{"_id":"5ce2f8e2bdec2207436390d4","slug":"15583787744-garh-news8","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएचएआई की मनमानी ने मां समेत दुधमुंहे मासूम की जान गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएचएआई की मनमानी ने मां समेत दुधमुंहे मासूम की जान गई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनएचएआई की मनमानी ने मां समेत दुधमुंहे मासूम की जान गई
गढ़मुक्तेश्वर। एनएचएआई की मनमानी ने मां समेत दुधमुंहे मासूम की जान गई, जबकि गंभीर रूप में घायल हुए पति को नाजुक हालत में मेरठ को रेफर किया गया। अधिकृत कट न खुलने से आए दिन हादसे होने से गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
सिंभावली क्षेत्र के गांव मुरादपुर निवासी हसरत सोमवार की सुबह अपनी पत्नी राजदा और चार माह के दुधमुंहे बेटे बिलाल को साथ लेकर गढ़ में चिकित्सक से दवा दिलाने आ रहा था। गांव बदरखा के सामने पहुंचने पर हसरत कट बंद होने पर बाइक को हाईवे के डिवाडर से पार कर रहा था तो पीछे से तेज रफ्तार में आ रही फॉर्चूनर कार ने बाइक को टक्कर मार दी। पीछे बैठी राजदा 28 साल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मासूम बिलाल समेत हसरत गंभीर रूप में घायल हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को आनन फानन में गढ़ के निजी अस्पताल को ले आई। जहां इलाज के दौरान मासूम बिलाल की कुछ ही देर में मौत हो गई, जबकि घायल हसरत की हालत नाजुक होती देख चिकित्सक ने उसे गंभीर हालत में मेरठ को रेफर कर दिया।
--आए दिन हो रहे हादसों से गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
हादसे में राजदा और बिलाल की मौत होने की खबर पर गांव बदरखा के दर्जनों ग्रामीण मौके पर आ गए, जो एनएचआई पर मनमानी करते हुए महिला बच्चों समेत हजारों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का आरोप लगा हंगामा करने लगे। उस्मान, देवेंद्र, अमित, साकिब, रिंकू, सईद, इरफान, आबिद, साजिद, इंतजार, शहजाद, उम्मेद, वसीम का कहना है कि हाईवे चौड़ीकरण के दौरान गांव के सामने कट खोला गया था, लेकिन एनएचएआई ने करीब 6 माह से उसे जबरन बंद किया हुआ है। जिससे गांव के लोगों को गढ़ आने जाने के दौरान करीब जान हथेली पर रखकर एक किलोमीटर रॉंग साइड से होकर आना जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कट बंद होने की अवधि में आए दिन हादसे होते आ रहे हैं, जिनमें महिला बच्चों समेत दर्जनों राहगीरों के घायल होने के साथ ही अब मुरादपुर की राजदा और उसके दुधमुंहे बच्चे की जान चली गई है।
विज्ञापन
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी ने बताया कि लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद एनएचआई के अफसरों के साथ मीटिंग होनी है, जिसमें गांव बदरखा के सामने वाले कट को लेकर फैसला लिया जाना है।
इंस्पेक्टर आरके राठी ने बताया कि मृतकों के परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर अज्ञात चालक की तलाश कराई जा रही है, जबकि दोनों शवों को पोस्टमार्टम को भेजकर दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को कब्जे में ले लिया गया है।
हादसे में मासूम बिलाल भी मौत की नींद सो गया
संतान न होने पर राजदा ने देवरानी से गोद लिया था
गढ़मुक्तेश्वर। हादसे में राजदा के साथ मौत की नींद सोने वाले मासूम बिलाल को संतान न होने पर देवरानी से गोद लिया गया था।
