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करवाचौथ धूमधाम से मनी
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:19 AM IST
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सजना है मुझे सजना के लिए...
गढ़मुक्तेश्वर। करवाचौथ पर विवाहिताओं ने निर्जल व्रत रखकर अपने सुहाग की दीर्घायु की कामना की। इसके साथ ही चंद्रमा के दर्शन करने के बाद पतिदेव के हाथों से जल ग्रहण कर उपवास खोला गया। इस दौरान सभी सुहागिनों ने सोलह शृंगार किए।
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी के उपलक्ष्य में शनिवार को करवाचौथ का त्योहार नगर समेत समूचे क्षेत्र में बड़ी धूमधाम के साथ परंपरागत ढंग में मनाया गया। विवाहिताओं ने दिनभर निर्जल व्रत रखा और रात में चंद्रमा निकलने पर छलनी में दर्शन कर अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की। सुहागिनों ने अपने जीवन साथी की दीर्घायु की कामना की और उनके हाथों से जल ग्रहण कर करवाचौथ का व्रत खोला। पतियों ने अपनी जीवनसंगिनी को उपहार भी दिए। सुहागिनों ने देर शाम को भगवान गणेश, शिव-पार्वती और चौथ माता की कथा सुनीं। इसके बाद उन्होंने अपने सास-ससुर को कपड़ों समेत विभिन्न प्रकार के उपहार भेंटकर आशीर्वाद लिया। वहीं उन युवतियों ने भी करवाचौथ का व्रत रखकर अपने मंगेतरों की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की, जिनके रिश्ते पक्के हो चुके हैं और जिनके सजना जल्द ही घोड़ी पर सवार होकर उन्हें अपने घर ले जाने वाले हैं।
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गढ़मुक्तेश्वर। करवाचौथ पर विवाहिताओं ने निर्जल व्रत रखकर अपने सुहाग की दीर्घायु की कामना की। इसके साथ ही चंद्रमा के दर्शन करने के बाद पतिदेव के हाथों से जल ग्रहण कर उपवास खोला गया। इस दौरान सभी सुहागिनों ने सोलह शृंगार किए।
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी के उपलक्ष्य में शनिवार को करवाचौथ का त्योहार नगर समेत समूचे क्षेत्र में बड़ी धूमधाम के साथ परंपरागत ढंग में मनाया गया। विवाहिताओं ने दिनभर निर्जल व्रत रखा और रात में चंद्रमा निकलने पर छलनी में दर्शन कर अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की। सुहागिनों ने अपने जीवन साथी की दीर्घायु की कामना की और उनके हाथों से जल ग्रहण कर करवाचौथ का व्रत खोला। पतियों ने अपनी जीवनसंगिनी को उपहार भी दिए। सुहागिनों ने देर शाम को भगवान गणेश, शिव-पार्वती और चौथ माता की कथा सुनीं। इसके बाद उन्होंने अपने सास-ससुर को कपड़ों समेत विभिन्न प्रकार के उपहार भेंटकर आशीर्वाद लिया। वहीं उन युवतियों ने भी करवाचौथ का व्रत रखकर अपने मंगेतरों की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की, जिनके रिश्ते पक्के हो चुके हैं और जिनके सजना जल्द ही घोड़ी पर सवार होकर उन्हें अपने घर ले जाने वाले हैं।
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