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Hapur News: प्राण प्रतिष्ठा के दिन जिले के अस्पतालों में 40 बच्चों ने लिया जन्म
Mon, 22 Jan 2024 11:42 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 22 Jan 2024 11:42 PM IST
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हापुड़। रामलला के अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दिन जिले के 40 से अधिक घरों में नन्हें राम और सीता के रूप में बच्चों ने जन्म लिया। जिससे परिजनों में खुशी का माहौल है। अधिकतर परिजन बच्चों का नाम राम और सीता रखेंगे। चिकित्सकों के अनुसार बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस दिन के लिए प्रसव के लिए तिथि रखने के लिए चिकित्सकों से गुजारिश की थी। इनमें से अधिकतर प्रसव सिजेरियन हुए।
श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के दिन गर्भवती महिलाओं ने प्रसव कराने के लिए निजी और सरकारी अस्पताल में पहले से ही डिलीवरी की बुकिंग करा रखी थी। कई महिलाओं की सीजेरियन डिलीवरी होनी थी। अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अस्पताल भी राममय दिखाई दिए। अस्पताल भी भगवा रंग में रंगे नजर आए। परिजनों की भी इच्छा थी कि उनके घर आने वाला मेहमान भी इस शुभ घड़ी में दुनिया में आए। अमर उजाला द्वारा विभिन्न अस्पतालों में किए गए पड़ताल में जिले के अस्पतालों में 23 बच्चों और 15 बच्चियों ने जन्म लिया। इस दिन मां बनने के सुख को गर्भवती महिलाओं ने सौभाग्यशाली मना। उनका विचार है कि यह दिन ऐतिहासिक है और जिंदगीभर याद रखा जाएगा और बच्चों में श्रीराम और सीता जैसे प्रतापी और विराट व्यक्तित्व के गुण जन्मजात होंगे। डॉ. विमलेश शर्मा ने बताया कि शुभघड़ी में अधिकतर प्रसव सफल रहे हैं। लोगों में इस दिन प्रसव होने से काफी उत्साह देखने को मिला। लोगों ने जमकर मिठाई आदि का स्टाफ वितरण किया।
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श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के दिन गर्भवती महिलाओं ने प्रसव कराने के लिए निजी और सरकारी अस्पताल में पहले से ही डिलीवरी की बुकिंग करा रखी थी। कई महिलाओं की सीजेरियन डिलीवरी होनी थी। अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अस्पताल भी राममय दिखाई दिए। अस्पताल भी भगवा रंग में रंगे नजर आए। परिजनों की भी इच्छा थी कि उनके घर आने वाला मेहमान भी इस शुभ घड़ी में दुनिया में आए। अमर उजाला द्वारा विभिन्न अस्पतालों में किए गए पड़ताल में जिले के अस्पतालों में 23 बच्चों और 15 बच्चियों ने जन्म लिया। इस दिन मां बनने के सुख को गर्भवती महिलाओं ने सौभाग्यशाली मना। उनका विचार है कि यह दिन ऐतिहासिक है और जिंदगीभर याद रखा जाएगा और बच्चों में श्रीराम और सीता जैसे प्रतापी और विराट व्यक्तित्व के गुण जन्मजात होंगे। डॉ. विमलेश शर्मा ने बताया कि शुभघड़ी में अधिकतर प्रसव सफल रहे हैं। लोगों में इस दिन प्रसव होने से काफी उत्साह देखने को मिला। लोगों ने जमकर मिठाई आदि का स्टाफ वितरण किया।
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