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इफको डीएपी खाद के 8 सैंपल रिटेस्टिंग में हुए फेल
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:50 PM IST
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पीसीएफ गोदाम का लाइसेंस निरस्त
-रिटेस्टिंग में इफको डीएपी खाद के 8 सैंपल फेल होने पर कृषि विभाग के अफसरों ने की कार्रवाई
-डायरेक्टर एग्रीकल्चर के अपील स्वीकार करने पर पूर्व में फेल हुए सैंपल की हुई थी रिटेस्टिंग
-इफको की ओर से हाईकोर्ट में पुन टेस्टिंग की डाली गई है याचिका
-मिलावटी डीएपी से किसानों को लगाई जा रही चपत
जतिन त्यागी
हापुड़। बुलंदशहर रोड पर स्थित पीसीएफ गोदाम से कृषि विभाग के अफसरों की ओर से भरे गए डीएपी खाद के 8 सैंपल रिटेस्टिंग में भी फेल हो गए हैं। इस पर अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए गोदाम के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। वहीं, इफको की ओर से हाईकोर्ट में खाद के सैंपलों की फिर से जांच कराने के संबंध में याचिका डाली गई है। कृषि अफसरों ने भी कोर्ट में प्रति उत्तर दाखिल कर दिया है। पीसीएफ गोदाम से जिले के करीब दस हजार किसानों ने डीएपी खाद ली होगी।
बीते दिनों कृषि विभाग के अफसरों ने बुलदंशहर रोड स्थित पीसीएफ गोदाम पर छापेमारी कर डीएपी खाद के 15 सैंपल लिए थे। उन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया था जिसमें से 8 सैंपल फेल हो गए थे। विभागीय अफसरों की कार्रवाई होती देख गोदाम संचालकों ने डायरेक्टर एग्रीकल्चर के यहां सैंपल की रिटेस्टिंग की अपील की थी।
यह अपील स्वीकार होने पर उक्त सैंपल को दोबारा जांच के लिए लैब भेजा गया था जहां फिर से उक्त सभी 8 सैंपल फेल हो गए। मामले की गंभीरता पर कृषि विभाग के अफसरों ने गोदाम के लाइसेंस को रद्द कर दिया है। हालांकि इफको की ओर से खाद सैंपलों की पुन: जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है।
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जिलेभर की समितियों को खाद के वितरण की जिम्मेदारी पीसीएफ गोदाम की है। इस गोदाम में रखे खाद के 8 सैंपल फेल होने से अनुमान लगाया जा सकता है कि किसानों को किस हद तक मिलावटी खाद थोपा जा रहा है।
गेहूं बुवाई के समय डीएपी की अधिक जरूरत
इन दिनों गेहूं की बुवाई का उपयुक्त समय चल रहा है। इस समय किसानों को डीएपी खाद की आवश्कता है। यह खाद यूरिया से काफी महंगा आता है। ऐसे में मिलावटखोरी की आशंका किसानों को सता रही है।
मिलावट खोरी पर नजर
डीएपी खाद के सैंपल फेल होने पर अब कृषि विभाग के अफसर भी चौकन्ने हो गए हैं। डीएपी, यूरिया पर अफसर चौकन्नी नजर रखे हुए हैं। यही कारण है कि बीते दिनों भी विभागीय अफसरों ने नगर के एक खाद गोदाम पर छापेमार कार्रवाई कर सैंपल लिए थे।
हाईकोर्ट में दोबारा डाली है याचिका
जिला कृषि अधिकारी धीरज सिंह का कहना है कि रिटेस्टिंग में इफको के डीएपी खाद के 8 सैंपल फेल हुए हैं। इफको की ओर से हाईकोर्ट में दोबारा जांच की याचिका डाली गई है। विभाग की ओर से भी प्रति उत्तर कोर्ट में दाखिल कर दिया गया है। अब कोर्ट के निर्देशानुसार ही अग्रिम कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि गोदाम का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
