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गर्मी बढ़ते ही कुते-बंदर हुए खूंखार
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गर्मी बढ़ते ही कुत्ते-बंदर हुए खूंखार
हापुड़। बढ़ते तापमान के चलते लोगों का जीना मुहाल तो है ही वहीं जानवर भी खूंखार हो गए हैं। गर्मी का असर सबसे ज्यादा कुत्ते और बंदरों में देखा जा रहा है। ये लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इन दिनों जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना करीब 500 मरीज रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। वहीं चिकित्सक भी लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैं।
गर्मी में तापमान जैसे-जैसे बढ़ रहा है वैसे ही कुत्ते और बंदर इस कदर खूंखार हो गए हैं कि वह नागरिकों पर सरेआम हमला कर रहे हैं। कुत्ते के काटने से रैबीज फैलने का सबसे ज्यादा डर रहता है। इसी कारण लोग कुत्ते के काटने से काफी भयभीत हैं। सीएचसी पर इन दिनों रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।
मार्च महीने तक सीएचसी में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने को औसत 250 मरीज प्रतिदिन पहुंचते थे, लेकिन इन दिनों ऐसे लोगों की संख्या बढ़कर 500 के आंकड़े को पार कर गई है।
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चिकित्सकों की माने तो कुत्ते के काटने के 24 घंटे बाद तक रेबीज का इंजेक्शन हर हाल में लगवा लेना चाहिए। क्योंकि रेबीज होने पर पीड़ित को बचाना लगभग असंभव होता है। गर्मी के मौसम में कुत्तों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। वहीं बंदरों का आतंक भी इन दिनों काफी बढ़ गया है। बंदरों को पकड़वाने के लिए पालिका द्वारा हर वर्ष अभियान चलाया जाता है लेकिन इसके बावजूद बंदर कम नहीं हो रहे हैं। हापुड़ व गढ़ में सबसे ज्यादा बंदरों का आतंक है। गत वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो बंदरों के हमले में लगभग 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, वहीं हमले के दौरान छत से गिरने से दो लोगों की मौत भी हुई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि सीएचसी में रेबीज इंजेक्शन का पर्याप्त स्टॉक है। कुत्ते काटे के मरीज पर्चा बनवाकर इंजेक्शन लगवा सकते हैं।
दुकानदार पर बंदरों के झुंड ने हमला किया
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ नगर के मोहल्ला मीरा रेती निवासी कल्लू तहसील रोड पर सड़क किनारे सब्जी की अस्थाई दुकान लगाता है। बृहस्पतिवार को भी वह दुकान पर बैठा हुआ था। दोपहर के समय बंदरों के झुंड ने उसकी दुकान पर हमला बोल दिया। दुकानदार ने बंदरों को भगाने की कोशिश की, तो झुंड ने उसपर भी हमला बोल दिया, जिससे दुकानदार घायल हो गया। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह कल्लू को बचाकर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। घटना से आसपास के दुकानदारों में दहशत का माहौल बन गया है। क्षेत्रीय लोगों ने पालिका-प्रशासन से बंदरों को पकड़वाकर आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की है। ब्यूरो
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हापुड़। बढ़ते तापमान के चलते लोगों का जीना मुहाल तो है ही वहीं जानवर भी खूंखार हो गए हैं। गर्मी का असर सबसे ज्यादा कुत्ते और बंदरों में देखा जा रहा है। ये लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इन दिनों जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना करीब 500 मरीज रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। वहीं चिकित्सक भी लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैं।
गर्मी में तापमान जैसे-जैसे बढ़ रहा है वैसे ही कुत्ते और बंदर इस कदर खूंखार हो गए हैं कि वह नागरिकों पर सरेआम हमला कर रहे हैं। कुत्ते के काटने से रैबीज फैलने का सबसे ज्यादा डर रहता है। इसी कारण लोग कुत्ते के काटने से काफी भयभीत हैं। सीएचसी पर इन दिनों रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।
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मार्च महीने तक सीएचसी में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने को औसत 250 मरीज प्रतिदिन पहुंचते थे, लेकिन इन दिनों ऐसे लोगों की संख्या बढ़कर 500 के आंकड़े को पार कर गई है।
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चिकित्सकों की माने तो कुत्ते के काटने के 24 घंटे बाद तक रेबीज का इंजेक्शन हर हाल में लगवा लेना चाहिए। क्योंकि रेबीज होने पर पीड़ित को बचाना लगभग असंभव होता है। गर्मी के मौसम में कुत्तों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। वहीं बंदरों का आतंक भी इन दिनों काफी बढ़ गया है। बंदरों को पकड़वाने के लिए पालिका द्वारा हर वर्ष अभियान चलाया जाता है लेकिन इसके बावजूद बंदर कम नहीं हो रहे हैं। हापुड़ व गढ़ में सबसे ज्यादा बंदरों का आतंक है। गत वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो बंदरों के हमले में लगभग 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, वहीं हमले के दौरान छत से गिरने से दो लोगों की मौत भी हुई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि सीएचसी में रेबीज इंजेक्शन का पर्याप्त स्टॉक है। कुत्ते काटे के मरीज पर्चा बनवाकर इंजेक्शन लगवा सकते हैं।
दुकानदार पर बंदरों के झुंड ने हमला किया
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ नगर के मोहल्ला मीरा रेती निवासी कल्लू तहसील रोड पर सड़क किनारे सब्जी की अस्थाई दुकान लगाता है। बृहस्पतिवार को भी वह दुकान पर बैठा हुआ था। दोपहर के समय बंदरों के झुंड ने उसकी दुकान पर हमला बोल दिया। दुकानदार ने बंदरों को भगाने की कोशिश की, तो झुंड ने उसपर भी हमला बोल दिया, जिससे दुकानदार घायल हो गया। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह कल्लू को बचाकर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। घटना से आसपास के दुकानदारों में दहशत का माहौल बन गया है। क्षेत्रीय लोगों ने पालिका-प्रशासन से बंदरों को पकड़वाकर आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की है। ब्यूरो