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श्मशान भूमि पर बना दिया आईटीआई कॉलेज
Updated Thu, 24 May 2018 12:05 AM IST
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श्मशान भूमि पर बना दिया आईटीआई कॉलेज
गढ़मुक्तेश्वर। गांव मोहम्मदपुर खुड़लिया स्थित राजकीय औद्योगिक संस्थान को श्मशान भूमि पर बनाए जाने की शिकायत पर एसडीएम ने उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेजी है। इसमें जमीन को दोबारा श्मशान भूमि दर्ज किए जाने की रिपोर्ट अधिकारियों को दी है।
सिंभावली के गांव मोहम्मदपुर खुड़लिया निवासी मनवीर सिंह ने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर शिकायत कर आरोप लगाया था कि गांव में स्थित श्मशान भूमि को 1998 में कन्या डिग्री कॉलेज और शूटिंग रेंज के लिए पारित किया गया था। मानकों को ताक पर रखकर उक्त भूमि को राजकीय औद्योगिक संस्थान के लिए दर्ज कर दिया गया। शिकायत के बाद सीएम कार्यालय से जांच एसडीएम गढ़ कार्यालय में पहुंची जहां से एसडीएम ने तहसीलदार के माध्यम से इस प्रकरण की जांच कराई, जिसमें शिकायत सही पाई गई। एसडीएम ने उच्चधिकारियों को भेजी गई जांच रिपोर्ट में लिखा है कि श्मशान भूमि को किसी अन्य मद में दर्ज नहीं किया जा सकता है। पूर्व में तैनात अधिकारियों ने नियमों के विपरित भूमि आईटीआई कॉलेज के निर्माण के लिए दी थी। जबकि उक्त भूमि को दोबारा श्मशान भूमि के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने कहा कि जांच रिपोर्ट से यह सिद्ध हो गया है कि राजकीय औद्योगिक संस्थान का निर्माण नियम विरुद्ध किया गया है। इस संबंध में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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गढ़मुक्तेश्वर। गांव मोहम्मदपुर खुड़लिया स्थित राजकीय औद्योगिक संस्थान को श्मशान भूमि पर बनाए जाने की शिकायत पर एसडीएम ने उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेजी है। इसमें जमीन को दोबारा श्मशान भूमि दर्ज किए जाने की रिपोर्ट अधिकारियों को दी है।
सिंभावली के गांव मोहम्मदपुर खुड़लिया निवासी मनवीर सिंह ने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर शिकायत कर आरोप लगाया था कि गांव में स्थित श्मशान भूमि को 1998 में कन्या डिग्री कॉलेज और शूटिंग रेंज के लिए पारित किया गया था। मानकों को ताक पर रखकर उक्त भूमि को राजकीय औद्योगिक संस्थान के लिए दर्ज कर दिया गया। शिकायत के बाद सीएम कार्यालय से जांच एसडीएम गढ़ कार्यालय में पहुंची जहां से एसडीएम ने तहसीलदार के माध्यम से इस प्रकरण की जांच कराई, जिसमें शिकायत सही पाई गई। एसडीएम ने उच्चधिकारियों को भेजी गई जांच रिपोर्ट में लिखा है कि श्मशान भूमि को किसी अन्य मद में दर्ज नहीं किया जा सकता है। पूर्व में तैनात अधिकारियों ने नियमों के विपरित भूमि आईटीआई कॉलेज के निर्माण के लिए दी थी। जबकि उक्त भूमि को दोबारा श्मशान भूमि के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने कहा कि जांच रिपोर्ट से यह सिद्ध हो गया है कि राजकीय औद्योगिक संस्थान का निर्माण नियम विरुद्ध किया गया है। इस संबंध में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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