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मवेशियों की ताबड़तोड़ मौत से किसानों में दहशत
Updated Thu, 25 Oct 2018 11:30 PM IST
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पशुओं की मौत से नाराज लोगों ने किया हंगामा
गढ़मुक्तेश्वर। सीडीओ के गोद लिए गांव बहादुरगढ़ में इन दिनों पशुओं की जान पर बनी है। अंजानी बीमारी की चपेट में आकर तीन दिन के अंदर 8 पशुओं की मौत हो चुकी है। लेकिन सिस्टम की लापरवाही का आलम यह है कि पशु अस्पताल में चिकित्सक हमेशा गायब रहते हैं, जिससे पशुओं का समय से इलाज नहीं हो पा रहा है। गुस्साए पशु पालकों ने बृहस्पतिवार को अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
सीडीओ को गोद लिए गांव बहादुरगढ़ की आबादी में गंदगी आम लोगों के अलावा पशुओं पर भी भारी पड़ने लगी है। जिसकी चपेट में आकर तीन दिन में रामभूल, सुखबीर, मोमराज, शत्रुघ्न, कुंवरपाल, मनोज, मुनेश, अमरजीत के आठ मवेशियों की मौत हो गई है। वहीं दर्जनों पशु बीमारी की गिरफ्त में फंसे हुए हैं। कई लोग अपने बीमार मवेशियों को इलाज के लिए बृहस्पतिवार को पशु अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सक मौजूद नहीं थे। जिससे गुस्साए पशु पालकों ने नारेबाजी करते हुए पशु चिकित्सा विभाग पर लापरवाही करने का आरोप लगा विरोध में खूब हंगामा किया। मनोज कश्यप, सतीश, मनवीर, ब्रजपाल, संजय, जसवंत लोधी, राजेंद्र, मनराज, गुल्लू, सतपाल का कहना है कि चिकित्सक अक्सर अस्पताल से गैर हाजिर रहते हैं। सीवीओ डॉ.प्रमोद कुमार का कहना है कि 15 सितंबर से 31 अक्तूबर तक घर घर जाकर मवेशियों का टीकाकरण करने का अभियान चलाया हुआ है, इसलिए हो सकता है पशु चिकित्सक टीकाकरण करने वाली टीम का सुपरवीजन करने गए हों। मगर फिर भी अस्पताल से गैर हाजिर होने की जांच पड़ताल कराने के साथ ही बीमार मवेशियों को बेहतर इलाज दिलाया जाएगा।
गढ़मुक्तेश्वर। सीडीओ के गोद लिए गांव बहादुरगढ़ में इन दिनों पशुओं की जान पर बनी है। अंजानी बीमारी की चपेट में आकर तीन दिन के अंदर 8 पशुओं की मौत हो चुकी है। लेकिन सिस्टम की लापरवाही का आलम यह है कि पशु अस्पताल में चिकित्सक हमेशा गायब रहते हैं, जिससे पशुओं का समय से इलाज नहीं हो पा रहा है। गुस्साए पशु पालकों ने बृहस्पतिवार को अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
सीडीओ को गोद लिए गांव बहादुरगढ़ की आबादी में गंदगी आम लोगों के अलावा पशुओं पर भी भारी पड़ने लगी है। जिसकी चपेट में आकर तीन दिन में रामभूल, सुखबीर, मोमराज, शत्रुघ्न, कुंवरपाल, मनोज, मुनेश, अमरजीत के आठ मवेशियों की मौत हो गई है। वहीं दर्जनों पशु बीमारी की गिरफ्त में फंसे हुए हैं। कई लोग अपने बीमार मवेशियों को इलाज के लिए बृहस्पतिवार को पशु अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सक मौजूद नहीं थे। जिससे गुस्साए पशु पालकों ने नारेबाजी करते हुए पशु चिकित्सा विभाग पर लापरवाही करने का आरोप लगा विरोध में खूब हंगामा किया। मनोज कश्यप, सतीश, मनवीर, ब्रजपाल, संजय, जसवंत लोधी, राजेंद्र, मनराज, गुल्लू, सतपाल का कहना है कि चिकित्सक अक्सर अस्पताल से गैर हाजिर रहते हैं। सीवीओ डॉ.प्रमोद कुमार का कहना है कि 15 सितंबर से 31 अक्तूबर तक घर घर जाकर मवेशियों का टीकाकरण करने का अभियान चलाया हुआ है, इसलिए हो सकता है पशु चिकित्सक टीकाकरण करने वाली टीम का सुपरवीजन करने गए हों। मगर फिर भी अस्पताल से गैर हाजिर होने की जांच पड़ताल कराने के साथ ही बीमार मवेशियों को बेहतर इलाज दिलाया जाएगा।
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