{"_id":"16258","slug":"Hapur-16258-112","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला किठौर रोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला किठौर रोड
Hapur
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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जान बचाने को खेतों में दौड़े लोग, क्षेत्र में दहशत
हापुड़। हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के किठौर रोड पर रविवार तड़के ताबड़तोड़ फायरिंग और प्रधान के भाई की हत्या से लोग सहम उठे। लोग जान बचाने के लिए खेतों में घुस गए। किसी की भी हिम्मत बदमाशों का सामना करने की नहीं हुई। बेखौफ बदमाश हत्या करके आसानी से फरार हो गए। सरेआम हुई हत्या से दहशत का माहौल है।
किठौर रोड पर गांव असौड़ा और ट्याला के लोग बड़ी संख्या में सुबह सैर के लिए आते हैं। रविवार सुबह करीब पांच बजे सब कुछ सामान्य था। किसान खेतों की ओर जा रहे थे। वाहनों की आवाजाही होने लगी थी। शिवम कोल्ड स्टोरेज के पास करीब पांच बजे बाइक से गुजर रहे राकेश त्यागी पर कार सवार तीन बदमाशों ने गोलियों की बौछार कर दी। फायरिंग की आवाज सुनकर राहगीरों में अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए खेतों में छुप गए। वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां रोक लीं। बदमाश तब तक गोलियां चलाते रहे, जब तक उन्हें राकेश की मौत का यकीन नहीं हो गया।
अलर्ट होती पुलिस तो पकड़े जाते हत्यारे
हापुड़। राकेश त्यागी की हत्या के समय अगर असौड़ा पैठ चौकी पुलिस सतर्क होती तो हत्यारों को पकड़ा जा सकता था। असौड़ा की पैठ (साइलो सेकेंड) पुलिस चौकी घटनास्थल से बमुश्किल पांच सौ मीटर दूर है। ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज असौड़ा गांव में दूर-दूर तक सुनी गई। यहीं नहीं राहगीरों ने तत्काल पुलिस चौकी में घटना की सूचना दे दी थी। सूचना दो सिपाहियों ने पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और एसओ तथा चौकी प्रभारी को सूचना दी। थाने से 10 किमी दूर घटनास्थल तक पहुंचने में पुलिस अफसरों को घंटों लग गए। सूचना के बाद भी थानों और चौकियों पर वाहनों की चेकिंग नहीं शुरू करवाई गई। पुलिस की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश है।
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राकेश त्यागी के भाई बबली की
भी हुई थी हत्या
हापुड़। राकेश त्यागी के छोटे भाई रालोद नेता वीरेंद्र त्यागी उर्फ बबली और उसके मित्र गांव सबली निवासी मुकेश त्यागी की हत्या 17 अप्रैल 2006 को आवास विकास कालोनी में गोली मारकर सवेरे 6 बजे हो गई थी। उस समय वह पुत्री को स्कूल बस तक छोड़ने जा रहा था।
बबली हत्याकांड से जुड़े हो सकते हैं तार
हापुड़। पुलिस को आशंका है कि राकेश की हत्या में बबली हत्याकांड से जुड़े आरोपियों का भी हाथ हो सकता है। बबली हत्याकांड में गवाही हो चुकी है और जल्द ही निर्णय आने वाला है। राकेश और देवेंद्र पहलवान अपने भाई की हत्या के मामले में मजबूती से पैरोकारी कर रहे थे।
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हापुड़। हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के किठौर रोड पर रविवार तड़के ताबड़तोड़ फायरिंग और प्रधान के भाई की हत्या से लोग सहम उठे। लोग जान बचाने के लिए खेतों में घुस गए। किसी की भी हिम्मत बदमाशों का सामना करने की नहीं हुई। बेखौफ बदमाश हत्या करके आसानी से फरार हो गए। सरेआम हुई हत्या से दहशत का माहौल है।
किठौर रोड पर गांव असौड़ा और ट्याला के लोग बड़ी संख्या में सुबह सैर के लिए आते हैं। रविवार सुबह करीब पांच बजे सब कुछ सामान्य था। किसान खेतों की ओर जा रहे थे। वाहनों की आवाजाही होने लगी थी। शिवम कोल्ड स्टोरेज के पास करीब पांच बजे बाइक से गुजर रहे राकेश त्यागी पर कार सवार तीन बदमाशों ने गोलियों की बौछार कर दी। फायरिंग की आवाज सुनकर राहगीरों में अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए खेतों में छुप गए। वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियां रोक लीं। बदमाश तब तक गोलियां चलाते रहे, जब तक उन्हें राकेश की मौत का यकीन नहीं हो गया।
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अलर्ट होती पुलिस तो पकड़े जाते हत्यारे
हापुड़। राकेश त्यागी की हत्या के समय अगर असौड़ा पैठ चौकी पुलिस सतर्क होती तो हत्यारों को पकड़ा जा सकता था। असौड़ा की पैठ (साइलो सेकेंड) पुलिस चौकी घटनास्थल से बमुश्किल पांच सौ मीटर दूर है। ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज असौड़ा गांव में दूर-दूर तक सुनी गई। यहीं नहीं राहगीरों ने तत्काल पुलिस चौकी में घटना की सूचना दे दी थी। सूचना दो सिपाहियों ने पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और एसओ तथा चौकी प्रभारी को सूचना दी। थाने से 10 किमी दूर घटनास्थल तक पहुंचने में पुलिस अफसरों को घंटों लग गए। सूचना के बाद भी थानों और चौकियों पर वाहनों की चेकिंग नहीं शुरू करवाई गई। पुलिस की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश है।
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राकेश त्यागी के भाई बबली की
भी हुई थी हत्या
हापुड़। राकेश त्यागी के छोटे भाई रालोद नेता वीरेंद्र त्यागी उर्फ बबली और उसके मित्र गांव सबली निवासी मुकेश त्यागी की हत्या 17 अप्रैल 2006 को आवास विकास कालोनी में गोली मारकर सवेरे 6 बजे हो गई थी। उस समय वह पुत्री को स्कूल बस तक छोड़ने जा रहा था।
बबली हत्याकांड से जुड़े हो सकते हैं तार
हापुड़। पुलिस को आशंका है कि राकेश की हत्या में बबली हत्याकांड से जुड़े आरोपियों का भी हाथ हो सकता है। बबली हत्याकांड में गवाही हो चुकी है और जल्द ही निर्णय आने वाला है। राकेश और देवेंद्र पहलवान अपने भाई की हत्या के मामले में मजबूती से पैरोकारी कर रहे थे।