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जिले में काबू से बाहर हुआ मलेरिया, 19 नए मरीज मिले
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:36 AM IST
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जिले में बेकाबू हो रहा मलेरिया, 19 नए मरीज मिले
हापुड़। जिले में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी अस्पताल में जांच के बाद 19 नए मरीज मिले हैं, जिले में अब मलेरिया मरीजों की संख्या 130 हो गई है। मामले की गंभीरता पर सीएमओ ने डीएमओ के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन कर, बुखार से पीड़ित मरीजों का रेपी टेस्ट किट से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में इस बार डेंगू, चिकनगुनिया का प्रकोप कम देखने को मिला है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सिर्फ तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि चिकन गुनिया का कोई मरीज पॉजीटिव नहीं मिला है। लेकिन इस बार मलेरिया ने जमकर लोगों के स्वास्थ्य की कमर तोड़ी है। आलम यह है कि जिले के चारों विकास खंडों से अभी तक 130 मलेरिया पॉजीटिव मरीज मिल चुके हैं। इन मरीजों में पुष्टि गढ़ रोड स्थित सीएचसी की लैब ने की है। गनीमत यह है कि इन सभी मरीजों में साधारण मलेरिया मिला है, जिसके चलते उनके स्वास्थ्य में सुधार है। किसी भी मरीज में दिमागी बुखार के लक्षण नहीं मिले हैं।
बहरहाल, मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को कम करने के लिए सीएमओ ने डीएमओ के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन किया है। यह टीम गांव, शहर में भ्रमण कर बुखार से पीड़ित मरीजों के स्वास्थ्य का जायजा लेंगी। मरीजों की तत्काल जांच के लिए रेपी टेस्ट किट का सहारा लिया जाएगा। इसमें पॉजीटिव आने पर मरीज का सैंपल सीएचसी स्थित लैब भेजा जाएगा।
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मलेरिया से पीड़ित मरीजों की स्थिति-
ब्लॉक मरीजों की संख्या
गढ़मुक्तेश्वर 62
सिंभावली 44
धौलाना 15
हापुड़ 09
क्या हैं मलेरिया के लक्ष्ण
- ठंड के साथ तेज बुखार होना।
- कमजोरी के साथ चक्कर आना।
- उल्टी आना, सांस लेने में समस्या होना।
-यह बरतें सावधानी-
*मच्छरों से बचने के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
*दिन के समय पूरे कपड़े पहने, जूते आदि भी पहनें।
*समस्या होने पर त्वरित उपचार कराएं, बिना चिकित्सक की सलाह के दवा न लें।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि जनपद में धीरे धीरे मलेरिया का प्रकोप खत्म हो रहा है। डीएमओ के नेतृत्व में पांच टीमें बनाई गई हैं, क्षेत्र में भेजकर फॉगिंग आदि करायी जा रही है। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है।
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हापुड़। जिले में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी अस्पताल में जांच के बाद 19 नए मरीज मिले हैं, जिले में अब मलेरिया मरीजों की संख्या 130 हो गई है। मामले की गंभीरता पर सीएमओ ने डीएमओ के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन कर, बुखार से पीड़ित मरीजों का रेपी टेस्ट किट से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में इस बार डेंगू, चिकनगुनिया का प्रकोप कम देखने को मिला है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सिर्फ तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि चिकन गुनिया का कोई मरीज पॉजीटिव नहीं मिला है। लेकिन इस बार मलेरिया ने जमकर लोगों के स्वास्थ्य की कमर तोड़ी है। आलम यह है कि जिले के चारों विकास खंडों से अभी तक 130 मलेरिया पॉजीटिव मरीज मिल चुके हैं। इन मरीजों में पुष्टि गढ़ रोड स्थित सीएचसी की लैब ने की है। गनीमत यह है कि इन सभी मरीजों में साधारण मलेरिया मिला है, जिसके चलते उनके स्वास्थ्य में सुधार है। किसी भी मरीज में दिमागी बुखार के लक्षण नहीं मिले हैं।
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बहरहाल, मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को कम करने के लिए सीएमओ ने डीएमओ के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन किया है। यह टीम गांव, शहर में भ्रमण कर बुखार से पीड़ित मरीजों के स्वास्थ्य का जायजा लेंगी। मरीजों की तत्काल जांच के लिए रेपी टेस्ट किट का सहारा लिया जाएगा। इसमें पॉजीटिव आने पर मरीज का सैंपल सीएचसी स्थित लैब भेजा जाएगा।
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मलेरिया से पीड़ित मरीजों की स्थिति-
ब्लॉक मरीजों की संख्या
गढ़मुक्तेश्वर 62
सिंभावली 44
धौलाना 15
हापुड़ 09
क्या हैं मलेरिया के लक्ष्ण
- ठंड के साथ तेज बुखार होना।
- कमजोरी के साथ चक्कर आना।
- उल्टी आना, सांस लेने में समस्या होना।
-यह बरतें सावधानी-
*मच्छरों से बचने के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
*दिन के समय पूरे कपड़े पहने, जूते आदि भी पहनें।
*समस्या होने पर त्वरित उपचार कराएं, बिना चिकित्सक की सलाह के दवा न लें।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि जनपद में धीरे धीरे मलेरिया का प्रकोप खत्म हो रहा है। डीएमओ के नेतृत्व में पांच टीमें बनाई गई हैं, क्षेत्र में भेजकर फॉगिंग आदि करायी जा रही है। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है।