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अब गर्भवती महिलाओं की होगी एचआईवी जांच
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अब गर्भवती महिलाओं की होगी एचआईवी जांच
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग अब गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच कराएगा। नवजात बच्चे को एचआईवी से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। विभाग द्वारा विभिन्न टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान यह जांच कराई जाएगी। संदिग्ध मरीज को हर संभव उपचार दिलाया जायेगा।
सरकार की ओर से जच्चा, बच्चा को स्वस्थ रखने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को अनुदान राशि से लाभांवित किया जाता हैं। वहीं जच्चाओं को अस्पताल में भर्ती रहने तक पोष्टिक भोजन दिया जाता है।
डिप्टी सीएमओ प्रवीण शर्मा ने कहा कि अब सरकार ने जच्चा-बच्चा को एचआईवी जैसी घातक बीमारी से बचाने की नई पहल शुरू की है। टीकाकरण अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच कराई जाएगी। संदिग्ध मरीज मिलने पर उसकी जांच सेंट्रल लैब में होगी। जांच पॉजिटिव मिलने पर गर्भवती महिला को मुफ्त उपचार दिलाया जाएगा, मरीज के आने जाने का खर्च भी स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा। उपचार से नवजात बच्चे को इस बीमारी से बचाया जा सकेगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जल्द एएनएम को प्रशिक्षित किया जायेगा। एएनएम गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं की जांच करेंगी।
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हापुड़। स्वास्थ्य विभाग अब गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच कराएगा। नवजात बच्चे को एचआईवी से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। विभाग द्वारा विभिन्न टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान यह जांच कराई जाएगी। संदिग्ध मरीज को हर संभव उपचार दिलाया जायेगा।
सरकार की ओर से जच्चा, बच्चा को स्वस्थ रखने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को अनुदान राशि से लाभांवित किया जाता हैं। वहीं जच्चाओं को अस्पताल में भर्ती रहने तक पोष्टिक भोजन दिया जाता है।
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डिप्टी सीएमओ प्रवीण शर्मा ने कहा कि अब सरकार ने जच्चा-बच्चा को एचआईवी जैसी घातक बीमारी से बचाने की नई पहल शुरू की है। टीकाकरण अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच कराई जाएगी। संदिग्ध मरीज मिलने पर उसकी जांच सेंट्रल लैब में होगी। जांच पॉजिटिव मिलने पर गर्भवती महिला को मुफ्त उपचार दिलाया जाएगा, मरीज के आने जाने का खर्च भी स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा। उपचार से नवजात बच्चे को इस बीमारी से बचाया जा सकेगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जल्द एएनएम को प्रशिक्षित किया जायेगा। एएनएम गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं की जांच करेंगी।
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