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गन्ने के खेत में फिर दिखा तेंदुआ
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:35 AM IST
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गन्ने के खेत में फिर दिखा तेंदुआ
गढ़मुक्तेश्वर। गन्ने के खेते में तेंदुआ दिखने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पास के खेत में धान की निराई कर रहे किसान जान बचाने के लिए जामुन के पेड़ पर चढ़ गए। सूचना पर लाठी डंडों के साथ पहुंचे किसानों ने खेतों में कांबिंग की, लेकिन तेंदुए का कहीं पता नहीं चला। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में एक सप्ताह से लगातार तेंदुआ दिख रहा है, लेकिन वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
गढ़ क्षेत्र के गांव सौगढ़ और शाहपुर चौधरी के कुछ किसान बृहस्पतिवार सुबह धान की फसल में निराई कर रहे थे। इसी दौरान पास के खेत में खड़ी गन्ने की फसल में उन्हें कुछ आहट सुनाई दी। कुछ ही देर में एक तेंदुआ गन्ने की फसल से बाहर निकला तो किसानों के होश फाख्ता हो गए। तेंदुए को देखते ही किसान जान बचाने के लिए खेत की डोल पर खड़े जामुन के पेड़ पर चढ़ गए। किसान सुनील ने मोबाइल से ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना पर दर्जनों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल में पहुंच गए। ग्रामीणों ने काफी देर तक फसल खंगाली, लेकिन तेंदुए का कोई भी सुराग नहीं मिल पाया। ग्रामीण राजपाल, जयसिंह, प्रकाश का कहना है कि करीब एक सप्ताह से तेंदुआ लगातार दिखाई दे रहा है, लेकिन वन विभाग की टीम तेंदुए की धरपकड़ के लिए आसपास के जंगल में पिंजरा लगाने को तैयार नहीं है।
कोट
बरसात के सीजन में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सेंचुरी एरिया में रहने वाले कुछ जंगली जानवर कृषि क्षेत्र में घुस आते हैं। इनकी धरपकड़ के लिए विभागीय स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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- अरुण कुमार सिंह, वन रेंजर
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गढ़मुक्तेश्वर। गन्ने के खेते में तेंदुआ दिखने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पास के खेत में धान की निराई कर रहे किसान जान बचाने के लिए जामुन के पेड़ पर चढ़ गए। सूचना पर लाठी डंडों के साथ पहुंचे किसानों ने खेतों में कांबिंग की, लेकिन तेंदुए का कहीं पता नहीं चला। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में एक सप्ताह से लगातार तेंदुआ दिख रहा है, लेकिन वन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
गढ़ क्षेत्र के गांव सौगढ़ और शाहपुर चौधरी के कुछ किसान बृहस्पतिवार सुबह धान की फसल में निराई कर रहे थे। इसी दौरान पास के खेत में खड़ी गन्ने की फसल में उन्हें कुछ आहट सुनाई दी। कुछ ही देर में एक तेंदुआ गन्ने की फसल से बाहर निकला तो किसानों के होश फाख्ता हो गए। तेंदुए को देखते ही किसान जान बचाने के लिए खेत की डोल पर खड़े जामुन के पेड़ पर चढ़ गए। किसान सुनील ने मोबाइल से ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना पर दर्जनों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल में पहुंच गए। ग्रामीणों ने काफी देर तक फसल खंगाली, लेकिन तेंदुए का कोई भी सुराग नहीं मिल पाया। ग्रामीण राजपाल, जयसिंह, प्रकाश का कहना है कि करीब एक सप्ताह से तेंदुआ लगातार दिखाई दे रहा है, लेकिन वन विभाग की टीम तेंदुए की धरपकड़ के लिए आसपास के जंगल में पिंजरा लगाने को तैयार नहीं है।
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बरसात के सीजन में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सेंचुरी एरिया में रहने वाले कुछ जंगली जानवर कृषि क्षेत्र में घुस आते हैं। इनकी धरपकड़ के लिए विभागीय स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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- अरुण कुमार सिंह, वन रेंजर