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ब्रजनाथपुर चीनी मिल की सशर्त सील खुली
Updated Fri, 29 Jun 2018 11:56 PM IST
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ब्रजनाथपुर चीनी मिल
की सशर्त सील खुली
हापुड़। जिला सहकारी बैंक के बकाया 25 करोड़ रुपये की वसूली के लिए ब्रजनाथपुर चीनी मिल के चीनी गोदाम, एकाउंट आफिस और जीएम कार्यालय पर तहसील प्रशासन द्वारा लगायी गयी सील सशर्त एसडीएम ने खुलवा दी है। मिल ने प्रशासन की शर्त पर मिल खोलने में हाथ खड़े कर दिए हैं।
एसडीएम ने मिल प्रशासन को सील खोलने के साथ ही निर्देश दिये हैं कि चीनी बेचकर मिलने वाली धनराशि का 85 प्रतिशत गन्ना किसानों का भुगतान किया जाए। जबकि 15 प्रतिशत धनराशि बैंक को दी जाए।
सिंभावली चीनी मिल समूह के एजीएम दिनेश शर्मा का कहना है कि 85 प्रतिशत धनराशि किसानों को तथा 15 प्रतिशत बैंक को देने के बाद मिल को सुचारू रूप से चलाने के लिए पैसा ही नहीं बचेगा।
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उन्होंने कहा कि यह शर्त काफी अटपटी है। ब्रजनाथपुर चीनी मिल के पास अभी 1.27 लाख क्विंटल चीनी का स्टाक है। केन्द्र सरकार के नये निर्देशों के अनुसार एक महीने में चीनी मिल सिर्फ 50 हजार क्विंटल चीनी बेच सकते हैं। कुल मिलाकर मिल प्रबंधन के हाथ चारों ओर से बांध दिए गए हैं।
दिनेश शर्मा का कहना है कि इस संबंध में वे लोग जिलाधिकारी अदिति सिंह से भेंटकर चीनी मिल को राहत दिये जाने की मांग करेंगे। इस संबंध मेें जिलाधिकारी का कहना था कि किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराना उनकी प्राथमिकता है। फिर भी मिल प्रशासन और बैंक प्रशासन की बात सुनकर आगे की कार्रवाई की जायेगी ताकि बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान में विलंब न हो।
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की सशर्त सील खुली
हापुड़। जिला सहकारी बैंक के बकाया 25 करोड़ रुपये की वसूली के लिए ब्रजनाथपुर चीनी मिल के चीनी गोदाम, एकाउंट आफिस और जीएम कार्यालय पर तहसील प्रशासन द्वारा लगायी गयी सील सशर्त एसडीएम ने खुलवा दी है। मिल ने प्रशासन की शर्त पर मिल खोलने में हाथ खड़े कर दिए हैं।
एसडीएम ने मिल प्रशासन को सील खोलने के साथ ही निर्देश दिये हैं कि चीनी बेचकर मिलने वाली धनराशि का 85 प्रतिशत गन्ना किसानों का भुगतान किया जाए। जबकि 15 प्रतिशत धनराशि बैंक को दी जाए।
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सिंभावली चीनी मिल समूह के एजीएम दिनेश शर्मा का कहना है कि 85 प्रतिशत धनराशि किसानों को तथा 15 प्रतिशत बैंक को देने के बाद मिल को सुचारू रूप से चलाने के लिए पैसा ही नहीं बचेगा।
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उन्होंने कहा कि यह शर्त काफी अटपटी है। ब्रजनाथपुर चीनी मिल के पास अभी 1.27 लाख क्विंटल चीनी का स्टाक है। केन्द्र सरकार के नये निर्देशों के अनुसार एक महीने में चीनी मिल सिर्फ 50 हजार क्विंटल चीनी बेच सकते हैं। कुल मिलाकर मिल प्रबंधन के हाथ चारों ओर से बांध दिए गए हैं।
दिनेश शर्मा का कहना है कि इस संबंध में वे लोग जिलाधिकारी अदिति सिंह से भेंटकर चीनी मिल को राहत दिये जाने की मांग करेंगे। इस संबंध मेें जिलाधिकारी का कहना था कि किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराना उनकी प्राथमिकता है। फिर भी मिल प्रशासन और बैंक प्रशासन की बात सुनकर आगे की कार्रवाई की जायेगी ताकि बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान में विलंब न हो।