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सब कुछ ठीक, पर गांव में विकास न होने की भी टीस
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सब कुछ ठीक पर गांव में विकास न होने की भी टीस
हापुड़। काठीखेड़ा गांव की महिलाओं ने विश्व पर नाम रोशन करने की खुशी ग्रामीणों में जरूर दिखी, लेकिन इस बात की टीस भी दिखाई दी कि गांव अभी भी विकास के मामले में पिछड़ा है। गांव में अभी भी कई घरों में शौचालय नहीं है। बिजली और गंदगी से भी लोग परेशान हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब गांव आस्कर में चमका हैख् तो विकास के मामले में भी शायद चमक जाए।
हापुड़ से करीब छह किमी दूर स्थित गांव काठीखेड़ा शहर से इतनी भी दूर नहीं है कि वहां विकास का पहिया न घूम सके, लेकिन विश्लेषण करें तो विकास के मामले में गांव पिछड़ा हुआ है। गांव की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों के समक्ष ग्रामीणों ने अपना दुखड़ा रोया। बिमला ने बताया कि वे अकेली रहती हैं और उनके घर में अभी तक शौचालय नहीं है। जबकि कई और घर ऐसे हैं। गांव के रास्तों पर जलभराव है। अभी तक भी गांव के कितने ही रास्तों पर ईंटों का ही खड़ंजा है। दूसरे गांवों में सीसी रोड बनी हुई हैं। बिजली की व्यवस्था भी सही नहीं है। गांव में सफाई कर्मचारी के कभी-कभी ही दर्शन होते हैं।
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हापुड़। काठीखेड़ा गांव की महिलाओं ने विश्व पर नाम रोशन करने की खुशी ग्रामीणों में जरूर दिखी, लेकिन इस बात की टीस भी दिखाई दी कि गांव अभी भी विकास के मामले में पिछड़ा है। गांव में अभी भी कई घरों में शौचालय नहीं है। बिजली और गंदगी से भी लोग परेशान हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब गांव आस्कर में चमका हैख् तो विकास के मामले में भी शायद चमक जाए।
हापुड़ से करीब छह किमी दूर स्थित गांव काठीखेड़ा शहर से इतनी भी दूर नहीं है कि वहां विकास का पहिया न घूम सके, लेकिन विश्लेषण करें तो विकास के मामले में गांव पिछड़ा हुआ है। गांव की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों के समक्ष ग्रामीणों ने अपना दुखड़ा रोया। बिमला ने बताया कि वे अकेली रहती हैं और उनके घर में अभी तक शौचालय नहीं है। जबकि कई और घर ऐसे हैं। गांव के रास्तों पर जलभराव है। अभी तक भी गांव के कितने ही रास्तों पर ईंटों का ही खड़ंजा है। दूसरे गांवों में सीसी रोड बनी हुई हैं। बिजली की व्यवस्था भी सही नहीं है। गांव में सफाई कर्मचारी के कभी-कभी ही दर्शन होते हैं।
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