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कच्चे घाट पर गंगा में डूबे दो युवकों का सुराग नहीं लगा
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गंगा में डूबे दो युवकों का नहीं लगा सुराग
गढ़मुक्तेश्वर। कच्चे घाट पर डूबे दो युवकों का सुराग न लगने से गंगा किनारे वाले गांवों में दूसरे दिन भी मातम छाया रहा। गंगा किनारे पड़ाव डालकर खोजबीन करा रहे पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने शोक संतप्त परिवारों को शासन से आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा भी दिया।
जनपद अमरोहा की हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव लुहारी खादर निवासी गुड्डू सिंह के पांच वर्षीय बेटे कौशल का सोमवार की दोपहर को मुंडन हुआ था, जिसकी खुशी में परिजन अमरोहा की साइड में कच्चे घाट पर गंगा में डुबकी लगा रहे थे तो तेज बहाव के साथ गहरे पानी में जाने से गौतम और धर्मेंद्र डूबने लगे थे। जिन्हें बचाने को पास में डुबकी लगा रहे सचिन, विपिन, उसके भाई मनोज, संजीव, उसके भाई बंटी, पप्पू, धर्मवीर और टिंकू भी गहरे पानी में पहुंचकर डूबने लगे थे। शोर सुनकर आए किसान और मल्लाहों ने पप्पू, धर्मवीर और टिंकू को जीवित बचा लिया था, लेकिन अन्य आठों युवक गंगा में डूब गए थे। ब्रजघाट के पहुंचे गोताखोरों ने सचिन, विपिन, उसके भाई मनोज, संजीव, उसके भाई बंटी के शव बरामद कर लिए थे, लेकिन गौतम और धर्मेंद्र का दूसरे दिन भी कोई अता पता नहीं लग पाया है। एक ही परिवार के सात युवकों की दर्दनाक मौत की घटना से गंगा किनारे वाले गांवों में दूसरे दिन भी हर तरफ मातम छाया रहा, जिसके चलते सैकड़ों घरों में खाना तक नहीं बन पाया।
जिला प्रशासन के निर्देशन में हसनपुर एसडीएम संजय बंसल, तहसीलदार सदानंद, गजरौला इंस्पेक्टर नीरज कुमार गंगा किनारे पड़ाव डाले हुए हैं, जो गोताखोरों से गंगा में डूबे युवकों की तलाश कराने में जुटे हुए हैं। वहीं डीएम उमेश मिश्रा ने शोक संतप्त परिवारों को शासन से हर संभव आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया है।
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एक ही परिवार से पांच अर्थी उठने पर सैकड़ों घरों में नहीं जला चूल्हा
गढ़मुक्तेश्वर। एक ही परिवार से पांच अर्थी उठने पर सैकड़ों घरों में दूसरे दिन भी चूल्हा नहीं जल सका। घरों में कोहराम और हर तरफ मातम पसर रहा।
एक ही परिवार से जुड़े सचिन, विपिन, उसके भाई मनोज, संजीव, उसके भाई बंटी के शव पोस्टमार्टम होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अमरोहा से लेकर सोमवार की रात को गांव लुहारी खादर में पहुंची तो मृतकों के घर में कोहराम और हर तरफ मातम छा गया। मंगलवार को सुबह होने पर परिवार से एक साथ पांच युवकों की अर्थी उठीं तो ग्रामीण और रिश्तेदारों समेत आसपास के गांवों के हजारों लोग कंधा देने को मौजूद थे। पांचों युवकों की सामूहिक शव यात्रा पड़ोस के गांव दयावली के सामने गंगा किनारे ले जाई गई, जहां बेहद गमगीन माहौल और हजारों की भीड़ की आंखों से छलक रहे आंसुओं के बीच चिताओं को मुखाग्नि देकर दिवंगतों का वैदिक रीति रिवाज से दाह संस्कार किया गया। एक ही परिवार के पांच युवकों की एकसाथ गंगा में डूबने पर दर्दनाक मौत होने से अकेले लुहारी खादर ही नहीं बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों में मातम पसरा हुआ है।