इफको के फिल्ड मैनेजर एसके सिंह का कहना है कि सैंपलों की दोबारा जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है।
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-रिटेस्टिंग में इफको डीएपी खाद के 8 सैंपल फेल होने पर कृषि विभाग के अफसरों ने की कार्रवाई
-डायरेक्टर एग्रीकल्चर के अपील स्वीकार करने पर पूर्व में फेल हुए सैंपल की हुई थी रिटेस्टिंग
-इफको की ओर से हाईकोर्ट में पुन टेस्टिंग की डाली गई है याचिका
-मिलावटी डीएपी से किसानों को लगाई जा रही चपत
जतिन त्यागी
हापुड़। बुलंदशहर रोड पर स्थित पीसीएफ गोदाम से कृषि विभाग के अफसरों की ओर से भरे गए डीएपी खाद के 8 सैंपल रिटेस्टिंग में भी फेल हो गए हैं। इस पर अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए गोदाम के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। वहीं, इफको की ओर से हाईकोर्ट में खाद के सैंपलों की फिर से जांच कराने के संबंध में याचिका डाली गई है। कृषि अफसरों ने भी कोर्ट में प्रति उत्तर दाखिल कर दिया है। पीसीएफ गोदाम से जिले के करीब दस हजार किसानों ने डीएपी खाद ली होगी।
बीते दिनों कृषि विभाग के अफसरों ने बुलदंशहर रोड स्थित पीसीएफ गोदाम पर छापेमारी कर डीएपी खाद के 15 सैंपल लिए थे। उन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया था जिसमें से 8 सैंपल फेल हो गए थे। विभागीय अफसरों की कार्रवाई होती देख गोदाम संचालकों ने डायरेक्टर एग्रीकल्चर के यहां सैंपल की रिटेस्टिंग की अपील की थी।
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यह अपील स्वीकार होने पर उक्त सैंपल को दोबारा जांच के लिए लैब भेजा गया था जहां फिर से उक्त सभी 8 सैंपल फेल हो गए। मामले की गंभीरता पर कृषि विभाग के अफसरों ने गोदाम के लाइसेंस को रद्द कर दिया है। हालांकि इफको की ओर से खाद सैंपलों की पुन: जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है।
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जिलेभर की समितियों को खाद के वितरण की जिम्मेदारी पीसीएफ गोदाम की है। इस गोदाम में रखे खाद के 8 सैंपल फेल होने से अनुमान लगाया जा सकता है कि किसानों को किस हद तक मिलावटी खाद थोपा जा रहा है।
गेहूं बुवाई के समय डीएपी की अधिक जरूरत
इन दिनों गेहूं की बुवाई का उपयुक्त समय चल रहा है। इस समय किसानों को डीएपी खाद की आवश्कता है। यह खाद यूरिया से काफी महंगा आता है। ऐसे में मिलावटखोरी की आशंका किसानों को सता रही है।
मिलावट खोरी पर नजर
डीएपी खाद के सैंपल फेल होने पर अब कृषि विभाग के अफसर भी चौकन्ने हो गए हैं। डीएपी, यूरिया पर अफसर चौकन्नी नजर रखे हुए हैं। यही कारण है कि बीते दिनों भी विभागीय अफसरों ने नगर के एक खाद गोदाम पर छापेमार कार्रवाई कर सैंपल लिए थे।
हाईकोर्ट में दोबारा डाली है याचिका
जिला कृषि अधिकारी धीरज सिंह का कहना है कि रिटेस्टिंग में इफको के डीएपी खाद के 8 सैंपल फेल हुए हैं। इफको की ओर से हाईकोर्ट में दोबारा जांच की याचिका डाली गई है। विभाग की ओर से भी प्रति उत्तर कोर्ट में दाखिल कर दिया गया है। अब कोर्ट के निर्देशानुसार ही अग्रिम कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि गोदाम का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
इफको के फिल्ड मैनेजर एसके सिंह का कहना है कि सैंपलों की दोबारा जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है।