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सीवर लाइन चालू हुए बिना ही अधिकांश मैन हॉलों के ढक्कन टूट गए
Updated Tue, 18 Jul 2017 12:24 AM IST
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सीवर चालू हुए बिना टूटे मैन हाल के ढक्कन
सीवर लाइन चालू हुए बिना ही पुरानी दिल्ली और रेलवे रोड पर अधिकांश मैन हालों के ढक्कन टूटकर गायब हो चुके हैं, जिससे स्कूली बच्चे और सैकड़ों छात्राओं समेत रेलवे पैसेंजर भी हादसों के जोखिम के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं।
गंगा एक्शन प्लान के तहत 46 करोड़ की लागत से गढ़-ब्रजघाट में दो एसटीपी बनाने के साथ ही सीवर लाइन बिछाने की मंजूरी हुई थी, ताकि आबादी का गंदा पानी पूरी तरह साफ होने के बाद ही गंगा में जा सके।
पांच साल बीतने के बाद भी यह योजना चालू नहीं हो पाई है। इससे योजना का असल मकसद पूरा नहीं हो रहा है। सीवर लाइन बिछाने के दौरान सड़कें टूटने से भी लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी है।
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रेलवे और पुरानी दिल्ली रोड पर बिछाई गई सीवर लाइन के अधिकांश मैन हॉलों के ढक्कन टूट फूटकर गायब हो चुके हैं, जिससे दो डिग्री कॉलेजों की सैकड़ों छात्रा और नर्सरी स्कूल के बच्चों को आवागमन में खूब दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं।
इसके अलावा ट्रेनों में सफर करने वालों समेत पास में स्थित कालोनी में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को भी हादसों की जोखिम के बीच आवागमन करना मजबूरी बनी हुई है।
पूर्व पालिका सदस्य जमुना प्रसाद, संजय कंसल, नरेंद्र कश्यप का कहना है कि रेलवे रोड पर एसडीएम और डीएसपी के आवास भी हैं, लेकिन इसके बाद भी जल निगम कोई सुध लेने को तैयार नहीं है।
जल निगम के परियोजना प्रबंधक एसपी शर्मा का कहना है कि मंगलवार को जांच कराकर सभी मैन हॉलों पर अविलंब ढक्कन रखवाए जाएंगे।
सीवर लाइन चालू हुए बिना ही पुरानी दिल्ली और रेलवे रोड पर अधिकांश मैन हालों के ढक्कन टूटकर गायब हो चुके हैं, जिससे स्कूली बच्चे और सैकड़ों छात्राओं समेत रेलवे पैसेंजर भी हादसों के जोखिम के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं।
गंगा एक्शन प्लान के तहत 46 करोड़ की लागत से गढ़-ब्रजघाट में दो एसटीपी बनाने के साथ ही सीवर लाइन बिछाने की मंजूरी हुई थी, ताकि आबादी का गंदा पानी पूरी तरह साफ होने के बाद ही गंगा में जा सके।
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पांच साल बीतने के बाद भी यह योजना चालू नहीं हो पाई है। इससे योजना का असल मकसद पूरा नहीं हो रहा है। सीवर लाइन बिछाने के दौरान सड़कें टूटने से भी लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी है।
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रेलवे और पुरानी दिल्ली रोड पर बिछाई गई सीवर लाइन के अधिकांश मैन हॉलों के ढक्कन टूट फूटकर गायब हो चुके हैं, जिससे दो डिग्री कॉलेजों की सैकड़ों छात्रा और नर्सरी स्कूल के बच्चों को आवागमन में खूब दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं।
इसके अलावा ट्रेनों में सफर करने वालों समेत पास में स्थित कालोनी में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को भी हादसों की जोखिम के बीच आवागमन करना मजबूरी बनी हुई है।
पूर्व पालिका सदस्य जमुना प्रसाद, संजय कंसल, नरेंद्र कश्यप का कहना है कि रेलवे रोड पर एसडीएम और डीएसपी के आवास भी हैं, लेकिन इसके बाद भी जल निगम कोई सुध लेने को तैयार नहीं है।
जल निगम के परियोजना प्रबंधक एसपी शर्मा का कहना है कि मंगलवार को जांच कराकर सभी मैन हॉलों पर अविलंब ढक्कन रखवाए जाएंगे।