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सीएमओ साहब! निजी अस्पताल आयुष्मान योजना में नहीं कर रहे उपचार
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सीएमओ साहब! निजी अस्पताल आयुष्मान योजना में नहीं कर रहे उपचार
हापुड़। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना की निजी अस्पताल जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। हापुड़ के मोहल्ला कन्हैयापुरा निवासी एक वृद्ध से उसकी पत्नी के उपचार के नाम पर हजारों रुपये का सुविधा शुल्क मांगने का मामला प्रकाश में आया है। जबकि पीड़ित के पास गोल्डन कार्ड भी है। इस मामले में सीएमओ से शिकायत की गई है।
कन्हैयापुरा निवासी बिजेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी उर्मिला देवी काफी बीमार है। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में उसे चुना गया था, पत्नी के पास गोल्डन कार्ड भी उपलब्ध है।
आरोप है कि पत्नी का उपचार कराने के लिए वह स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित शहर के एक निजी अस्पताल व एक मेडिकल कालेज में पहुंचा। वहां उपचार के नाम पर पीड़ित से हजारों रुपये की मांग की गई। सुविधा शुल्क न देने पर उसकी पत्नी का उपचार करने से इंकार कर दिया गया।
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आश्चर्य की बात यह है कि इस योजना के तहत मरीज के उपचार पर आने वाले खर्च में पांच लाख रुपये तक का खर्चा सरकार वहन करती है, यह पैसा अस्पतालों को सरकार द्वारा दिया जाता है। फिर भी अस्पताल मरीजों से सुविधा शुल्क वसूलने में लगे हैं। बहरहाल, इस मामले की शिकायत पीड़ित ने सीएमओ से की है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। शिकायत के आधार पर जांच कर, कड़ी की जाएगी।
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हापुड़। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना की निजी अस्पताल जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। हापुड़ के मोहल्ला कन्हैयापुरा निवासी एक वृद्ध से उसकी पत्नी के उपचार के नाम पर हजारों रुपये का सुविधा शुल्क मांगने का मामला प्रकाश में आया है। जबकि पीड़ित के पास गोल्डन कार्ड भी है। इस मामले में सीएमओ से शिकायत की गई है।
कन्हैयापुरा निवासी बिजेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी उर्मिला देवी काफी बीमार है। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में उसे चुना गया था, पत्नी के पास गोल्डन कार्ड भी उपलब्ध है।
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आरोप है कि पत्नी का उपचार कराने के लिए वह स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित शहर के एक निजी अस्पताल व एक मेडिकल कालेज में पहुंचा। वहां उपचार के नाम पर पीड़ित से हजारों रुपये की मांग की गई। सुविधा शुल्क न देने पर उसकी पत्नी का उपचार करने से इंकार कर दिया गया।
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आश्चर्य की बात यह है कि इस योजना के तहत मरीज के उपचार पर आने वाले खर्च में पांच लाख रुपये तक का खर्चा सरकार वहन करती है, यह पैसा अस्पतालों को सरकार द्वारा दिया जाता है। फिर भी अस्पताल मरीजों से सुविधा शुल्क वसूलने में लगे हैं। बहरहाल, इस मामले की शिकायत पीड़ित ने सीएमओ से की है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। शिकायत के आधार पर जांच कर, कड़ी की जाएगी।