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गंगा आरती में अब कोई मनमानी नहीं होगी
Updated Mon, 18 Sep 2017 11:36 PM IST
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अब नियत समय पर होगी आरती, वीआईपी व्यवस्था खत्म
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा आरती में अब मनमानी नहीं चलेगी। कोर्ट के फैसले के बाद गंगा सभा में आरती का समय निश्चित कर दिया है। अब किसी वीआईपी के लिए आरती का समय नहंी बदलेगा।
ब्रजघाट में हरिद्वार की तर्ज पर 29 अप्रैल 2001 को गंगा आरती प्रारंभ हुई थी, जिसका शुभारंभ प्रदेश के तत्कालीन मंत्री कलराज मिश्रा, भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ, कमिश्नर दीपक सिंघल, डीएम इंद्रजीत वर्मा ने किया था। पालिका कमेटी समेत कई निजी संगठनों के बाद दो साल से आरती कराने का जिम्मा रजिस्टर्ड संगठन गंगा सभा के हाथों में है। आरती संचालन और प्रबंधन में विवाद के बाद निजी संगठनों के दखल को खत्म करने के लिए प्रशासन ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया। लेकिन सिविल कोर्ट ने दो दिन पहले गंगा सभा के आरती संचालन में हस्तक्षेप करने पर रोक लगा दी। इससे गदगद गंगा सभा की कार्यकारणी ने आरती की समय सारणी भी तय कर दी है। इसलिए अब भले ही कोई भी वीआईपी ब्रजघाट में आए लेकिन आरती अपने नियत समय पर ही होगी। इससे पहले किसी वीआईपी के आने पर स्पेशल आरती करा दी जाती थी। पांच जुलाई को जब सीएम योगी आए थे तो दोपहर में करीब दो बजे आरती हुई थी। गंगा सभा के अध्यक्ष अशोक नागर ने बताया कि प्रतिदिन होने वाली आरती की समय सारणी तय कर दी गई है, जिससे सुबह आठ और शाम को सात बजे ही आरती होगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा आरती में अब मनमानी नहीं चलेगी। कोर्ट के फैसले के बाद गंगा सभा में आरती का समय निश्चित कर दिया है। अब किसी वीआईपी के लिए आरती का समय नहंी बदलेगा।
ब्रजघाट में हरिद्वार की तर्ज पर 29 अप्रैल 2001 को गंगा आरती प्रारंभ हुई थी, जिसका शुभारंभ प्रदेश के तत्कालीन मंत्री कलराज मिश्रा, भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ, कमिश्नर दीपक सिंघल, डीएम इंद्रजीत वर्मा ने किया था। पालिका कमेटी समेत कई निजी संगठनों के बाद दो साल से आरती कराने का जिम्मा रजिस्टर्ड संगठन गंगा सभा के हाथों में है। आरती संचालन और प्रबंधन में विवाद के बाद निजी संगठनों के दखल को खत्म करने के लिए प्रशासन ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया। लेकिन सिविल कोर्ट ने दो दिन पहले गंगा सभा के आरती संचालन में हस्तक्षेप करने पर रोक लगा दी। इससे गदगद गंगा सभा की कार्यकारणी ने आरती की समय सारणी भी तय कर दी है। इसलिए अब भले ही कोई भी वीआईपी ब्रजघाट में आए लेकिन आरती अपने नियत समय पर ही होगी। इससे पहले किसी वीआईपी के आने पर स्पेशल आरती करा दी जाती थी। पांच जुलाई को जब सीएम योगी आए थे तो दोपहर में करीब दो बजे आरती हुई थी। गंगा सभा के अध्यक्ष अशोक नागर ने बताया कि प्रतिदिन होने वाली आरती की समय सारणी तय कर दी गई है, जिससे सुबह आठ और शाम को सात बजे ही आरती होगी।
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