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दूसरे दिन भी जारी रही ई-रिक्शाओं की हड़ताल
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दूसरे दिन भी जारी रही ई-रिक्शाओं की हड़ताल
हापुड़। पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के दौरान चालक नगर पालिका परिसर में एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। चालकों ने पुलिस द्वारा लगाये गए प्रतिबंध जारी रखने तक हड़ताल की घोषणा की। इसके बाद समाधान दिवस पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन दिया गया।
पुलिस द्वारा चौराहों से ई-रिक्शाओं को दूर रखा गया है। चौराहों के करीब पहुंचने वाले ई-रिक्शाओं के चालान काटे जा रहे हैं। इसके विरोध के चलते चालकों ने शहर में 17 व 18 दिसंबर को हड़ताल की घोषणा की थी। मंगलवार को भी हड़ताल जारी रही। दोपहर के समय बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक नगर पालिका परिसर में एकत्र हुए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इनका कहना था कि शहर में टैंपो और डग्गामार बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। सभी रास्ते चौराहों से होकर जाते हैं, ऐसे में सवारियों को ई-रिक्शा में बिठाकर बीच रास्ते में छोड़ना तर्क संगत नहीं है। उनके परिवार भूखे मरने की कगार पर हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा लगाया गया प्रतिबंध हटाया जाए। जब तक प्रतिबंध नहीं हटाया जाता हड़ताल जारी रहेगी।
इस दौरान चालकों ने संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्या का समाधान निकालने के लिए निर्देशित किया है। ज्ञापन देने वालों में अनीस, आजाद अल्वी, तसलीम अब्बासी, विनोद सैनी, सलीम, राजा, विनोद कुमार, अशोक कुमार, रवि, राजीव आदि शामिल रहे।
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साधारण रिक्शा वालों की चांदी
- ई-रिक्शाओं की हड़ताल के दौरान जहां साधारण रिक्शा चालकों की चांदी हो रही है। वहीं यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ये रिक्शा चालक लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर मुंह मांगे दाम वसूल रहे हैं, जबकि अधिकतर लोग शहर के अंदर पैदल ही सफर करने को मजबूर हैं।
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हापुड़। पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के दौरान चालक नगर पालिका परिसर में एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। चालकों ने पुलिस द्वारा लगाये गए प्रतिबंध जारी रखने तक हड़ताल की घोषणा की। इसके बाद समाधान दिवस पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन दिया गया।
पुलिस द्वारा चौराहों से ई-रिक्शाओं को दूर रखा गया है। चौराहों के करीब पहुंचने वाले ई-रिक्शाओं के चालान काटे जा रहे हैं। इसके विरोध के चलते चालकों ने शहर में 17 व 18 दिसंबर को हड़ताल की घोषणा की थी। मंगलवार को भी हड़ताल जारी रही। दोपहर के समय बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक नगर पालिका परिसर में एकत्र हुए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इनका कहना था कि शहर में टैंपो और डग्गामार बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। सभी रास्ते चौराहों से होकर जाते हैं, ऐसे में सवारियों को ई-रिक्शा में बिठाकर बीच रास्ते में छोड़ना तर्क संगत नहीं है। उनके परिवार भूखे मरने की कगार पर हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा लगाया गया प्रतिबंध हटाया जाए। जब तक प्रतिबंध नहीं हटाया जाता हड़ताल जारी रहेगी।
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इस दौरान चालकों ने संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्या का समाधान निकालने के लिए निर्देशित किया है। ज्ञापन देने वालों में अनीस, आजाद अल्वी, तसलीम अब्बासी, विनोद सैनी, सलीम, राजा, विनोद कुमार, अशोक कुमार, रवि, राजीव आदि शामिल रहे।
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साधारण रिक्शा वालों की चांदी
- ई-रिक्शाओं की हड़ताल के दौरान जहां साधारण रिक्शा चालकों की चांदी हो रही है। वहीं यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ये रिक्शा चालक लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर मुंह मांगे दाम वसूल रहे हैं, जबकि अधिकतर लोग शहर के अंदर पैदल ही सफर करने को मजबूर हैं।