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जमा कराने के बाद भी किसान को दो लाख से अधिक का बिल थमाया
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:08 AM IST
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बिल जमा कराने के बाद भी किसान
को थमाया दो लाख से ज्यादा का बिल
गढ़मुक्तेश्वर। बिल जमा कराने के बाद भी बिजली निगम ने किसान को दो लाख 14 हजार रुपये का बिल थमा दिया। उसे ठीक कराने के लिए पीड़ित अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। पीड़ित ने एक्सईएन को पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
सिंभावली क्षेत्र के गांव माधापुर निवासी किसान कालीचरण के सामने बिजली निगम ने मुसीबत खड़ी कर दी है। शुक्रवार को गढ़ विद्युत वितरण निगम के एक्सईएन तरुण पाठक को शिकायती पत्र दिया है। उसका कहना है कि वह अपने नलकूप का बिल हर बार समय से जमा कराता आ रहा है। मगर, बिजली निगम ने उसके नाम पर दो लाख 14 हजार 829 रुपये का बिल बनाकर भेज दिया है। बिल मिलने पर उसके होश उड़ गए। पीड़ित का कहना है कि दत्तियाना बिजलीघर पर बिल और जमा किए गए बिलों की रसीद दिखाने के बाद भी वहां तैनात कर्मचारियों ने बिल में संशोधन करने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसने जेई से भी शिकायत की, लेकिन वहां भी केवल आश्वासन ही मिल सका। पीड़ित ने एक्सईएन से बिल में संशोधन कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। एक्सईएन तरुण पाठक का कहना है कि किसान के पास तकनीकी गड़बड़ी के चलते गलत बिल पहुंच गया है। जिसे जल्द ठीक करा दिया जाएगा।
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को थमाया दो लाख से ज्यादा का बिल
गढ़मुक्तेश्वर। बिल जमा कराने के बाद भी बिजली निगम ने किसान को दो लाख 14 हजार रुपये का बिल थमा दिया। उसे ठीक कराने के लिए पीड़ित अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। पीड़ित ने एक्सईएन को पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
सिंभावली क्षेत्र के गांव माधापुर निवासी किसान कालीचरण के सामने बिजली निगम ने मुसीबत खड़ी कर दी है। शुक्रवार को गढ़ विद्युत वितरण निगम के एक्सईएन तरुण पाठक को शिकायती पत्र दिया है। उसका कहना है कि वह अपने नलकूप का बिल हर बार समय से जमा कराता आ रहा है। मगर, बिजली निगम ने उसके नाम पर दो लाख 14 हजार 829 रुपये का बिल बनाकर भेज दिया है। बिल मिलने पर उसके होश उड़ गए। पीड़ित का कहना है कि दत्तियाना बिजलीघर पर बिल और जमा किए गए बिलों की रसीद दिखाने के बाद भी वहां तैनात कर्मचारियों ने बिल में संशोधन करने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसने जेई से भी शिकायत की, लेकिन वहां भी केवल आश्वासन ही मिल सका। पीड़ित ने एक्सईएन से बिल में संशोधन कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। एक्सईएन तरुण पाठक का कहना है कि किसान के पास तकनीकी गड़बड़ी के चलते गलत बिल पहुंच गया है। जिसे जल्द ठीक करा दिया जाएगा।
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