{"_id":"5acfa51a4f1c1b583e8b4e10","slug":"41523557658-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब व्हाट्स एप के माध्यम से मिल सकेगी इंटरमीडिएट स्कूलों को पत्राचार की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब व्हाट्स एप के माध्यम से मिल सकेगी इंटरमीडिएट स्कूलों को पत्राचार की जानकारी
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूलों को व्हाट्स एप से मिलेगी शासनादेश की जानकारी
हापुड़। माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े इंटरमीडिएट स्कूलों को अब शासनादेश या अन्य किसी पत्राचार के लिए ई-मेल या डाक पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने व्हाट्स एप पर जिले में मौजूद इंटरमीडिएट स्कूलों के संचालकों का ग्रुप बना लिया है। सभी सूचनाएं ग्रुप पर डाली जा रही हैं।
जिले में 102 इंटरमीडिएट स्कूल हैं। अब से पूर्व इन स्कूलों के संचालकों को शासनादेश या विभाग संबधी कोई जानकारी देने के लिए अफसरों को डाक या ई-मेल का सहारा लेना पड़ता था। स्कूल संचालक अक्सर डाक न मिलने या ई-मेल देखने के लिए बिजली न होने का बहाना बनाते थे। इससे स्कूल संचालकों तक महत्वपूर्ण दिशा निर्देश नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने पत्राचार के लिए मोबाइल पर सोशल मीडिया को माध्यम बनाया है। उक्त ग्रुप पर केवल सूचनाओं का आदान प्रदान होता है। ग्रुप पर मजाक या जोक करना सख्त मना है।
जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र कुमार का कहना है कि अब स्कूलों के प्रधानाचार्य/संचालकों से व्हाट्स एप के माध्यम से पत्राचार किया जा सकेगा। सभी प्रधानाचार्यों को व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े इंटरमीडिएट स्कूलों को अब शासनादेश या अन्य किसी पत्राचार के लिए ई-मेल या डाक पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने व्हाट्स एप पर जिले में मौजूद इंटरमीडिएट स्कूलों के संचालकों का ग्रुप बना लिया है। सभी सूचनाएं ग्रुप पर डाली जा रही हैं।
जिले में 102 इंटरमीडिएट स्कूल हैं। अब से पूर्व इन स्कूलों के संचालकों को शासनादेश या विभाग संबधी कोई जानकारी देने के लिए अफसरों को डाक या ई-मेल का सहारा लेना पड़ता था। स्कूल संचालक अक्सर डाक न मिलने या ई-मेल देखने के लिए बिजली न होने का बहाना बनाते थे। इससे स्कूल संचालकों तक महत्वपूर्ण दिशा निर्देश नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने पत्राचार के लिए मोबाइल पर सोशल मीडिया को माध्यम बनाया है। उक्त ग्रुप पर केवल सूचनाओं का आदान प्रदान होता है। ग्रुप पर मजाक या जोक करना सख्त मना है।
विज्ञापन
जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र कुमार का कहना है कि अब स्कूलों के प्रधानाचार्य/संचालकों से व्हाट्स एप के माध्यम से पत्राचार किया जा सकेगा। सभी प्रधानाचार्यों को व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ लिया गया है।
विज्ञापन