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1965 के युद्ध में हापुड़ आए मार्शल ने जुटाए थे दस लाख

Sun, 17 Sep 2017 11:35 PM IST
Updated Sun, 17 Sep 2017 11:35 PM IST
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1965 के युद्ध में हापुड़ आए मार्शल ने जुटाए थे दस लाख
1965 के युद्ध में हापुड़ आकर मार्शल ने जुटाए थे 10 लाख
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- श्री शांति स्वरूप इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में हुई थी सामान की नीलामी
-मार्शल अर्जुन सिंह की मृत्यु के बाद उनसे जुड़े संस्मरण को खेम सिंह सहारा ने किया साझा
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। 1965 के युद्ध में पाक को नाकों चने चबवाने वाले वायु सेना के मार्शल अर्जुन सिंह का हापुड़ से गहरा नाता रहा है। युद्ध के दौरान मार्शल अर्जुन सिंह ने हापुड़ आकर सैनिकों की मदद के लिए 10 लाख रुपये जुटाए थे। उनकी मृत्यु से शहर में भी शौक की लहर है।

उस दौर में क्षेत्र की नामी सिलाई मशीन बनाने वाली सहारा इंडस्ट्रीज के मालिक सरदार सच्चा सिंह व खेम सिंह सहारा की वायु सेना मार्शल अर्जुन सिंह से अच्छी दोस्ती थी। 1965 के युद्ध के दौरान अर्जुन सिंह के आग्रह पर देश के वीर सैनिकों को मदद पहुंचाने के उद्देश्य से मेरठ रोड स्थित श्री शांति स्वरूप इंटर कालेज में एक शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में महंगी वस्तुओं की नीलामी की गयी। इसके अलावा शहर के प्रमुख उद्योगपति कैलाश आजाद, महेश आलू वाले, बीडी त्यागी, रामजीवन बंसल, बहादुर सिंह, करम सिंह के सहयोग से दस लाख रुपये जुटाकर मदद की गयी। इसके बाद मार्शल ने सरदार सच्चा सिंह व खेम सिंह सहारा को एक पत्र देकर बैंगलोर स्थित एरोनेटिक्स फैक्ट्री के दौरे का प्रस्ताव संबंधी पत्र सौंपा। खेम सिंह सहारा ने बताया कि मार्शल अर्जुन सिंह बड़े ही नरम दिन और हंसमुख स्वभाव के व्यक्ति थे। वे तीन बार हापुड़ आए।
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