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मौसम में बदलाव, बच्चों को नमूनिया की शिकायत
Updated Wed, 14 Nov 2018 01:55 AM IST
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मौसम में बदलाव, बच्चों को नमूनिया की शिकायत
हापुड़। मौसम के करवट बदलते ही बच्चों को न्यूमोनिया की शिकायत होने लगी है। राजकीय महिला चिकित्सालय में प्रतिदिन औसतन दो दर्जन बच्चे न्यूमोनिया से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों को सर्दी से बचाने व समय से उपचार दिलाने की हिदायत दे रहे हैं।
एक सप्ताह के अंदर मौसम में काफी बदलाव आया है। तापमान में तेजी से गिरावट आई है। इससे बच्चों में न्यूमोनिया तेजी से फैल रहा है। आलम यह है कि कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर प्रतिदिन औसतन दो दर्जन बच्चे न्यूमोनिया से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश अनुरागी का कहना है कि न्यूमोनिया बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। इलाज में थोड़ी लापरवाही बरतने पर ही बच्चों की जान को खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को समय से चिकित्सक के पास ले जाकर उनका इलाज कराएं।
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न्यूमोनिया के लक्षण
0 बच्चे की छाती चलना।
0 सर्दी के साथ बुखार आना।
0 खांसी का ठीक न होना।
0 नाक बहना, उल्टी होना इसके मुख्य लक्षण हैं।
बचाव के तरीके
0 सर्दी से बच्चों को बचाएं, कपड़े पहनाने में लापरवाही न बरतें।
0 धूल, प्रदूषण से बचाएं, ताजा खाना खिलाएं।
0 खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों का सेवन न करने दें।
0 लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
सीएमओ डॉ. राजवीर सिंह का कहना है कि मौसम में बदलाव से न्यूमोनिया सक्रिय हो रहा है। अभिभावक बच्चों की सेहत का ध्यान रखें। लक्षण दिखने पर चिकित्सक की सलाह लें।
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हापुड़। मौसम के करवट बदलते ही बच्चों को न्यूमोनिया की शिकायत होने लगी है। राजकीय महिला चिकित्सालय में प्रतिदिन औसतन दो दर्जन बच्चे न्यूमोनिया से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों को सर्दी से बचाने व समय से उपचार दिलाने की हिदायत दे रहे हैं।
एक सप्ताह के अंदर मौसम में काफी बदलाव आया है। तापमान में तेजी से गिरावट आई है। इससे बच्चों में न्यूमोनिया तेजी से फैल रहा है। आलम यह है कि कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर प्रतिदिन औसतन दो दर्जन बच्चे न्यूमोनिया से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश अनुरागी का कहना है कि न्यूमोनिया बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। इलाज में थोड़ी लापरवाही बरतने पर ही बच्चों की जान को खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को समय से चिकित्सक के पास ले जाकर उनका इलाज कराएं।
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न्यूमोनिया के लक्षण
0 बच्चे की छाती चलना।
0 सर्दी के साथ बुखार आना।
0 खांसी का ठीक न होना।
0 नाक बहना, उल्टी होना इसके मुख्य लक्षण हैं।
बचाव के तरीके
0 सर्दी से बच्चों को बचाएं, कपड़े पहनाने में लापरवाही न बरतें।
0 धूल, प्रदूषण से बचाएं, ताजा खाना खिलाएं।
0 खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों का सेवन न करने दें।
0 लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
सीएमओ डॉ. राजवीर सिंह का कहना है कि मौसम में बदलाव से न्यूमोनिया सक्रिय हो रहा है। अभिभावक बच्चों की सेहत का ध्यान रखें। लक्षण दिखने पर चिकित्सक की सलाह लें।