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स्नेह और सुमन को अलग सेनेटरी नेपकिन यूनिट खोलने की पेशकश
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स्नेह और सुमन को सेनेटरी नेपकिन यूनिट खोलने की पेशकश
हापुड़। एक्शन इंडिया द्वारा ऑस्कर अवार्ड विजेता सुमन और स्नेह को नौकरी से बाहर किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने दोनों की मदद का आश्वासन दिया है। मंगलवार को गांव काठीखेड़ा पहुंचे मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की सीएससी विंग के सीईओ डा. दिनेश त्यागी ने उन्हें एनजीओ चलाने और क्षेत्र में खुद की सेनेटरी यूनिट नैपकिन खोलने की पेशकश की। जिसके लिए हर संभव मदद दिए जाने का आश्वासन दिया।
गांव काठीखेड़ा में सेनेटरी नेपकिन पर बनी डॉक्यूमेंट्री पीरियड: दी एंड ऑफ सेंटेंस ने ऑस्कर जीतकर एक इतिहास रचा था। इसमें फिल्म में भूमिका अदा करने वाल गांव की स्नेह और सुमन को पूरे देश ने हाथों हाथ लिया था। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी स्नेह और सुमन सहित यूनिट की नौ सदस्यों एक एक लाख रुपये का चेक भेंट किया था। इस चेक के कारण संस्था एक्शन इंडिया ने दोनों को नौकरी से निकाल दिया।
मंगलवार को सूचना पर मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की सीएससी विंग के सीईओ डा. दिनेश त्यागी गांव काठीखेड़ा पहुंचे। पहले उन्होंने यूनिट का निरीक्षण किया और काम करने के तरीके जाने। इसके बाद वह सुमन और स्नेह से उनके घर पर मिले। उन्होंने संस्था और उनके बीच हुए विवाद के बारे में जानकारी ली। दोनों की व्यथा सुनने के बाद डा. दिनेश त्यागी ने कहा कि संस्था से विवाद आपसी है। उन्होंने कहा कि स्नेह और सुमन को अब नाम की जरूरत नहीं है, सिर्फ काम की दरकार है। उन्होंने दोनों से पेशकश करते हुए कहा कि दोनों कोई भी एनजीओ चला सकती हैं या इसके अलावा क्षेत्र में सेनेटरी नेपकिन बनाने की खुद की यूनिट लगा सकती हैं। इस मामले में उनकी ओर से जो भी संभव मदद होगी वह उपलब्ध कराई जाएगी।
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इस संबंध में सुमन ने बताया कि उन्हें जो प्रस्ताव दिया गया है उसको लेकर वह असमंजस में हैं। स्नेह के साथ मिलकर इस विषय पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
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हापुड़। एक्शन इंडिया द्वारा ऑस्कर अवार्ड विजेता सुमन और स्नेह को नौकरी से बाहर किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने दोनों की मदद का आश्वासन दिया है। मंगलवार को गांव काठीखेड़ा पहुंचे मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की सीएससी विंग के सीईओ डा. दिनेश त्यागी ने उन्हें एनजीओ चलाने और क्षेत्र में खुद की सेनेटरी यूनिट नैपकिन खोलने की पेशकश की। जिसके लिए हर संभव मदद दिए जाने का आश्वासन दिया।
गांव काठीखेड़ा में सेनेटरी नेपकिन पर बनी डॉक्यूमेंट्री पीरियड: दी एंड ऑफ सेंटेंस ने ऑस्कर जीतकर एक इतिहास रचा था। इसमें फिल्म में भूमिका अदा करने वाल गांव की स्नेह और सुमन को पूरे देश ने हाथों हाथ लिया था। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी स्नेह और सुमन सहित यूनिट की नौ सदस्यों एक एक लाख रुपये का चेक भेंट किया था। इस चेक के कारण संस्था एक्शन इंडिया ने दोनों को नौकरी से निकाल दिया।
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मंगलवार को सूचना पर मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की सीएससी विंग के सीईओ डा. दिनेश त्यागी गांव काठीखेड़ा पहुंचे। पहले उन्होंने यूनिट का निरीक्षण किया और काम करने के तरीके जाने। इसके बाद वह सुमन और स्नेह से उनके घर पर मिले। उन्होंने संस्था और उनके बीच हुए विवाद के बारे में जानकारी ली। दोनों की व्यथा सुनने के बाद डा. दिनेश त्यागी ने कहा कि संस्था से विवाद आपसी है। उन्होंने कहा कि स्नेह और सुमन को अब नाम की जरूरत नहीं है, सिर्फ काम की दरकार है। उन्होंने दोनों से पेशकश करते हुए कहा कि दोनों कोई भी एनजीओ चला सकती हैं या इसके अलावा क्षेत्र में सेनेटरी नेपकिन बनाने की खुद की यूनिट लगा सकती हैं। इस मामले में उनकी ओर से जो भी संभव मदद होगी वह उपलब्ध कराई जाएगी।
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इस संबंध में सुमन ने बताया कि उन्हें जो प्रस्ताव दिया गया है उसको लेकर वह असमंजस में हैं। स्नेह के साथ मिलकर इस विषय पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।