{"_id":"5d1cf35d8ebc3e3c7a55ef88","slug":"156217837410-hapur-news125","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब हापुड़ के सिंचाई विभाग में रोजाना बैठेंगे एक्सईन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब हापुड़ के सिंचाई विभाग में रोजाना बैठेंगे एक्सईन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब सिंचाई विभाग में रोज बैठेंगे एक्सईएन
- सिंचाई संबंधी कार्य के लिए किसानों को नहीं लगाने पड़ेंगे मेरठ के चक्कर
- भाकियू भानु की मांग पर डीएम ने किए आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
हापुड़। जिले के किसानों को सिंचाई विभाग संबंधी कार्य के लिए अब मेरठ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भाकियू भानु की मांग पर डीएम ने हापुड़ कार्यालय में एक्सईएन की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। ऐसे में किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
मेरठ रोड पर सिंचाई विभाग का कार्यालय स्थित है, लेकिन यहां एक्सईएन के न बैठने से किसानों को विभाग संबंधी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। अगर उन्हें कोई समस्या आती है तो निस्तारण के लिए मेरठ के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बीते काफी समय से भाकियू भानु के कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जिलाध्यक्ष पवन हूण के नेतृत्व में कार्यकर्ता डीएम से मिले और समस्या बतायी। मामले की गंभीरता पर डीएम ने सिंचाई विभाग के स्थानीय कार्यालय में एक्सईएन की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। ऐसे में अब किसानों की समस्या हापुड़ में ही हल हो सकेंगी।
विज्ञापन
- सिंचाई संबंधी कार्य के लिए किसानों को नहीं लगाने पड़ेंगे मेरठ के चक्कर
- भाकियू भानु की मांग पर डीएम ने किए आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
हापुड़। जिले के किसानों को सिंचाई विभाग संबंधी कार्य के लिए अब मेरठ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भाकियू भानु की मांग पर डीएम ने हापुड़ कार्यालय में एक्सईएन की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। ऐसे में किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
मेरठ रोड पर सिंचाई विभाग का कार्यालय स्थित है, लेकिन यहां एक्सईएन के न बैठने से किसानों को विभाग संबंधी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। अगर उन्हें कोई समस्या आती है तो निस्तारण के लिए मेरठ के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बीते काफी समय से भाकियू भानु के कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जिलाध्यक्ष पवन हूण के नेतृत्व में कार्यकर्ता डीएम से मिले और समस्या बतायी। मामले की गंभीरता पर डीएम ने सिंचाई विभाग के स्थानीय कार्यालय में एक्सईएन की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। ऐसे में अब किसानों की समस्या हापुड़ में ही हल हो सकेंगी।
विज्ञापन