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हर गांव में बनेंगे अस्थाई गोआश्रय केंद्र, छह गांवों में कार्य शुरू
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हर गांव में बनेंगे अस्थाई गोआश्रय केंद्र, छह गांवों में काम शुरू
हापुड़। आवारा घूम रहे गोवंशों के लिए प्रत्येक गांव में एक अस्थाई गोआश्रय केंद्र बनाए जाएंगे। ग्राम पंचायत की खाली पड़ी भूमि पर चारदीवारी कर उस पर टीन शेड डालकर सबमर्सिबल लगाया जाएगा। निर्माण के साथ चारे की व्यवस्था ग्राम पंचायत निधि से की जाएगी। हापुड़ ब्लाक में छह गांवों का चयन कर उनमें निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
गोवंशों की समस्या से शहर और गांवों में लोगों को जूझना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए शासन के आदेश पर प्रत्येक गांव में अस्थाई गोआश्रय केंद्र बनाने के आदेश दिए गए हैं। इसके तहत गांवों में खाली पड़ी ग्राम पंचायत की भूमि का चयन कर उसकी चारदीवारी कराकर टीन शेड डाली जाएगी। पानी की व्यवस्था के लिए सबमर्सिबल लगाया जाएगा। इसके निर्माण से लेकर गोवंशों के चारे की व्यवस्था कराने का जिम्मा पंचायत का होगा। ग्राम पंचायत निधि से इसका निर्माण होगा।
हापुड़ ब्लाक के छह गांवों में इनका निर्माण प्रकिया शुरू करा दिया गया है। इनमें रघुनाथपुर, उपैड़ा, भड़ंगपुर, दादरी, छपकौली और हिमायुपुर शामिल हैं। इसके अलावा जिले के सभी गांवों में इन आश्रय केंद्रों के लिए भूमि का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अस्थाई होंगे ये आश्रय केंद्र
गांवों में बनाए जा रहे गो आश्रय केंद्र अस्थाई होंगे। शुरूआत में गोवंशों को यहां रखने के बाद प्रत्येक तहसील में बने स्थाई गोवंश केंद्रों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
खंड विकास पांडेय निशांत पांडेय का कहना है कि ब्लाक के छह गांवों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। देखभाल और चारे की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी, जबकि सचिव और दूसरे अधिकारी इसका निरीक्षण करेंगे।
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हापुड़। आवारा घूम रहे गोवंशों के लिए प्रत्येक गांव में एक अस्थाई गोआश्रय केंद्र बनाए जाएंगे। ग्राम पंचायत की खाली पड़ी भूमि पर चारदीवारी कर उस पर टीन शेड डालकर सबमर्सिबल लगाया जाएगा। निर्माण के साथ चारे की व्यवस्था ग्राम पंचायत निधि से की जाएगी। हापुड़ ब्लाक में छह गांवों का चयन कर उनमें निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
गोवंशों की समस्या से शहर और गांवों में लोगों को जूझना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए शासन के आदेश पर प्रत्येक गांव में अस्थाई गोआश्रय केंद्र बनाने के आदेश दिए गए हैं। इसके तहत गांवों में खाली पड़ी ग्राम पंचायत की भूमि का चयन कर उसकी चारदीवारी कराकर टीन शेड डाली जाएगी। पानी की व्यवस्था के लिए सबमर्सिबल लगाया जाएगा। इसके निर्माण से लेकर गोवंशों के चारे की व्यवस्था कराने का जिम्मा पंचायत का होगा। ग्राम पंचायत निधि से इसका निर्माण होगा।
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हापुड़ ब्लाक के छह गांवों में इनका निर्माण प्रकिया शुरू करा दिया गया है। इनमें रघुनाथपुर, उपैड़ा, भड़ंगपुर, दादरी, छपकौली और हिमायुपुर शामिल हैं। इसके अलावा जिले के सभी गांवों में इन आश्रय केंद्रों के लिए भूमि का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अस्थाई होंगे ये आश्रय केंद्र
गांवों में बनाए जा रहे गो आश्रय केंद्र अस्थाई होंगे। शुरूआत में गोवंशों को यहां रखने के बाद प्रत्येक तहसील में बने स्थाई गोवंश केंद्रों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
खंड विकास पांडेय निशांत पांडेय का कहना है कि ब्लाक के छह गांवों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। देखभाल और चारे की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी, जबकि सचिव और दूसरे अधिकारी इसका निरीक्षण करेंगे।