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गढ़मुक्तेश्वर। कच्चे घाट पर डूबे दो युवकों का सुराग न लगने से गंगा किनारे वाले गांवों में दूसरे दिन भी मातम छाया रहा। गंगा किनारे पड़ाव डालकर खोजबीन करा रहे पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने शोक संतप्त परिवारों को शासन से आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा भी दिया।
जनपद अमरोहा की हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव लुहारी खादर निवासी गुड्डू सिंह के पांच वर्षीय बेटे कौशल का सोमवार की दोपहर को मुंडन हुआ था, जिसकी खुशी में परिजन अमरोहा की साइड में कच्चे घाट पर गंगा में डुबकी लगा रहे थे तो तेज बहाव के साथ गहरे पानी में जाने से गौतम और धर्मेंद्र डूबने लगे थे। जिन्हें बचाने को पास में डुबकी लगा रहे सचिन, विपिन, उसके भाई मनोज, संजीव, उसके भाई बंटी, पप्पू, धर्मवीर और टिंकू भी गहरे पानी में पहुंचकर डूबने लगे थे। शोर सुनकर आए किसान और मल्लाहों ने पप्पू, धर्मवीर और टिंकू को जीवित बचा लिया था, लेकिन अन्य आठों युवक गंगा में डूब गए थे। ब्रजघाट के पहुंचे गोताखोरों ने सचिन, विपिन, उसके भाई मनोज, संजीव, उसके भाई बंटी के शव बरामद कर लिए थे, लेकिन गौतम और धर्मेंद्र का दूसरे दिन भी कोई अता पता नहीं लग पाया है। एक ही परिवार के सात युवकों की दर्दनाक मौत की घटना से गंगा किनारे वाले गांवों में दूसरे दिन भी हर तरफ मातम छाया रहा, जिसके चलते सैकड़ों घरों में खाना तक नहीं बन पाया।
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जिला प्रशासन के निर्देशन में हसनपुर एसडीएम संजय बंसल, तहसीलदार सदानंद, गजरौला इंस्पेक्टर नीरज कुमार गंगा किनारे पड़ाव डाले हुए हैं, जो गोताखोरों से गंगा में डूबे युवकों की तलाश कराने में जुटे हुए हैं। वहीं डीएम उमेश मिश्रा ने शोक संतप्त परिवारों को शासन से हर संभव आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया है।
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एक ही परिवार से पांच अर्थी उठने पर सैकड़ों घरों में नहीं जला चूल्हा
गढ़मुक्तेश्वर। एक ही परिवार से पांच अर्थी उठने पर सैकड़ों घरों में दूसरे दिन भी चूल्हा नहीं जल सका। घरों में कोहराम और हर तरफ मातम पसर रहा।
एक ही परिवार से जुड़े सचिन, विपिन, उसके भाई मनोज, संजीव, उसके भाई बंटी के शव पोस्टमार्टम होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अमरोहा से लेकर सोमवार की रात को गांव लुहारी खादर में पहुंची तो मृतकों के घर में कोहराम और हर तरफ मातम छा गया। मंगलवार को सुबह होने पर परिवार से एक साथ पांच युवकों की अर्थी उठीं तो ग्रामीण और रिश्तेदारों समेत आसपास के गांवों के हजारों लोग कंधा देने को मौजूद थे। पांचों युवकों की सामूहिक शव यात्रा पड़ोस के गांव दयावली के सामने गंगा किनारे ले जाई गई, जहां बेहद गमगीन माहौल और हजारों की भीड़ की आंखों से छलक रहे आंसुओं के बीच चिताओं को मुखाग्नि देकर दिवंगतों का वैदिक रीति रिवाज से दाह संस्कार किया गया। एक ही परिवार के पांच युवकों की एकसाथ गंगा में डूबने पर दर्दनाक मौत होने से अकेले लुहारी खादर ही नहीं बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों में मातम पसरा हुआ है।