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एसडीएम और वकीलों में फिर ठनी
Updated Thu, 25 Oct 2018 11:30 PM IST
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गढ़ एसडीएम और वकीलों में फिर ठनी
गढ़मुक्तेश्वर। मुकदमों के निस्तारण में मनमानी और अपेक्षित आचरण न होने से नाराज वकीलों ने एसडीएम को हटवाकर उनके कार्यकाल में हुए कामों की निष्पक्ष जांच कराने के लिए मुख्य सचिव को पत्र भेजा।
बार अध्यक्ष चौधरी अमरपाल सिंह की अध्यक्षता और सचिव राजेंद्र चौहान के संचालन में बृहस्पतिवार को जनरल बॉडी की बैठक हुई, जिसमें मौजूद वकीलों ने एसडीएम ज्योति राय की कार्यप्रणाली के साथ ही नियत तारीख पर मुकदमों का निस्तारण न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा और सह सचिव फरहान खान ने कहा कि एसडीएम की मनमानी के विरोध में बार प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से भी दो बार शिकायत की थीं, जिन्होंने दोनों ही बार एसडीएम को अपने व्यवहार और कार्य प्रणाली में सुधार करने की नसीहत दी थी। लेकिन इसके बाद भी अपना रवैया सुधारने की बजाए एसडीएम मनमानी कर नियत तारीख पर मुकदमों का निस्तारण करने को तैयार नहीं हैं। वकीलों ने भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए एसडीएम को गढ़ तहसील से हटाकर उनके कार्यकाल में हुए सभी कामों की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार भी लगाई है। पूर्व अध्यक्ष बलराज त्यागी, ओमपाल मावी, सुरेंद्र नागर, सतेंद्र चौधरी, नरेश गिल, युद्धवीर, सुहेल आलम, शाकिर, कलीम, चंद्रशेखर समेत अधिकांश वकील मौजूद रहे।
एसडीएम ज्योति राय का कहना है कि वकीलों के सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं, जो बालू से भरी ट्रॉली न छोड़े जाने की पेशबंदी से जुड़े हैं।
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गढ़मुक्तेश्वर। मुकदमों के निस्तारण में मनमानी और अपेक्षित आचरण न होने से नाराज वकीलों ने एसडीएम को हटवाकर उनके कार्यकाल में हुए कामों की निष्पक्ष जांच कराने के लिए मुख्य सचिव को पत्र भेजा।
बार अध्यक्ष चौधरी अमरपाल सिंह की अध्यक्षता और सचिव राजेंद्र चौहान के संचालन में बृहस्पतिवार को जनरल बॉडी की बैठक हुई, जिसमें मौजूद वकीलों ने एसडीएम ज्योति राय की कार्यप्रणाली के साथ ही नियत तारीख पर मुकदमों का निस्तारण न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा और सह सचिव फरहान खान ने कहा कि एसडीएम की मनमानी के विरोध में बार प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से भी दो बार शिकायत की थीं, जिन्होंने दोनों ही बार एसडीएम को अपने व्यवहार और कार्य प्रणाली में सुधार करने की नसीहत दी थी। लेकिन इसके बाद भी अपना रवैया सुधारने की बजाए एसडीएम मनमानी कर नियत तारीख पर मुकदमों का निस्तारण करने को तैयार नहीं हैं। वकीलों ने भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए एसडीएम को गढ़ तहसील से हटाकर उनके कार्यकाल में हुए सभी कामों की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार भी लगाई है। पूर्व अध्यक्ष बलराज त्यागी, ओमपाल मावी, सुरेंद्र नागर, सतेंद्र चौधरी, नरेश गिल, युद्धवीर, सुहेल आलम, शाकिर, कलीम, चंद्रशेखर समेत अधिकांश वकील मौजूद रहे।
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एसडीएम ज्योति राय का कहना है कि वकीलों के सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं, जो बालू से भरी ट्रॉली न छोड़े जाने की पेशबंदी से जुड़े हैं।