फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   अब डीएसटी टेस्ट के बाद ही टीबी के मरीजों को मिलेगा उपचार

अब डीएसटी टेस्ट के बाद ही टीबी के मरीजों को मिलेगा उपचार

Sat, 26 May 2018 12:04 AM IST
Updated Sat, 26 May 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
अब डीएसटी टेस्ट के बाद ही टीबी के मरीजों को मिलेगा उपचार
अब डीएसटी टेस्ट के बाद ही टीबी के मरीजों का होगा इलाज
विज्ञापन


हापुड़। अब टीबी के मरीजों को डीएसटी टेस्ट के बाद ही इलाज शुरू कर दवाएं दी जाएंगी। आरएनटीसीपी कार्यक्रम में ईडा क्यूलिन दवा को भी शामिल किया गया है, जिसके सेवन से एक्सडीआर, एमडीआर के मरीज महज 9 महीने में ठीक हो जाएंगे। यह दवा सिर्फ सरकारी अस्पतालों में मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करना है। इसके लिए जिले के स्वास्थ्य स्टॉफ को आगरा में पीएमडीटी के तहत कार्यशाला में प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उक्त प्रशिक्षक जिले में अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी जानकारी देंगे।
विज्ञापन

अभी तक एक्सडीआर, एमडीआर श्रेणी में पहुंच चुके मरीजों को दो वर्ष तक दवा खानी पड़ती है। इसमें भी कई बार मरीज को ऐसी दवा दे दी जाती है, जिनका असर मरीज पर नहीं होता। ऐसे में उसे स्वस्थ होने में अधिक समय लग जाता है। इस समस्या से निजात पाने को मरीज में टीबी की पुष्टि होते ही अफसरों ने सीबी नेट मशीन के जरिए उसका ड्रग सस्टीविटी टेस्ट किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस टेस्ट के बाद पता चल जाएगा कि मरीज के स्वास्थ्य पर कौन सी दवा कारगर सिद्ध होगी। टीबी के आरएनटीपीसी कार्यक्रम में ईडा क्यूलिन दवा को शामिल कर लिया गया है। यह दवा बहुत महंगी है, लेकिन कार्यक्रम के तहत मरीजों को निशुल्क मिलेगी। इस दवा के सेवन से एक्सडीआर, एमडीआर श्रेणी में पहुंच चुके मरीज महज 9 महीने में स्वस्थ हो जाएंगे।
जिले में सीबी नेट की व्यवस्था
बदनौली रोड स्थित जिला टीबी अस्पताल में सीबी नेट मशीन स्थापित की जा चुकी है। इसी मशीन पर टेस्ट के बाद मरीज को किस दवा की आवश्यकता है, इसका निर्धारण किया जाएगा।
जिले में 12 बलगम जांच केंद्र
टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए जिले में 12 बलगम जांच केंद्र स्थापित हैं। यह केंद्र चारों सीएचसी, पीएचसी व उप स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध हैं। मरीज की प्रारंभिक जांच इन्हीं केंद्रों पर होती है।
टीबी के मरीजों को मिलेंगे 500 रुपये/माह
टीबी के मरीजों के लिए निष्क्षय पोषण योजना के तहत शासन ने 500 रुपये/माह स्वीकृत किए हैं। सरकारी अस्पतालों में उपचार ले रहे मरीजों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
किराए के रूप में मिलेंगे 100 रुपये/दिन
टीबी के उपचार के लिए सरकारी अस्पताल जाने वाले मरीजों को किराए के रूप में 100 रुपये मिलेंगे। यह योजना शासन ने इसलिए स्वीकृत की है, ताकि मरीजों को आने-जाने में परेशानी न हो।

डिप्टी सीएमओ डा. राकेश अनुरागी ने बताया कि सीबी नेट मशीन पर डीएसटी टेस्ट के बाद मरीजों को उपचार मिलेगा। मरीजों को सिर्फ वही दवाएं दी जाएंगी, जिनसे उनके स्वास्थ्य को लाभ पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed