{"_id":"597e20e24f1c1be92d8b47d4","slug":"141501438178-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्षाबंधन पर रहेगा चंद्रग्रहण का साया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रक्षाबंधन पर रहेगा चंद्रग्रहण का साया
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रक्षाबंधन पर रहेगा चंद्रग्रहण का साया
-चंद्रमा का संचार मकर राशि में होने के कारण पाताल लोक में पड़ रहा भद्रा का वास
आबिद अली
हापुड़। भाई के पवित्र प्रेम के प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन पर इस बार चंद्रग्रहण का साया रहेगा। सूतक लगने से पहले ही बहनों को भाइयों के हाथ पर राखी बांधना शुभ रहेगा। इस दिन चंद्रग्रहण के चलते शाम और रात्रि में मंदिरों के कपाट भी बंद रहेंगे।
7 अगस्त को भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार है। 6 अगस्त की रात्रि 10.28 बजे से भद्राकाल शुरू हो रहा है जो 7 अगस्त को सुबह 11.05 बजे समाप्त होगा। इस दौरान चंद्रमा का संचार मकर राशि में होने के कारण भद्रा का वास पाताल लोक में पड़ रहा है। जिसका पृथ्वी पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।
रक्षाबंधन के दिन सुबह 7.24 बजे से 9.05 बजे तक राहुकाल व सुबह 10.45 बजे से 12.24 बजे तक यमघंटा योग बन रहा है। इसमें भाईयों की कलाई पर राखी बांधना अशुभ माना जाता है। दोपहर 1.50 बजे से सूतक लग जाएगा। जिसमें कोई भी कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है।
विज्ञापन
बहनों को भाईयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह 9.05 से 10.45 बजे तक व दोपहर 12.24 से 1.52 बजे तक शुभ योग रहेगा। इस दिन सावन का अखिरी सोमवार पड़ रहा है और इसी दिन रात्रि में चंद्रग्रहण भी पड़ेगा। चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे, साथ ही शाम और रात्रि में पूजा अर्चना भी नहीं होगी। अगले दिन मंदिरों के कपाट खुलेंगे।
ज्योतिषाचार्य संतोष तिवारी का कहना है रक्षाबंधन के दिन दोपहर 1.53 बजे से सूतक लग जायेगा, जिसके लगने के बाद कोई भी कार्य शुभ नहीं माना जाता। इस दिन सावन का अंतिम सोमवार और चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है। चंद्रग्रहण 7 अगस्त की रात्रि को 10.52 मिनट से शुरू होगा और रात्रि 12.48 बजे पूरा होगा। कई वर्ष बाद एक साथ तीन संयोग पड़ रहे हैं।
-चंद्रमा का संचार मकर राशि में होने के कारण पाताल लोक में पड़ रहा भद्रा का वास
आबिद अली
हापुड़। भाई के पवित्र प्रेम के प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन पर इस बार चंद्रग्रहण का साया रहेगा। सूतक लगने से पहले ही बहनों को भाइयों के हाथ पर राखी बांधना शुभ रहेगा। इस दिन चंद्रग्रहण के चलते शाम और रात्रि में मंदिरों के कपाट भी बंद रहेंगे।
7 अगस्त को भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार है। 6 अगस्त की रात्रि 10.28 बजे से भद्राकाल शुरू हो रहा है जो 7 अगस्त को सुबह 11.05 बजे समाप्त होगा। इस दौरान चंद्रमा का संचार मकर राशि में होने के कारण भद्रा का वास पाताल लोक में पड़ रहा है। जिसका पृथ्वी पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
रक्षाबंधन के दिन सुबह 7.24 बजे से 9.05 बजे तक राहुकाल व सुबह 10.45 बजे से 12.24 बजे तक यमघंटा योग बन रहा है। इसमें भाईयों की कलाई पर राखी बांधना अशुभ माना जाता है। दोपहर 1.50 बजे से सूतक लग जाएगा। जिसमें कोई भी कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है।
विज्ञापन
बहनों को भाईयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह 9.05 से 10.45 बजे तक व दोपहर 12.24 से 1.52 बजे तक शुभ योग रहेगा। इस दिन सावन का अखिरी सोमवार पड़ रहा है और इसी दिन रात्रि में चंद्रग्रहण भी पड़ेगा। चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे, साथ ही शाम और रात्रि में पूजा अर्चना भी नहीं होगी। अगले दिन मंदिरों के कपाट खुलेंगे।
ज्योतिषाचार्य संतोष तिवारी का कहना है रक्षाबंधन के दिन दोपहर 1.53 बजे से सूतक लग जायेगा, जिसके लगने के बाद कोई भी कार्य शुभ नहीं माना जाता। इस दिन सावन का अंतिम सोमवार और चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है। चंद्रग्रहण 7 अगस्त की रात्रि को 10.52 मिनट से शुरू होगा और रात्रि 12.48 बजे पूरा होगा। कई वर्ष बाद एक साथ तीन संयोग पड़ रहे हैं।