हसरत को राजदा की शादी को कई साल बीतने के बाद भी घर में बच्चे की किलकारी नहीं गुंज पाई, जिस पर राजदा ने हसरत की सहमति से अपनी देवरानी शाहजहां की कोख से पैदा हुए बिलाल को गोद ले लिया था। हसरत और राजदा उसे अपने बेटे की तरह पाल पौषते आ रहे थे, जिनका सपना था कि पढ़ा लिखाकर बिलाल को बड़ा अफसर बनाएंगे। लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा था, जिसके चलते गढ़ के चिकित्सक से दवा लेने आने के दौरान कार की चपेट में आने से राजदा समेत मासूम बिलाल मौत की नींद सो गया। जबकि मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती हसरत की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। एनएचएआई की मनमानी ने मां समेत दुधमुंहे मासूम की जान गई, जबकि गंभीर रूप में घायल हुए पति को नाजुक हालत में मेरठ को रेफर किया गया। अधिकृत कट न खुलने से आए दिन हादसे होने से गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
सिंभावली क्षेत्र के गांव मुरादपुर निवासी हसरत सोमवार की सुबह अपनी पत्नी राजदा और चार माह के दुधमुंहे बेटे बिलाल को साथ लेकर गढ़ में चिकित्सक से दवा दिलाने आ रहा था। गांव बदरखा के सामने पहुंचने पर हसरत कट बंद होने पर बाइक को हाईवे के डिवाडर से पार कर रहा था तो पीछे से तेज रफ्तार में आ रही फॉर्चूनर कार ने बाइक को टक्कर मार दी। पीछे बैठी राजदा 28 साल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मासूम बिलाल समेत हसरत गंभीर रूप में घायल हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को आनन फानन में गढ़ के निजी अस्पताल को ले आई। जहां इलाज के दौरान मासूम बिलाल की कुछ ही देर में मौत हो गई, जबकि घायल हसरत की हालत नाजुक होती देख चिकित्सक ने उसे गंभीर हालत में मेरठ को रेफर कर दिया।
विज्ञापन
--आए दिन हो रहे हादसों से गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
हादसे में राजदा और बिलाल की मौत होने की खबर पर गांव बदरखा के दर्जनों ग्रामीण मौके पर आ गए, जो एनएचआई पर मनमानी करते हुए महिला बच्चों समेत हजारों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का आरोप लगा हंगामा करने लगे। उस्मान, देवेंद्र, अमित, साकिब, रिंकू, सईद, इरफान, आबिद, साजिद, इंतजार, शहजाद, उम्मेद, वसीम का कहना है कि हाईवे चौड़ीकरण के दौरान गांव के सामने कट खोला गया था, लेकिन एनएचएआई ने करीब 6 माह से उसे जबरन बंद किया हुआ है। जिससे गांव के लोगों को गढ़ आने जाने के दौरान करीब जान हथेली पर रखकर एक किलोमीटर रॉंग साइड से होकर आना जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कट बंद होने की अवधि में आए दिन हादसे होते आ रहे हैं, जिनमें महिला बच्चों समेत दर्जनों राहगीरों के घायल होने के साथ ही अब मुरादपुर की राजदा और उसके दुधमुंहे बच्चे की जान चली गई है।
विज्ञापन
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी ने बताया कि लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद एनएचआई के अफसरों के साथ मीटिंग होनी है, जिसमें गांव बदरखा के सामने वाले कट को लेकर फैसला लिया जाना है।
इंस्पेक्टर आरके राठी ने बताया कि मृतकों के परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर अज्ञात चालक की तलाश कराई जा रही है, जबकि दोनों शवों को पोस्टमार्टम को भेजकर दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को कब्जे में ले लिया गया है।
हादसे में मासूम बिलाल भी मौत की नींद सो गया
संतान न होने पर राजदा ने देवरानी से गोद लिया था
गढ़मुक्तेश्वर। हादसे में राजदा के साथ मौत की नींद सोने वाले मासूम बिलाल को संतान न होने पर देवरानी से गोद लिया गया था।
हसरत को राजदा की शादी को कई साल बीतने के बाद भी घर में बच्चे की किलकारी नहीं गुंज पाई, जिस पर राजदा ने हसरत की सहमति से अपनी देवरानी शाहजहां की कोख से पैदा हुए बिलाल को गोद ले लिया था। हसरत और राजदा उसे अपने बेटे की तरह पाल पौषते आ रहे थे, जिनका सपना था कि पढ़ा लिखाकर बिलाल को बड़ा अफसर बनाएंगे। लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा था, जिसके चलते गढ़ के चिकित्सक से दवा लेने आने के दौरान कार की चपेट में आने से राजदा समेत मासूम बिलाल मौत की नींद सो गया। जबकि मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती हसरत की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है।