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मौसम बदलते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ा
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मौसम बदलते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ा
हापुड़। मौसम बदलते ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। मौसम से पहले ही मच्छरों के बढ़ते खतरे से लोग चिंतित नजर आ रहे हैं। इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
इस बार मौसम का उतार चढ़ाव स्वास्थ्य पर भारी पड़ता रहा है। मौसम परिवर्तन का असर अब दिखाई देना शुरू हो गया है। मच्छरों का प्रकोप पिछले सालों की अपेक्षा जल्दी शुरू हो गया है। हालांकि इस प्रकोप को लेकर विभाग की तैयारियां अधूरी हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में प्रत्येक वर्ष दस हजार रुपये की धनराशि गांव में फॉगिंग कराने के लिए दिए जाते हैं। ताकि मच्छरों के प्रकोप को भी कम किया जा सके, लेकिन इस धनराशि की बंदरबाट हो जाती है। यही कारण है कि इस बार भी मच्छरों के प्रकोप से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजवीर सिंह का कहना है कि मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए टीम को अलर्ट कर दिया गया है। जल्द ही एंटी लार्वा अभियान भी चलाया जाएगा।
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हापुड़। मौसम बदलते ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। मौसम से पहले ही मच्छरों के बढ़ते खतरे से लोग चिंतित नजर आ रहे हैं। इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
इस बार मौसम का उतार चढ़ाव स्वास्थ्य पर भारी पड़ता रहा है। मौसम परिवर्तन का असर अब दिखाई देना शुरू हो गया है। मच्छरों का प्रकोप पिछले सालों की अपेक्षा जल्दी शुरू हो गया है। हालांकि इस प्रकोप को लेकर विभाग की तैयारियां अधूरी हैं।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में प्रत्येक वर्ष दस हजार रुपये की धनराशि गांव में फॉगिंग कराने के लिए दिए जाते हैं। ताकि मच्छरों के प्रकोप को भी कम किया जा सके, लेकिन इस धनराशि की बंदरबाट हो जाती है। यही कारण है कि इस बार भी मच्छरों के प्रकोप से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजवीर सिंह का कहना है कि मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए टीम को अलर्ट कर दिया गया है। जल्द ही एंटी लार्वा अभियान भी चलाया जाएगा।