाला माल भी सड़क मार्ग के मुकाबले जल्द आ सकेगा। वहीं लोगों को उम्मीद है कि रेलवे यार्ड बनने से स्थानीय लोगों के रोजगार की संभावना बढ़ेगी।