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बाहरी जिलों से यहां छोड़े जा रहे गोवंश
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बाहरी जिलों से यहां छोड़े जा रहे गोवंश
हापुड़। जिले की सीमाओं में अचानक आवारा गोवंशों की तादाद बढ़ने से लोगों खासकर किसानों की समस्याएं बढ़ गई है। इस क्षेत्र में पहले से ही आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे किसान काफी परेशान हैं। अब अचानक इनकी संख्या बढ़ने से परेशानी और भी अधिक बढ़ गई है। यह आवारा पशु हाइवे पर भी आ जाते हैं जिससे कई बार दुर्घटना हो जाता है। लोगों का मानना है कि बाहरी जिलों से गोवंशों को यहां छोड़ा जा रहा है। हालांकि अधिकारी फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन गुपचुप जांच शुरू कर दी गई है।
शासन की ओर से सड़कों पर घूम रहे आवारा गोवंशों को गोशालाओं में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा गो आश्रय स्थलों की तलाश भी की जा रही है। वझीलपुर और गालंद में किसानों द्वारा गोवंशों को बंधक बनाने के भी मामले प्रकाश में आ चुके हैं, लेकिन आवारा पशुओं से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। लोगों की माने तो हापुड़ के आसपास के जिलों से रात के समय गोवंशों को गाड़ियों में भरकर यहां छोड़ा जा रहा है। इस संबंध में अधिकारियों को भी जानकारियां मिल रही हैं, लेकिन फिलहाल अधिकारी इस संबंध में पुष्ट जानकारी न होने तक खुलकर नहीं बोल रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बाहरी जिलों से गोवंशों को यहां छोड़ने की सूचनाएं मिल रही हैं। इसकी गुपचुप तरीके से जांच कराई जा रही है।
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हापुड़। जिले की सीमाओं में अचानक आवारा गोवंशों की तादाद बढ़ने से लोगों खासकर किसानों की समस्याएं बढ़ गई है। इस क्षेत्र में पहले से ही आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे किसान काफी परेशान हैं। अब अचानक इनकी संख्या बढ़ने से परेशानी और भी अधिक बढ़ गई है। यह आवारा पशु हाइवे पर भी आ जाते हैं जिससे कई बार दुर्घटना हो जाता है। लोगों का मानना है कि बाहरी जिलों से गोवंशों को यहां छोड़ा जा रहा है। हालांकि अधिकारी फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन गुपचुप जांच शुरू कर दी गई है।
शासन की ओर से सड़कों पर घूम रहे आवारा गोवंशों को गोशालाओं में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा गो आश्रय स्थलों की तलाश भी की जा रही है। वझीलपुर और गालंद में किसानों द्वारा गोवंशों को बंधक बनाने के भी मामले प्रकाश में आ चुके हैं, लेकिन आवारा पशुओं से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। लोगों की माने तो हापुड़ के आसपास के जिलों से रात के समय गोवंशों को गाड़ियों में भरकर यहां छोड़ा जा रहा है। इस संबंध में अधिकारियों को भी जानकारियां मिल रही हैं, लेकिन फिलहाल अधिकारी इस संबंध में पुष्ट जानकारी न होने तक खुलकर नहीं बोल रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बाहरी जिलों से गोवंशों को यहां छोड़ने की सूचनाएं मिल रही हैं। इसकी गुपचुप तरीके से जांच कराई जा रही है।
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