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पशुओं को खुला छोडने पर होगी जेल
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पशुओं को खुला छोड़ा तो होगी जेल
हापुड़। अब जिले में पशुओं को खुला छोड़ने पर दो से पांच साल तक जेल काटनी पड़ सकती है। दुग्ध दोहन के बाद पशुओं को भटकने के लिए छोड़ने वाले लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पशुपालन विभाग ने टीमों का गठन कर दिया है। पकड़ में आने वाले लोगों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की बात कही गई है।
जिले में करीब पांच हजार निराश्रित पशु भूखे प्यासे भटक रहे हैं, इनमें से अधिकांश को अस्थाई गो आश्रय स्थल में रखा गया है। अधिकांश पशु ऐसे हैं जिन्हें दुग्ध दोहन के बाद छोड़ा गया है। जब तक पशु दूध देता है तब तक उसे रखा जाता है, इसके बाद भटकने के लिए छोड़ दिया जाता है।
ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। शहर, देहात में पशुओं को खुला छोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए टीमों का गठन किया गया है। रंगे हाथ पकड़े जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. प्रमोद कुमार का कहना है कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम में दो से पांच वर्ष तक कारावास की सजा का प्रावधान है। पशुपालन अपने पशुओं को खुला न छोड़ें, बल्कि उनका संरक्षण करें।
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हापुड़। अब जिले में पशुओं को खुला छोड़ने पर दो से पांच साल तक जेल काटनी पड़ सकती है। दुग्ध दोहन के बाद पशुओं को भटकने के लिए छोड़ने वाले लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पशुपालन विभाग ने टीमों का गठन कर दिया है। पकड़ में आने वाले लोगों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की बात कही गई है।
जिले में करीब पांच हजार निराश्रित पशु भूखे प्यासे भटक रहे हैं, इनमें से अधिकांश को अस्थाई गो आश्रय स्थल में रखा गया है। अधिकांश पशु ऐसे हैं जिन्हें दुग्ध दोहन के बाद छोड़ा गया है। जब तक पशु दूध देता है तब तक उसे रखा जाता है, इसके बाद भटकने के लिए छोड़ दिया जाता है।
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ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। शहर, देहात में पशुओं को खुला छोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए टीमों का गठन किया गया है। रंगे हाथ पकड़े जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. प्रमोद कुमार का कहना है कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम में दो से पांच वर्ष तक कारावास की सजा का प्रावधान है। पशुपालन अपने पशुओं को खुला न छोड़ें, बल्कि उनका संरक्षण करें।