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पराग का दूध अब 15 दिनों तक नहीं होगा खराब
अमर उजाला ब्यूरो/हापुड़
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:13 AM IST
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दूध
- फोटो : अमर उजाला
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शासन ने पराग में एक बार फिर जान फूंक कर लोगों को शुद्ध दूध मुहैया कराने का प्रयास किया है। पराग डेयरी मेरठ के परतापुर सहित प्रदेश के चार मंडलों में करीब छह अरब की लागत से ऐसे चार प्लांट विकसित करने में लगा है, जिससे पैक किया गया अल्ट्रा हीटेड दूध 15 दिन तक खराब नहीं होगा। प्रत्येक प्लांट पर करीब 151 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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प्रदेश के सभी जिलों में पराग डेयरी की हालत खस्ता है। शासन ने एक बार फिर पराग में जान फूंकने की कोशिश की है। इसके लिए प्रदेश में मेरठ सहित लखनऊ, फैजाबाद और बनारस में अल्ट्रा हीटेड दूध प्लांट लगाने शुरू किए गए हैं।
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इन प्लांट में तैयार दूध पैकिंग के 15 दिन तक खराब नहीं होगा। मेरठ के परतापुर में करीब 151 करोड़ की लागत से बन रहे चार लाख लीटर की क्षमता के हाईटेक प्लांट से हापुड़ में सात हजार लीटर दूध के साथ मंडल के सभी जिलों में सप्लाई की योजना है।
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पूरी तरह से ऑटोमैटिक इस प्लांट में खास विधि से अल्ट्रा हीटेड दूध पैक किया जाएगा। प्लांट को गुजरात की इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी द्वारा अंजाम दिया जा रहा है।
विशेष तकनीक से होगी पैकिंग
दूध खराब न हो इसके लिए इसे विशेष तकनीक के साथ हाई टेंपरेचर पर स्टेलाइजड किया जाएगा। इसी स्टेज पर ही दूध को एसेप्टिक पैकेजिंग के जरिये ट्रैटा पैक किया जाएगा। इस दौरान किसी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नहीं होगा।
सामान्य दूध से दो रुपये महंगा होगा
अल्ट्रा हीटेड दूध फुल क्रीम, टोंड, स्टैंडर्ड व डबल टोंड चार रूपों में उपलब्ध होगा। इस दूध में सामान्य दूध की अपेक्षा पोषक तत्वों की भरमार होगी। यह दूध सामान्य और दूसरे बड़े ब्रांडों से दो रुपये महंगा होगा।
दीपावली से बाजार में आएगा
पराग डेयरी के जीएम सीबी सिंह ने बताया कि दूध के क्षेत्र में यह क्रांति से कम नहीं होगा। भारत में इस तरह का यह पहला प्लांट है, जिनमें यह दूध तैयार किया जाएगा। निर्माण कार्य जारी है। 70 प्रतिशत मशीनें आ चुकी हैं। दीपावली तक प्लांट तैयार कर जिलों में दूध की सप्लाई शुरू हो जाएगी।
बचेगा ट्रांसपोटेशन का खर्चा
दूध की 15 दिनों तक खराब न होने की स्थिति में ट्रांसपोटेशन में होने वाला रोज का खर्चा बचेगा। एक जिले में करीब पंद्रह दिन में एक बार ही दूध पहुंचा दिया जाएगा। हापुड़ में यह दूध पहले अनवरपुर के पास स्थित पराग दुग्ध प्लांट पर पहुंचेगा इसके बाद यहां से डिस्ट्रीब्यूट होगा।
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं
15 दिन तक पुराने दूध का सेवन करने से लोगों में इसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह पैदा हो सकता है। वहीं, पराग के अधिकारियों का दावा है कि दूध किसी भी रूप में हानिकारक नहीं होगा। जीएम जीबी सिंह ने बताया कि जिस तकनीक से इस दूध को पैक किया जाएगा। वह न सिर्फ स्वास्थ्य वर्धक होगा, बल्कि दूध में पोषक तत्व भी होंगे।