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क्लब फुट बीमारी से पीड़ित बच्ची का इलाज हुआ
Updated Tue, 15 May 2018 11:57 PM IST
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क्लब फुट बीमारी से पीड़ित बच्ची का सफल इलाज
गढ़मुक्तेश्वर। क्लब फुट बीमारी से पीड़ित बच्ची का सफल इलाज के बाद हालत सामान्य होने पर सीएचसी से छुट्टी देकर उसे घर भेज दिया गया।
सिंभावली क्षेत्र के गांव वैट निवासी अकबर खां की पत्नी ने 27 अप्रैल को एक बेटी को जन्म दिया था, जो पैदायशी क्लब फुट बीमारी से पीड़ित थी। उसका परिजनों ने कई निजी चिकित्सकों से इलाज कराया मगर कोई भी राहत नहीं मिल पाई। इस पर परिजन बच्ची को सिंभावली पीएचसी में ले गए, जहां से उसे डॉ. सरताज गढ़ सीएचसी को ले आए। वहां परीक्षण करने के बाद चिकित्सकों ने बच्ची को क्लब फुट बीमारी से पूरी तरह निजात दिलाने का भरोसा दिलाया तो परिजन इलाज कराने को राजी हो गए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एसके तेवतिया और डॉ. सरताज ने करीब एक घंटा तक बच्ची के पैरों पर प्लास्टर किया। उसके बाद देर शाम तक बच्ची को टीम की निगरानी में रखने के बाद हालत पूरी तरह सामान्य होने पर बच्ची को छुट्टी देकर परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया गया।
जन्मजात होती है बीमारी
सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि क्लब फुट बीमारी जन्मजात होती है। इससे पीड़ित बच्चे के पैर टेढ़े मेढ़े हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ित बच्चे के पैरों पर 15 दिन के अंतराल में प्लास्टर किया जाता है। जरूरत पड़ने पर दस दिन तक हो सकती है।
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गढ़मुक्तेश्वर। क्लब फुट बीमारी से पीड़ित बच्ची का सफल इलाज के बाद हालत सामान्य होने पर सीएचसी से छुट्टी देकर उसे घर भेज दिया गया।
सिंभावली क्षेत्र के गांव वैट निवासी अकबर खां की पत्नी ने 27 अप्रैल को एक बेटी को जन्म दिया था, जो पैदायशी क्लब फुट बीमारी से पीड़ित थी। उसका परिजनों ने कई निजी चिकित्सकों से इलाज कराया मगर कोई भी राहत नहीं मिल पाई। इस पर परिजन बच्ची को सिंभावली पीएचसी में ले गए, जहां से उसे डॉ. सरताज गढ़ सीएचसी को ले आए। वहां परीक्षण करने के बाद चिकित्सकों ने बच्ची को क्लब फुट बीमारी से पूरी तरह निजात दिलाने का भरोसा दिलाया तो परिजन इलाज कराने को राजी हो गए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एसके तेवतिया और डॉ. सरताज ने करीब एक घंटा तक बच्ची के पैरों पर प्लास्टर किया। उसके बाद देर शाम तक बच्ची को टीम की निगरानी में रखने के बाद हालत पूरी तरह सामान्य होने पर बच्ची को छुट्टी देकर परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया गया।
जन्मजात होती है बीमारी
सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि क्लब फुट बीमारी जन्मजात होती है। इससे पीड़ित बच्चे के पैर टेढ़े मेढ़े हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ित बच्चे के पैरों पर 15 दिन के अंतराल में प्लास्टर किया जाता है। जरूरत पड़ने पर दस दिन तक हो सकती है।
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