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मोबाइल और लैपटॉप की जांच बनेगी अहम कड़ी
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मोबाइल और लैपटॉप की जांच बनेगी अहम कड़ी
गढ़मुक्तेश्वर। एनआईए की हिरासत में लिए गए तीनों लोग फिलहाल छूट गए हैं, लेकिन सिला उनके मोबाइल और लैपटॉप की जांच बेहद अहम कड़ी साबित हो सकती है।
सीरिया समेत खाड़ी के कई देशों में तबाही मचा रहे आतंकी संगठन आईएसआईएस के संपर्क में आए नवयुवकों ने समांतर ढंग में हरकत उल हर्ब ए इस्लाम संगठन बनाया हुआ है। इसका भंडाफोड़ नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने 26 दिसंबर को करते हुए दस लोगों को हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया था। इस कामयाबी के बाद एनआईए आईएसआईएस की तर्ज वाले मॉड्यूल पर बने संगठन के तार खंगालने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में बुधवार देर रात छापेमारी कर गढ़ क्षेत्र के गांव बदरखा से संजीद, अठसैनी से अफसार और आरिफ कमाल को हिरासत में लिया था। तीनों के घरों की बीरीकी से तलाशी लेने के बाद उन्हें कोतवाली लाकर कई घंटों तक पूछताछ की गई, लेकिन प्रथम दृष्ट्या कोई संलिप्तता पकड़ में न आने पर तीनों को छोड़ दिया। हालांकि तीनों ही लोगों के मोबाइल समेत एनआईए टीम एक लैपटॉप भी अपने साथ ले गई है। अगर मोबाइल और लैपटॉप से कोई सुराग मिलता है तो इन लोगों पर कार्रवाई संभव है। ग्राम प्रधानों की सुपुर्दगी में अपने घर लौटे तीनों लोगों को देख उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना न रहा। किसी भी कार्रवाई के बिना छूटकर घर पहुंचे संजीद, अफसार और आरिफ कमाल कहना है कि घर के अंदर दर्जनों हथियारबंद जवानों को देख कंपकंपी छुड़ाने वाली सर्दी के इस मौसम में भी उन्हें पसीना आ गया था। घर से कोतवाली लाए जाने के बाद भी काफी देर तक उनकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था। इसलिए वे चुपचाप ऊपर वाले से अपने लिए खैर की दुआ करते रहे।
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गढ़मुक्तेश्वर। एनआईए की हिरासत में लिए गए तीनों लोग फिलहाल छूट गए हैं, लेकिन सिला उनके मोबाइल और लैपटॉप की जांच बेहद अहम कड़ी साबित हो सकती है।
सीरिया समेत खाड़ी के कई देशों में तबाही मचा रहे आतंकी संगठन आईएसआईएस के संपर्क में आए नवयुवकों ने समांतर ढंग में हरकत उल हर्ब ए इस्लाम संगठन बनाया हुआ है। इसका भंडाफोड़ नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने 26 दिसंबर को करते हुए दस लोगों को हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया था। इस कामयाबी के बाद एनआईए आईएसआईएस की तर्ज वाले मॉड्यूल पर बने संगठन के तार खंगालने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में बुधवार देर रात छापेमारी कर गढ़ क्षेत्र के गांव बदरखा से संजीद, अठसैनी से अफसार और आरिफ कमाल को हिरासत में लिया था। तीनों के घरों की बीरीकी से तलाशी लेने के बाद उन्हें कोतवाली लाकर कई घंटों तक पूछताछ की गई, लेकिन प्रथम दृष्ट्या कोई संलिप्तता पकड़ में न आने पर तीनों को छोड़ दिया। हालांकि तीनों ही लोगों के मोबाइल समेत एनआईए टीम एक लैपटॉप भी अपने साथ ले गई है। अगर मोबाइल और लैपटॉप से कोई सुराग मिलता है तो इन लोगों पर कार्रवाई संभव है। ग्राम प्रधानों की सुपुर्दगी में अपने घर लौटे तीनों लोगों को देख उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना न रहा। किसी भी कार्रवाई के बिना छूटकर घर पहुंचे संजीद, अफसार और आरिफ कमाल कहना है कि घर के अंदर दर्जनों हथियारबंद जवानों को देख कंपकंपी छुड़ाने वाली सर्दी के इस मौसम में भी उन्हें पसीना आ गया था। घर से कोतवाली लाए जाने के बाद भी काफी देर तक उनकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था। इसलिए वे चुपचाप ऊपर वाले से अपने लिए खैर की दुआ करते रहे।