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ब्रजघाट गोशाला में फिर खामी सामने आईं, एक गाय मृत मिली
Updated Wed, 21 Jun 2017 11:55 PM IST
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ब्रजघाट गोशाला में मृत मिली गाय
ब्रजघाट गोशाला में एसडीएम मीनू राणा ने बुधवार को निरीक्षण किया। इस दौरान एक गाय मृत मिली, जबकि 100 से अधिक पशु घायलावस्था में मिले। छाया की व्यवस्था न होने के कारण पशुओं को तपती धूप में रहना पड़ता है। जलनिकासी न होने से परिसर में पानी भरा रहता है।
एसडीएम मीनू राणा बुधवार को डिप्टी सीवीओ वीर सिंह के साथ गोशाला पहुंचीं। वहां गड़बड़ी सामने आने के साथ ही एक गाय मृत मिली। एसडीएम ने बताया कि छाया की व्यवस्था न होने से पशुओं को दिनभर धूप में खड़े रहना पड़ता है।
जल निकासी न होने से गोशाला परिसर में जल भराव रहता है। इससे बरसात के दौरान पशुओं में कई तरह की संक्रामक बीमारी फैल सकती हैं। एसडीएम ने अधिकांश पशुओं के सामने भूसा पड़ा देख उन्हें नियमित तौर पर हरा चारा भी देने और सभी खामियों को जल्द से जल्द दूर कराने के कड़े निर्देश दिए।
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गोशाला प्रबंधक सतनारायण अग्रवाल ने गंदे पानी की निकासी को गोशाला परिसर तक सीवेज लाइन बिछवाने की मांग की। साथ ही पशुओं के चारे-पानी समेत रखरखाव में कोई लापरवाही न होने का वादा किया।
डिप्टी सीवीओ डॉ. वीर सिंह ने बताया कि चिकित्सा टीम ने 900 पशुओं को जानलेवा संक्रामक बीमारियों से बचाव के टीके लगाए हैं।
उन्होंने बताया कि जांच में तीन पशु गलाघोंटू बीमारी से पीड़ित पाए गए, जिन्हें टीके लगा दिए गए हैं, जबकि सौ से अधिक घायल पशुओं की मरहम-पट्टी कराई गई है। उन्होंने बताया कि बीमारी से जान गंवाने वाली गाय का गोशाला में ही पोस्टमार्टम कराकर शव को गड्ढे में दबवा दिया गया है।
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ब्रजघाट गोशाला में मृत मिली गाय
ब्रजघाट गोशाला में एसडीएम मीनू राणा ने बुधवार को निरीक्षण किया। इस दौरान एक गाय मृत मिली, जबकि 100 से अधिक पशु घायलावस्था में मिले। छाया की व्यवस्था न होने के कारण पशुओं को तपती धूप में रहना पड़ता है। जलनिकासी न होने से परिसर में पानी भरा रहता है।
एसडीएम मीनू राणा बुधवार को डिप्टी सीवीओ वीर सिंह के साथ गोशाला पहुंचीं। वहां गड़बड़ी सामने आने के साथ ही एक गाय मृत मिली। एसडीएम ने बताया कि छाया की व्यवस्था न होने से पशुओं को दिनभर धूप में खड़े रहना पड़ता है।
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जल निकासी न होने से गोशाला परिसर में जल भराव रहता है। इससे बरसात के दौरान पशुओं में कई तरह की संक्रामक बीमारी फैल सकती हैं। एसडीएम ने अधिकांश पशुओं के सामने भूसा पड़ा देख उन्हें नियमित तौर पर हरा चारा भी देने और सभी खामियों को जल्द से जल्द दूर कराने के कड़े निर्देश दिए।
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गोशाला प्रबंधक सतनारायण अग्रवाल ने गंदे पानी की निकासी को गोशाला परिसर तक सीवेज लाइन बिछवाने की मांग की। साथ ही पशुओं के चारे-पानी समेत रखरखाव में कोई लापरवाही न होने का वादा किया।
डिप्टी सीवीओ डॉ. वीर सिंह ने बताया कि चिकित्सा टीम ने 900 पशुओं को जानलेवा संक्रामक बीमारियों से बचाव के टीके लगाए हैं।
उन्होंने बताया कि जांच में तीन पशु गलाघोंटू बीमारी से पीड़ित पाए गए, जिन्हें टीके लगा दिए गए हैं, जबकि सौ से अधिक घायल पशुओं की मरहम-पट्टी कराई गई है। उन्होंने बताया कि बीमारी से जान गंवाने वाली गाय का गोशाला में ही पोस्टमार्टम कराकर शव को गड्ढे में दबवा दिया गया है।