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दीपोत्सव आज, घर-घर विराजेंगे लक्ष्मी-गणेश

Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
Hapur
Hapur Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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हापुड़/गढ़/पिलखुवा। दीपावली पर चारों ओर खुशियों का माहौल है। उमंग और मस्ती प्रत्येक चेहरे पर दिखाई दे रही है। युवाओं में जहां पटाखों और मिष्ठान को लेकर खुशी है, वहीं महिलाओं-बुजुर्गों ने लक्ष्मी पूजन की तैयारी शुरू कर दी है। घरों, मंदिरों, प्रतिष्ठानों को रंगीन झालरों से सजाया गया है। सोमवार को छोटी दीपावली पर भी लोग काफी उत्साह में दिखे। लोगों ने दीपावली के लिए जमकर खरीददारी की।
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घर में पूजा का शुभ मुहूर्त
दीपावली पूजन इस बार संवत 2069 मंगलवार को प्रात:काल 7:13 से शुरू होकर शाम 17:37 तक विद्यमान रहेगा। पूजन के लिए प्रदोष काल उत्तम है। समय शाम में 5:31 बजे से 7:27 बजे तक रहेगा।
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व्यवसायिक पूजन का शुभ मुहूर्त
अखिल भारतीय ज्योतिष अन्वेषण केन्द्र बनारस के ज्योतिषाचार्य पंडित रामकुमार शास्त्री के अनुसार प्रतिष्ठानोें में प्रात:कालीन पूजन के लिए 9:16 से 14:30 बजे तक और सायंकालीन पूजन 15:00 बजे से 21:41 तक समय है।
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सुरक्षा-व्यवस्था चाक चौबंद
हापुड़। दीपावली पर किसी भी तरह की दुर्घटना से निपटने के लिए पुलिस व प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली है। दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए दमकल की तीन गाड़ियां हर समय तैनात रहेंगी। साथ ही असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए पुलिस बल की भी संवेदनशील स्थानों पर तैनाती की गई है। डीएम चक्रपाणि यादव का कहना है जनपद में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। सभी एसडीएम और तहसीलदार अपने अपने तहसील क्षेत्र में मौजूद रहेंगे।

दीपावली पर बढ़ सकता है प्रदूषण
गढ़मुक्तेश्वर। सामुदायकि स्वास्थ्य केन्द्र अधीक्षक का कहना है कि दीपावली पर आतिशबाजी से निकलने वाली विषैली गैस से श्वास एवं दिल के रोगियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि पटाखों की आवाज ध्वनि प्रदूषण करती है जिससे मनुष्य के साथ-साथ पशु पक्षी भी विचलित होते है। पर्यावरण विद् डॉ. अब्बास अली का कहना है कि आतिशाबाजी में वायुमंडल में कार्बन डाई ऑक्साइड, सल्फर डाइ ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड फैल जाएंगी जिससे बच्चों को सबसे अधिक नुकसान होता है।


तेज धमाके वाले पटाखों से बचें
पिलखुवा। सीम्स के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डा. वाईसी गुप्ता का कहना है कि बड़े पटाखों से एलर्जी, जलने और कान के पर्दे फटने की संभावना अधिक होती है। जनरल फिजीशियन डा. पीके शुक्ला कहते हैं कि तेज आवाज वाले पटाखे हाई ब्लड प्रेशर एवं दिल के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
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