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अश्वीय मेले में जान गंवाने वाले पशुओं के शवों का तत्काल निस्तारण होगा
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:01 AM IST
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अश्वीय मेले में पशुओं के इलाज की होगी बेहतर सुविधा
गढ़मुक्तेश्वर। अश्वीय मेले में इस बार पशुओं के इलाज की बेहतर सुविधा होगी। जान गंवाने वाले पशुओं के शवों का तत्काल निस्तारण कराने को सीवीओ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। वाहनों से उतार-चढ़ाव के के लिए रैंप भी बनेगा।
गढ़ खादर के पौराणिक कार्तिक पूूर्णिमा मेले के दौरान कुछ मील की दूरी पर देश का सबसे बड़ा अश्वीय प्रजाति का मेला भी भरता है, जिसमें आए साल 30 से लेकर 40 हजार के बीच घोड़े, गधे और खच्चरों की आमद होती है। व्यापारिक दृष्टि से अश्वीय मेला काफी अहम रहता है, क्योंकि अरबों रुपये के पशुओं की खरीद फरोख्त होने से जिला पंचायत को ठेकों की एवज में काफी आमदनी होती है। अश्वीय मेले में पशु चिकित्सा विभाग के साथ ही ब्रुक इंडिया और अमर ज्योति अश्व कल्याण समिति मेरठ समेत कई एनजीओ भी अपने चिकित्सा कैंप लगाकर बीमार मवेशियों का इलाज और पशु पालकों को जागरुक भी करते हैं। ब्रुक इंडिया की मांग पर मृतक पशुओं के शवों का उचित ढंग में निस्तारण कराने को डीएम ने सीवीओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है, जबकि ट्रकों में उतारने चढ़ाने के दौरान पशुओं को घायल होने से बचाने के लिए जिला पंचायत को जल्द से जल्द रैंप बनाने की हिदायत दी गई है। ब्रुक इंडिया के चिकित्सक विजय भल्ला और प्रेमा पांडेय ने बताया कि इस बार उनके संगठन के पास दवा खरीदने को बजट नहीं है, इसलिए डिमांड किए जाने पर डीएम ने जिला पंचायत विभाग को दवा खरीदने के लिए एक लाख की रकम मुहैया कराने का आदेश दिया है।
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गढ़मुक्तेश्वर। अश्वीय मेले में इस बार पशुओं के इलाज की बेहतर सुविधा होगी। जान गंवाने वाले पशुओं के शवों का तत्काल निस्तारण कराने को सीवीओ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। वाहनों से उतार-चढ़ाव के के लिए रैंप भी बनेगा।
गढ़ खादर के पौराणिक कार्तिक पूूर्णिमा मेले के दौरान कुछ मील की दूरी पर देश का सबसे बड़ा अश्वीय प्रजाति का मेला भी भरता है, जिसमें आए साल 30 से लेकर 40 हजार के बीच घोड़े, गधे और खच्चरों की आमद होती है। व्यापारिक दृष्टि से अश्वीय मेला काफी अहम रहता है, क्योंकि अरबों रुपये के पशुओं की खरीद फरोख्त होने से जिला पंचायत को ठेकों की एवज में काफी आमदनी होती है। अश्वीय मेले में पशु चिकित्सा विभाग के साथ ही ब्रुक इंडिया और अमर ज्योति अश्व कल्याण समिति मेरठ समेत कई एनजीओ भी अपने चिकित्सा कैंप लगाकर बीमार मवेशियों का इलाज और पशु पालकों को जागरुक भी करते हैं। ब्रुक इंडिया की मांग पर मृतक पशुओं के शवों का उचित ढंग में निस्तारण कराने को डीएम ने सीवीओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है, जबकि ट्रकों में उतारने चढ़ाने के दौरान पशुओं को घायल होने से बचाने के लिए जिला पंचायत को जल्द से जल्द रैंप बनाने की हिदायत दी गई है। ब्रुक इंडिया के चिकित्सक विजय भल्ला और प्रेमा पांडेय ने बताया कि इस बार उनके संगठन के पास दवा खरीदने को बजट नहीं है, इसलिए डिमांड किए जाने पर डीएम ने जिला पंचायत विभाग को दवा खरीदने के लिए एक लाख की रकम मुहैया कराने का आदेश दिया है।
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