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दर्जनों अभ्यर्थी टीईटी की परीक्षा देने से रह गए वंचित
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:35 AM IST
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दर्जनों अभ्यर्थी टीईटी की परीक्षा देने से रह गए वंचित
हापुड़। रविवार को जिले में आयोजित टीईटी की परीक्षा से सत्र 2013-14 के ऐसे दर्जनों अभ्यर्थी वंचित रह गए, जिन्होंने मैनेजमेंट कोटे से बीएड कालेजों में बिना काउंसलिंग के प्रवेश लिया था। इन अभ्यर्थियों का रिजल्ट कोर्ट में विचाराधीन है। इसके चलते परीक्षा केंद्र पर वह मूल दस्तावेज लेकर नहीं पहुंच सके। इसके अलावा मूल दस्तावेज की फोटो कापी लेकर आने वाले अभ्यर्थियों को भी जांच पड़ताल के बाद ही प्रवेश दिया गया।
उल्लेखनीय है कि सीसीएसयू से संबद्ध आधा दर्जन विद्यालयों ने सत्र 2013-14 में दर्जनों छात्रों को मैनेजमेंट कोटे से प्रवेश दिला दिया था। काउंसलिंग के जरिए उनका प्रवेश नहीं कराया गया। इन छात्रों की परीक्षा भी हुई, लेकिन रिजल्ट जारी नहीं हो सकी। बहरहाल, रिजल्ट कोर्ट में विचाराधीन है। रविवार को आयोजित टीईटी की परीक्षा में शामिल होने के लिए मूल दस्तावेज अनिवार्य किए गए थे। लेकिन इस सत्र के दर्जनों अभ्यर्थी दस्तावेज लेकर नहीं पहुंचे, जिसके चलते उन्हें परीक्षा में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके अलावा बहुत से अभ्यर्थी ऐसे थे, जो मूल दस्तावेजों की फोटो कॉपी लेकर पहुंचे थे और वह सत्यापित भी नहीं थी। इन अभ्यर्थियों को प्रवेश भी अफसरों के निर्देश के बाद ही दिया गया।
दोनों पालियों के परीक्षा केंद्र अलग पड़ने से हुई परेशानी-
रविवार को सुबह की पाली में प्राथमिक व दूसरी पाली में जूनियर की टीईटी परीक्षा आयोजित करायी गई, लेकिन दोनों पालियों में परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थियों को अलग अलग केंद्र पर जाना पड़ा, ऐसे में उन्हें कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
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एडी बेसिक ने किया केंद्रों का निरीक्षण-
इलाहाबाद परीक्षा नियामक ने मेरठ के एडी बेसिक डा.अशोक कुमार सिंह को टीईटी परीक्षा का पर्यवेक्षक तैनात किया था। उन्होंने सुबह की पाली में 9 व शाम की पाली में 6 परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में सब कुछ ठीक मिला। जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र कुमार ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए मूल दस्तावेजों का साथ होना आवश्यक था, जो अभ्यर्थी मूल दस्तावेज नहीं दिखा सके उन्हें परीक्षा नियामक के निर्देशानुसार परीक्षा देने से रोकना पड़ा।
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हापुड़। रविवार को जिले में आयोजित टीईटी की परीक्षा से सत्र 2013-14 के ऐसे दर्जनों अभ्यर्थी वंचित रह गए, जिन्होंने मैनेजमेंट कोटे से बीएड कालेजों में बिना काउंसलिंग के प्रवेश लिया था। इन अभ्यर्थियों का रिजल्ट कोर्ट में विचाराधीन है। इसके चलते परीक्षा केंद्र पर वह मूल दस्तावेज लेकर नहीं पहुंच सके। इसके अलावा मूल दस्तावेज की फोटो कापी लेकर आने वाले अभ्यर्थियों को भी जांच पड़ताल के बाद ही प्रवेश दिया गया।
उल्लेखनीय है कि सीसीएसयू से संबद्ध आधा दर्जन विद्यालयों ने सत्र 2013-14 में दर्जनों छात्रों को मैनेजमेंट कोटे से प्रवेश दिला दिया था। काउंसलिंग के जरिए उनका प्रवेश नहीं कराया गया। इन छात्रों की परीक्षा भी हुई, लेकिन रिजल्ट जारी नहीं हो सकी। बहरहाल, रिजल्ट कोर्ट में विचाराधीन है। रविवार को आयोजित टीईटी की परीक्षा में शामिल होने के लिए मूल दस्तावेज अनिवार्य किए गए थे। लेकिन इस सत्र के दर्जनों अभ्यर्थी दस्तावेज लेकर नहीं पहुंचे, जिसके चलते उन्हें परीक्षा में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके अलावा बहुत से अभ्यर्थी ऐसे थे, जो मूल दस्तावेजों की फोटो कॉपी लेकर पहुंचे थे और वह सत्यापित भी नहीं थी। इन अभ्यर्थियों को प्रवेश भी अफसरों के निर्देश के बाद ही दिया गया।
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दोनों पालियों के परीक्षा केंद्र अलग पड़ने से हुई परेशानी-
रविवार को सुबह की पाली में प्राथमिक व दूसरी पाली में जूनियर की टीईटी परीक्षा आयोजित करायी गई, लेकिन दोनों पालियों में परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थियों को अलग अलग केंद्र पर जाना पड़ा, ऐसे में उन्हें कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
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एडी बेसिक ने किया केंद्रों का निरीक्षण-
इलाहाबाद परीक्षा नियामक ने मेरठ के एडी बेसिक डा.अशोक कुमार सिंह को टीईटी परीक्षा का पर्यवेक्षक तैनात किया था। उन्होंने सुबह की पाली में 9 व शाम की पाली में 6 परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में सब कुछ ठीक मिला। जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र कुमार ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए मूल दस्तावेजों का साथ होना आवश्यक था, जो अभ्यर्थी मूल दस्तावेज नहीं दिखा सके उन्हें परीक्षा नियामक के निर्देशानुसार परीक्षा देने से रोकना पड़ा।