{"_id":"59e25b674f1c1bda538b7574","slug":"191508006759-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाइन में तकनीकी गड़बड़ी होने से बिजली 15घंटा गुल रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाइन में तकनीकी गड़बड़ी होने से बिजली 15घंटा गुल रही
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
तकनीकी गड़बड़ी के कारण 15 घंटे गुल रही बिजली
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली क्षेत्र के हरोड़ा गांव में शुक्रवार रात लाइन में तकनीकी गड़बड़ी होने के कारण 15 घंटे बिजली गुल रही। जिससे जरूरी कामकाज ठप रहने के साथ ही हजारों परिवारों को पीने के पानी की किल्लत झेलनी पड़ी।
सिंभावली क्षेत्र के गांव हरोड़ा के बिजलीघर की लाइन में तकनीकी गड़बड़ी होने से शुक्रवार की रात में बिजली गुल हो गई थी, जिससे जरूरी कामकाज ठप होने के साथ ही हरोड़ा, जमालपुर, खागोई, सहसपुरा समेत 18 गांवों में हजारों परिवारों को पीने के पानी की किल्लत भी झेलनी पड़ी। रातभर सप्लाई न आने से इन्वर्टर-बैट्री भी जवाब दे गईं। शुक्रवार रात करीब 9 बजे गुल हुई बिजली 15 घंटों के बाद शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सुचारु हो सकी।
एसडीओ महावीर सिंह का कहना है कि लाइन में हुआ फाल्ट रात में ठीक नहीं हो पाया था, जिसे शनिवार दोपहर ठीक कर सप्लाई सुचारु करा दी गई है।
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली क्षेत्र के हरोड़ा गांव में शुक्रवार रात लाइन में तकनीकी गड़बड़ी होने के कारण 15 घंटे बिजली गुल रही। जिससे जरूरी कामकाज ठप रहने के साथ ही हजारों परिवारों को पीने के पानी की किल्लत झेलनी पड़ी।
सिंभावली क्षेत्र के गांव हरोड़ा के बिजलीघर की लाइन में तकनीकी गड़बड़ी होने से शुक्रवार की रात में बिजली गुल हो गई थी, जिससे जरूरी कामकाज ठप होने के साथ ही हरोड़ा, जमालपुर, खागोई, सहसपुरा समेत 18 गांवों में हजारों परिवारों को पीने के पानी की किल्लत भी झेलनी पड़ी। रातभर सप्लाई न आने से इन्वर्टर-बैट्री भी जवाब दे गईं। शुक्रवार रात करीब 9 बजे गुल हुई बिजली 15 घंटों के बाद शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सुचारु हो सकी।
विज्ञापन
एसडीओ महावीर सिंह का कहना है कि लाइन में हुआ फाल्ट रात में ठीक नहीं हो पाया था, जिसे शनिवार दोपहर ठीक कर सप्लाई सुचारु करा दी गई है।