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अब हर गांव में लगेगी नारी अदालत
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:37 PM IST
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अब हर गांव में लगेगी नारी अदालत
- महिला अधिकारों, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न के मामलों की अधिकारियों के समक्ष होगी सुनवाई
- बाल अधिकार मंच के माध्यम से बच्चों की प्रगति पर दिया जाएगा ध्यान
नितिन दीक्षित
हापुड़। महिलाओं के उत्थान और उनके शोषण की घटनाओं की रोकथाम के लिए शासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ घरेलूृ हिंसा, देहज उत्पीड़न और ऐेसे ही दूसरे मामलों की सुनवाई के लिए गांव-गांव में नारी अदालतें लगाई जाएंगी। इन अदालतों मेें जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित होकर शोषित महिलाओं को न्याय दिलाएंगे।
सरकार द्वारा महिला उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई है। जिनमें महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के साथ उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है। लेकिन अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में रूढिवादी सोच हावी होने के कारण महिलाओं के एक बड़े वर्ग का शोषण हो रहा है। अदालतों में सालों साल चलने वाले वादों के चलते इन्हें आसानी से न्याय नहीं मिल पाता। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत एक निश्चित समय सीमा मेें गांवों में अदालतों का आयोजन किया जाएगा।
ये होगा अदालतों का उद्देश्य
इन अदालतों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, भ्रूण हत्या, बढ़ते लिंगानुपात को कम करने, बाल विवाह, मानव तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने का है। जिला स्तरीय अधिकारी ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में पंद्रह सदस्यीय कमेटी की उपस्थिति में निर्णय देंगे। ग्रामीणों के बीच इन अदालतों में महिला संबंधी मामलों की सुनवाई करेंगे और उनका स्थानीय स्तर पर निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। कुल मिलाकर सरकार की मंशा है कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान भी हो जाए और इससे किसी प्रकार का पारिवारिक विघटन भी न हो।
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बाल अधिकार मंच का भी होगा आयोजन
सरकार की गांवों में नारी अदालतों के साथ बच्चों के उत्थान की भी योजना है। नारी अदालतों के साथ बाल अधिकार मंच का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों की शिक्षा और उनके चहुंमुखी विकास के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए तरह-तरह के कार्यक्रमों का भी आयोजन कराया जाएगा।
सरकार की अच्छी पहल
डीएम कृष्णा करुनेश का कहना है कि नारी और बाल विकास के मामले में यह सरकार की अच्छी पहल है। योजना को बेहतर तरीके से लागू करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
- महिला अधिकारों, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न के मामलों की अधिकारियों के समक्ष होगी सुनवाई
- बाल अधिकार मंच के माध्यम से बच्चों की प्रगति पर दिया जाएगा ध्यान
नितिन दीक्षित
हापुड़। महिलाओं के उत्थान और उनके शोषण की घटनाओं की रोकथाम के लिए शासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ घरेलूृ हिंसा, देहज उत्पीड़न और ऐेसे ही दूसरे मामलों की सुनवाई के लिए गांव-गांव में नारी अदालतें लगाई जाएंगी। इन अदालतों मेें जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित होकर शोषित महिलाओं को न्याय दिलाएंगे।
सरकार द्वारा महिला उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई है। जिनमें महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के साथ उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है। लेकिन अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में रूढिवादी सोच हावी होने के कारण महिलाओं के एक बड़े वर्ग का शोषण हो रहा है। अदालतों में सालों साल चलने वाले वादों के चलते इन्हें आसानी से न्याय नहीं मिल पाता। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत एक निश्चित समय सीमा मेें गांवों में अदालतों का आयोजन किया जाएगा।
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ये होगा अदालतों का उद्देश्य
इन अदालतों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, भ्रूण हत्या, बढ़ते लिंगानुपात को कम करने, बाल विवाह, मानव तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने का है। जिला स्तरीय अधिकारी ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में पंद्रह सदस्यीय कमेटी की उपस्थिति में निर्णय देंगे। ग्रामीणों के बीच इन अदालतों में महिला संबंधी मामलों की सुनवाई करेंगे और उनका स्थानीय स्तर पर निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। कुल मिलाकर सरकार की मंशा है कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान भी हो जाए और इससे किसी प्रकार का पारिवारिक विघटन भी न हो।
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बाल अधिकार मंच का भी होगा आयोजन
सरकार की गांवों में नारी अदालतों के साथ बच्चों के उत्थान की भी योजना है। नारी अदालतों के साथ बाल अधिकार मंच का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों की शिक्षा और उनके चहुंमुखी विकास के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए तरह-तरह के कार्यक्रमों का भी आयोजन कराया जाएगा।
सरकार की अच्छी पहल
डीएम कृष्णा करुनेश का कहना है कि नारी और बाल विकास के मामले में यह सरकार की अच्छी पहल है। योजना को बेहतर तरीके से लागू करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।