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पुष्पलता ने रोशन की दो लोगों की दुनिया
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:44 PM IST
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पुष्पलता ने रोशन की दो लोगों की दुनिया
- नेत्रदान कर कायम की मिसाल
- पुष्पलता की अंतिम इच्छा पर परिजनों ने मेरठ के आई बैंक को किया दान
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। मोहल्ला अर्जुननगर निवासी पुष्पलता गोयल मृत्यु के बाद भी दो लोगों की अंधी आंखों को रोशनी देकर एक मिसाल बन गई हैं। उनकी अंतिम इच्छा पर परिजनों ने मेरठ के आई बैंक को सूचना देकर आंखें दान करायी थीं। 15 वर्ष पहले पुष्पलता के स्वर्गीय पति ने भी अपनी आंखें दान की थीं।
स्वर्ग आश्रम रोड स्थित अर्जुन नगर निवासी स्वर्गीय पुष्पलता गोयल के पुत्र विपिन गोयल ने बताया कि उनकी माता गरीब, असहाय लोगों की सेवा में सदैव तत्पर रहती थीं। उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद आंखें दान करने की इच्छा जताई थी। 12 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे उनका निधन हो गया। पुष्पलता गोयल की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए परिजनों ने जिलेभर में चिकित्सकों से आंखें दान करने के संबंध में जानकारी की, लेकिन यहां कोई आई बैंक नहीं होने के कारण राहत नहीं मिल सकी।
एक चिकित्सक के बताने पर उन्होंने मेरठ के आई बैंक से संपर्क किया। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की टीम मौके पर पहुंची और पुष्पलता गोयल की इच्छानुसार उनकी आंखें सुरक्षित निकाल लीं। इतना ही नहीं पुष्पलता गोयल की आंखों से दो अंधे लोगों की आंखों को रोशनी भी मिल गई है। ऐसे में अब पुष्पलता इन दो लोगों के माध्यम से दुनिया में जीवित रहेंगी।
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- नेत्रदान कर कायम की मिसाल
- पुष्पलता की अंतिम इच्छा पर परिजनों ने मेरठ के आई बैंक को किया दान
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। मोहल्ला अर्जुननगर निवासी पुष्पलता गोयल मृत्यु के बाद भी दो लोगों की अंधी आंखों को रोशनी देकर एक मिसाल बन गई हैं। उनकी अंतिम इच्छा पर परिजनों ने मेरठ के आई बैंक को सूचना देकर आंखें दान करायी थीं। 15 वर्ष पहले पुष्पलता के स्वर्गीय पति ने भी अपनी आंखें दान की थीं।
स्वर्ग आश्रम रोड स्थित अर्जुन नगर निवासी स्वर्गीय पुष्पलता गोयल के पुत्र विपिन गोयल ने बताया कि उनकी माता गरीब, असहाय लोगों की सेवा में सदैव तत्पर रहती थीं। उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद आंखें दान करने की इच्छा जताई थी। 12 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे उनका निधन हो गया। पुष्पलता गोयल की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए परिजनों ने जिलेभर में चिकित्सकों से आंखें दान करने के संबंध में जानकारी की, लेकिन यहां कोई आई बैंक नहीं होने के कारण राहत नहीं मिल सकी।
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एक चिकित्सक के बताने पर उन्होंने मेरठ के आई बैंक से संपर्क किया। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की टीम मौके पर पहुंची और पुष्पलता गोयल की इच्छानुसार उनकी आंखें सुरक्षित निकाल लीं। इतना ही नहीं पुष्पलता गोयल की आंखों से दो अंधे लोगों की आंखों को रोशनी भी मिल गई है। ऐसे में अब पुष्पलता इन दो लोगों के माध्यम से दुनिया में जीवित रहेंगी।
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