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हाईटैक होगा स्वास्थ्य विभाग का आशा, एएनएम तंत्र
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:54 AM IST
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हाईटेक होगा स्वास्थ्य विभाग का आशा, एएनएम तंत्र
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग का आशा, एएनएम तंत्र अब जल्द ही हाईटेक होगा। हेल्थ एंड अवेयरनेस योजना के तहत प्रथम चरण में जिले के 170 उप केंद्रों में से 20 केंद्रों का कायाकल्प किया जाएगा। इन केंद्रों पर तैनात आशा, एएनएम को टैबलेट दिया जाएगा, जो मरीजों का ऑनलाइन ब्योरा अपडेट करेंगी।
जिले में चार सीएचसी के अलावा करीब 170 उप केंद्र स्थापित हैं। अधिकांश उप केंद्र दूर दराज के गांवों में स्थित हैं। इन केंद्रों से जुड़ी आशा, एएनएम पूरी तरह से कागजी कार्रवाई पर निर्भर हैं। प्रत्येक जानकारी व सूचना उन्हें विभागीय अफसरों के कार्यालय में आकर नोट कराने पड़ते हैं। फिलहाल गांव में यदि कोई हाई रिस्क प्रेगनेंसी केश मिल भी जाता है तो आशा, एएनएम तकनीकी सुविधा के अभाव में तत्काल उसे सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाती। ऐसे में जच्चा बच्चा की जान को भी खतरा बना रहता है। सरकार की मंशा जच्चा - बच्चा मृत्यु दर को रोकना, टीबी को जड़ से खत्म करना है। इस समस्या से निजात दिलाने को शासन ने हेल्थ एंड अवेयरनेस योजना को लागू किया है।
शासन ने मांगी डिमांड
प्रथम फेज में चयनित 20 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात आशा, एएनएम की उपलब्धता और टैबलेट की आवश्यकता के संबंध में शासन ने स्थानीय अफसरों से डिमांड मांगी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
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एक क्लिक पर खुलेगा मरीजों का ब्योरा
आशा, एएनएम टैबलेट में प्रत्येक मरीज का पूरा ब्योरा, प्रसूताओं की जानकारी व टीबी रोगियों का ब्योरा उपलब्ध रखेंगी। अफसर कार्यालय में बैठकर ही एक क्लिक पर मरीज की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
जल्द मिलेगा प्रशिक्षण
फिलहाल जिले में तैनात आशा, एएनएम को टैबलेट चलाने की पूरी जानकारी नहीं है। उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए विभागीय अफसर कार्यशाला लगाकर प्रशिक्षण देंगे। जिसके बाद आशा, एएनएम को कोई समस्या नहीं होगी।
अन्य स्वास्थ्य उपकेंद्र भी योजना में होंगे शामिल
जिले में स्थापित सभी उप स्वास्थ्य केंद्र को इस योजना से जोड़ा जाएगा। प्रथम फेज में 20 केंद्रों को चयनित किया गया है, जल्द ही अन्य फेज भी शुरू कर सभी उप केंद्रों को हाईटेक किया जाएगा।
कोट-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजवीर सिंह का कहना है कि शासन की योजना के तहत आशा, एएनएम को टैबलेट से लैस किया जाएगा। प्रथम फेज में 20 उप स्वास्थ्य केंद्रों को चयनित किया गया है।
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हापुड़। स्वास्थ्य विभाग का आशा, एएनएम तंत्र अब जल्द ही हाईटेक होगा। हेल्थ एंड अवेयरनेस योजना के तहत प्रथम चरण में जिले के 170 उप केंद्रों में से 20 केंद्रों का कायाकल्प किया जाएगा। इन केंद्रों पर तैनात आशा, एएनएम को टैबलेट दिया जाएगा, जो मरीजों का ऑनलाइन ब्योरा अपडेट करेंगी।
जिले में चार सीएचसी के अलावा करीब 170 उप केंद्र स्थापित हैं। अधिकांश उप केंद्र दूर दराज के गांवों में स्थित हैं। इन केंद्रों से जुड़ी आशा, एएनएम पूरी तरह से कागजी कार्रवाई पर निर्भर हैं। प्रत्येक जानकारी व सूचना उन्हें विभागीय अफसरों के कार्यालय में आकर नोट कराने पड़ते हैं। फिलहाल गांव में यदि कोई हाई रिस्क प्रेगनेंसी केश मिल भी जाता है तो आशा, एएनएम तकनीकी सुविधा के अभाव में तत्काल उसे सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाती। ऐसे में जच्चा बच्चा की जान को भी खतरा बना रहता है। सरकार की मंशा जच्चा - बच्चा मृत्यु दर को रोकना, टीबी को जड़ से खत्म करना है। इस समस्या से निजात दिलाने को शासन ने हेल्थ एंड अवेयरनेस योजना को लागू किया है।
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शासन ने मांगी डिमांड
प्रथम फेज में चयनित 20 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात आशा, एएनएम की उपलब्धता और टैबलेट की आवश्यकता के संबंध में शासन ने स्थानीय अफसरों से डिमांड मांगी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
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एक क्लिक पर खुलेगा मरीजों का ब्योरा
आशा, एएनएम टैबलेट में प्रत्येक मरीज का पूरा ब्योरा, प्रसूताओं की जानकारी व टीबी रोगियों का ब्योरा उपलब्ध रखेंगी। अफसर कार्यालय में बैठकर ही एक क्लिक पर मरीज की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
जल्द मिलेगा प्रशिक्षण
फिलहाल जिले में तैनात आशा, एएनएम को टैबलेट चलाने की पूरी जानकारी नहीं है। उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए विभागीय अफसर कार्यशाला लगाकर प्रशिक्षण देंगे। जिसके बाद आशा, एएनएम को कोई समस्या नहीं होगी।
अन्य स्वास्थ्य उपकेंद्र भी योजना में होंगे शामिल
जिले में स्थापित सभी उप स्वास्थ्य केंद्र को इस योजना से जोड़ा जाएगा। प्रथम फेज में 20 केंद्रों को चयनित किया गया है, जल्द ही अन्य फेज भी शुरू कर सभी उप केंद्रों को हाईटेक किया जाएगा।
कोट-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजवीर सिंह का कहना है कि शासन की योजना के तहत आशा, एएनएम को टैबलेट से लैस किया जाएगा। प्रथम फेज में 20 उप स्वास्थ्य केंद्रों को चयनित किया गया है।